कुशल की कक्षा के विज्ञान विषय के अध्यापक किसी दूसरे विद्यालय से बदल कर आए थे। वह बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ हर रोज उनका बिना बताए किसी न किसी प्रश्न का टैस्ट लेते रहते थे। हर बच्चे के टैस्ट में आने वाले अंकों को वह अपनी कापी में लिख लेते लेकिन किसी बच्चे को कुछ नहीं बताते।
सभी बच्चे हैरान थे कि केवल यही अध्यापक हर रोज टैस्ट क्यों लेते हैं और टैस्ट में आए अंकों को अपनी कापी में लिखकर न तो किसी बच्चे को कुछ बताते हैं और न ही कुछ कहते हैं।
सभी बच्चे एक-दूसरे से इस बाबत अपनी जिज्ञासा जाहिर करते परंतु कोई भी इसका कारण समझ न पाया था।
अब फैसला आपका
एक दिन कक्षा के कुछ मेधावी बच्चों ने विज्ञान अध्यापक से पूछा, “सर, आप हर रोज टैस्ट क्यों लेते हैं? आप टैस्ट में आए अंकों को अपनी कापी में लिखते तो रहते हैं परंतु बच्चों को बताते क्यों नहीं। कक्षा के सभी बच्चे आपसे यह जानना चाहते हैं परंतु वे आपसे डरते हुए पूछते नहीं।”
अध्यापक ने हंसते हुए कहा, “बच्चो, घबराओ मत, प्रतीक्षा करो, एक दिन सब कुछ आपके सामने आ ही जाएगा।”
बच्चे अध्यापक का उत्तर सुनकर और भी घबरा गए। वे सोचने लगे कि हो सकता है कि अध्यापक हमारे मम्मी-पापा को स्कूल बुलाकर उन्हें हमारी शिकायत करें। उन्हें कहें कि वे पढ़ते नहीं हैं।
उस दिन तो कक्षा के सभी बच्चों को और भी अधिक हैरानी हुई, जिस दिन अध्यापक ने एक-एक बच्चे को बुलाकर यह पूछना शुरू किया कि किस-किस बच्चे के पास अपना मोबाइल है। कौन-कौन सा बच्चा अपने माता-पिता और बड़े भाई-बहन का फोन चलाता है।
उन्होंने सब कुछ अपनी कापी में लिखते हुए बच्चों से यह भी पूछ कि कौन-कौन बच्चा यूट्यूब चलाता है, कौन वीडियो गेम्स खेलता है और कौन पढ़ते हुए गूगल का प्रयोग करता है।
अध्यापक ने आखिर में यह भी कहा कि यदि कोई भी बच्चा गलत जानकारी देगा तो उसके माता-पिता को स्कूल बुलाकर उसके बारे में पूछा जाएगा।
अध्यापक से डरते हुए किसी भी बच्चे ने गलत जानकारी नहीं दी। एक दिन अध्यापक ने बच्चों को अपना-अपना मोबाइल फोन स्कूल लाने को कहा। कुछ बच्चों को छोड़ कर सभी बच्चे अपना-अपना मोबाइल फोन ले आए। अध्यापक ने अपनी कापी निकालकर एक- एक को यू-ट्यूब चलाकर वीडियो गेम खेलकर तथा गूगल का प्रयोग करके दिखाने को कहा। सभी बच्चों ने अपनी-अपनी बारी के अनुसार अपने मोबाइल के ज्ञान की जानकारी दे दी।
उसके पश्चात अध्यापक ने सभी बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “बच्चो, आप जानना चाहते थे कि मैं आपके टैस्ट क्यों ले रहा हूं। आज मैं आपको बताता हूं इसकी वजह।”

उन्होंने सभी बच्चों के टैस्टों में आए अंकों की जानकारी देते हुए कहा, “जो बच्चे यू-ट्यूब चलाते हैं, वीडियो गेम्स खेलते हैं, वे पढ़ाई में पीछे हैं। जो गूगल का प्रयोग करते हैं, वे अपने दिमाग का प्रयोग कम करते हैं, जो मेधावी बच्चे यू-ट्यूब चलाते हैं, वीडियो गेम्स खेलते हैं और गूगल का प्रयोग करते हैं, उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “बच्चो, मैं आपको बताना चाहता हूं कि विज्ञान ने मोबाइल का निर्माण तो कर दिया परन्तु इसके उपयोग का निर्णय हमने लेना है। अभी आपकी आयु पढ़ाई की ओर ध्यान देने की है न कि मोबाइल के दुरुपयोग की। अब फैसला आपका है।”
अध्यापक की बातें सुनकर सभी बच्चों की आंखें खुल गईं और वे मोबाइल के सदुपयोग के विषय में सोचने लगे।
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