Motivational Hindi Bal Kavita कुछ बनो

Motivational Hindi Bal Kavita कुछ बनो

तुम भी तो कुछ बनो
हौले से बोली ठंडी बयार।

सुबह हुई उठ तैयार,
करने को कुछ काम, व्यवहार।

न सोचो है आज रविवार,
न सोचो है त्यौहार।

पल-पल से बने हैं
घण्टे और घण्टो से बना दिन।

हर दिन की कीमत तू जान,
कर मेहनत बना अपनी पहचान।

~ गुर सिमरन सिंह (आठवी ‘ड’) St. Gregorios School, Gregorios Nagar, Sector 11, Dwarka, New Delhi

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