देखो, एक मदारी आया,संग में अपने बन्दर लाया।
डम-डम डमरू बजा रहा है,
बन्दर को वह नचा रहा है।
चली बन्दरिया देकर ताने,
बन्दर उसको लगा मनाने।
दोनों ने मिल रंग जमाया,
अपना-अपना नाच दिखाया।
देखो, एक मदारी आया,डम-डम डमरू बजा रहा है,
बन्दर को वह नचा रहा है।
चली बन्दरिया देकर ताने,
बन्दर उसको लगा मनाने।
दोनों ने मिल रंग जमाया,
अपना-अपना नाच दिखाया।
In India 5th September is celebrated as Teacher’s Day as a mark of tribute to …