अनार तेरे गुण अनेक-Benefits of Pomegranate
विश्व भर में काबुल तथा कंधार के लाल अनार सबसे उत्तम होते हैं।
इस फल का सब कुछ उपयोग में आता है। पूरा फल, बीज, फूल, छाल सब में औषधीय गुण हैं:
- यदि पेट में चपटे कृमि हो जाएं तो इस पेड़ की जड़ का चूर्ण खाना चाहिए। कृमि मर कर शौच से बाहर हो जाएंगे।
- गर्मी का बुखार हो जाने पर अनार का रस (जूस) निकाल कर शहद में मिला कर पिलाएं। दिन में दो गिलास दो-तीन दिन अवश्य दें। बुखार उतर जाने पर भी एक दो दिन दें।
- नींद न आने की शिकायत में भी अनार रस पिलाएं।
- जिसे बेचैनी हो तो वह अनार खाए। रस पियें।
- वात या पित्त अथवा वात और पित्त के रोगी को खट्टे अनार का आधा कप रस, दो बार प्रतिदिन दें।
- त्रिदोष हो जाने पर मीठा अनार खिलाते हैं तथा इसका जूस भी पिलाया जाता है।
- यदि खूनी बवासीर से परेशान हो तो अनार के सूखे छिलकों का चूर्ण लें। इसे ताजा जल से सेवन करें। दिन में दो खुराक। जब तक ठीक ना हों।
- नकसीर में अनार के फूल का स्वरस दो-दो बूँद नाक में डालें। दिन में चार बार। लाभ होगा।
— सुदर्शन भाटिया
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