What was the need to be careful when being careless was just enough, thought Rimi. Rimi was engaged in a massive search. She could not find her box of colours or her school uniform for Saturday. Her mother was busy repeating the same lecture she gave every morning. But Rimi didn’t bother to listen, as she was busy searching. A …
Read More »गणित का डर: वीर राजा की कहानी जो गणित से हार गया
गणित का डर: बहुत समय पहले की बात है बुद्धीनगर नाम के राज्य में एक राजा रहा करता था। राज्य के नाम के अनुसार ही वहाँ पर रहने वाले सब बड़े बुद्धिमान थे और किसी भी मुसीबत का हल चुटकियों में निकाल लेते थे। पर बुद्धीनगर का राजा, जिसका नाम तो था वीरसेन, बड़ा डरपोक था। वह अपने नाम के …
Read More »The Loving Sister: C. Schmid Heart Touching Short Story
The Loving Sister: A rich lady had adopted a poor orphan girl, who was very devoted, obedient, laborious, and always happy and kind. One day the lady said to her: “Annie, you are a good girl and therefore for Christmas I shall buy some new clothes for you. I have already spoken to the shopkeeper about it. Here is the …
Read More »अपना हाथ जगन्नाथ: दर्शन सिंह आशट की शिक्षाप्रद बाल कहानी
अपना हाथ जगन्नाथ: बल्लू के पास काफी जमीन-जायदाद थी लेकिन काम करने से वह मन चुराता था। अक्सर गलियों में डंडे बजाता नजर आता। वास्तव में यह सारी जमीन जायदाद उसके पिता और दादा ने अपनी कड़ी मेहनत से बनाई थी। उनकी मौत के पश्चात अब वह उस जायदाद को कौडियों के भाव बेचने लगा। नतीजा यह निकला कि नौकरों-चाकरों …
Read More »असलियत: घरवालों से झूठ बोलकर ठंड में ठिठुरते बच्चे की मदद की कहानी
असलियत: समनीत अब सातवीं कक्षा में थी। उसके पिताजी रिक्शा चालक थे। एक सुबह समनीत स्कूल के गेट पर पहुंची तो उसने वहां एक छोटे से लड़के को देखा। उसकी एक बाजू नहीं थी। वह कुछ सामान बेच रहा था। उसके पास गुब्बारे, पैंसिलें, रबड़ें, कुछ कापियां और कुछ छोटे-छोटे खिलौने भी थे। उसने वी शेप की अपनी पुरानी सी …
Read More »मन्नत की दीवाली: अनाथालय के बच्चों के साथ दीवाली का त्योहार
मन्नत की दीवाली: मैं आपसे कब से कह रही हूँ, पर आप मुझे इस दिवाली पर नई पेंसिल, नए पेन और नया बस्ता दिलवा ही नहीं रही है… मन्नत ने गुस्से से अपनी माँ से कहा। माँ भी दिवाली नज़दीक आने के कारण घर की साफ़ सफ़ाई कर रही थीI सुबह से लगातार काम करते हुए वो भी बुरी तरह …
Read More »दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: शिक्षाप्रद कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: “ऑनलाइन शॉपिंग का क्या बुखार चढ़ा है तुम्हें”? रोहित आशीष के कमरे में घुसता हुआ बोला। “हा हा… कितने आराम से सभी चीज़े घर बैठे मिल जाती है और वो भी बहुत सस्ती” आशीष हँसते हुए बोला। दिवाली की ऑनलाइन शॉपिंग: मंजरी शुक्ला “वो तो ठीक है, पर इसका मतलब ये तो नहीं कि तू पेन …
Read More »दिवाली की सच्ची रोशनी: प्रेरक लघुकथा विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
दिवाली की सच्ची रोशनी: पुराने समय की बात है। महीप नगर में रतनचंद और माणिकदत्त नामक दो व्यापारी रहते थे। दोनों ही नगर के सबसे अमीर व्यक्ति थे। वहां के राजा महीपाल बड़े ही न्यायप्रिय एवं प्रजा बत्सल थे। राजा को तरह-तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित करने का विशेष शौक था। एक बार दिवाली के समय उन्होंने घोषणा करवाई कि दिवाली …
Read More »दिवाली के दिए: दिल छू लेने वाली कहानी विद्यार्थियों और बच्चों के लिए
दिवाली के दिए: पखवाड़े बाद दिवाली थी। सारा शहर दीवाली के स्वागत में रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं चीनी मिटटी के बर्तन बिक रहे थे तो कहीं मिठाई की दुकानो से आने वाली मन भावन सुगंध लालायित कर रही थी। दिवाली के दिए उसका दिल दुकान में घुसने का कर रहा था और मस्तिष्क तंग जेब के यथार्थ का बोध …
Read More »चूहों की दिवाली: चतुर चूहों की चटपटी कहानी
चूहों की दिवाली: जब से चूहों को पता चला था कि दिवाली आने वाली है तो उनमें कानाफूसी शुरू हो गई थी। सबने मिलकर एक शाम को एक मीटिंग करने का निश्चय किया। छोटा चूहा, मोटा चूहा, लम्बा चूहा, नाटा चूहा, कोई भी नहीं छूटा… सब भागते हुए मीटिंग अटेंड करने जा पहुँचे थे। मीटिंग की राय देने वाले नाटू चूहे की तो ख़ुशी …
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