Poems In Hindi

बच्चों की हिन्दी कविताएं — 4to40 का हिन्दी कविताओ का संग्रह | Hindi Poems for Kids — A collection of Hindi poems for children. पढ़िए कुछ मजेदार, चुलबुली, नन्ही और बड़ी हिंदी कविताएँ. इस संग्रह में आप को बच्चो और बड़ो के लिए ढेर सारी कविताएँ मिलेंगी.

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया: गणपति विसर्जन पर फ़िल्मी भजन

गणपती बाप्पा मोरया भजन: हरिहरन गणपती बाप्पा मोरया भजन, पुढच्या वर्षी लवकर या (गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ गणपती बाप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ) मेरे मन मंदिर में तुम भगवान रहे मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे मेरे घर में कितने दिन मेहमान रहे हो… मेरे दुःख से तुम कैसे अनजान रहे (गणपती बाप्पा …

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यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली। किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥ यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता। उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता॥ वहीं …

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ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

देव! तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं सेवा में बहुमूल्य भेंट वे कई रंग की लाते हैं। धूमधाम से साज-बाज से वे मंदिर में आते हैं मुक्तामणि बहुमुल्य वस्तुऐं लाकर तुम्हें चढ़ाते हैं। ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान मैं ही हूँ गरीबिनी ऐसी जो कुछ साथ नहीं लाई फिर भी साहस कर मंदिर में पूजा …

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सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान की हिंदी बाल-कविता

सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान

सभा सभा का खेल आज हम, खेलेंगे जीजी आओ। मैं गांधी जी छोटे नेहरू, तुम सरोजिनी बन जाओ॥ सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान मेरा तो सब काम लंगोटी, गमछे से चल जायेगा। छोटे भी खद्दर का कुर्ता, पेटी से ले आयेगा॥ लेकिन जीजी तुम्हें चाहिये, एक बहुत बढ़िया सारी। वह तुम मां से ही ले लेना, आज सभा होगी …

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सिपाही: वीर जवानों की शहादत पर भावुक कर देने वाली कविता

सिपाही: वीर जवानों की शहादत पर भावुक कर देने वाली कविता

अजय देवगन ने ‘मनोज मुंतशिर’ की नई कविता में बयां किया वीर जवानों की शहादत की भावुक कर देने वाली कहानी बॉलीवुड में अपने दमदार अभिनय का लोहा मनवाने वाले एक्टर अजय देवगन इंडस्ट्री के जाने माने एक्टर हैं। अजय ने अपने करियर में अबतक कई तरह के रोल को पर्दे पर जिया है। अजय न सिर्फ एक अच्छे एक्टर …

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जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: राष्ट्र कवि मैथिली शरण गुप्त

जयद्रथ वध: मैथिली शरण गुप्त जी के काव्य में मानव-जीवन की प्रायः सभी अवस्थाओं एवं परिस्थितियों का वर्णन हुआ है। अतः इनकी रचनाओं में सभी रसों के उदाहरण मिलते हैं। प्रबन्ध काव्य लिखने में गुप्त जी को सर्वाधिक सफलता प्राप्त हुई है। मैथिली शरण गुप्त जी की प्रसिद्ध काव्य-रचनाएँ – साकेत, यशोधरा, द्वापर, सिद्धराज, पंचवटी, जयद्रथ-वध, भारत-भारती, आदि हैं। भारत …

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डैडी जी मेरी मम्मी को सताना नहीं अच्छा: राजेंद्र कृष्ण

Father's Day Special Old Classic Hindi Song डैडी जी मेरी मम्मी को सताना नहीं अच्छा

राजेंद्र कृष्ण का पूरा नाम राजेंद्र कृष्ण दुग्गल था। कविता का कीड़ा बचपन से काट गया था, इसलिए मन बहुत कुछ कहना चाहता था। डायरियों के पन्नों पर मन का उलझाव दर्ज करते रहे और कविता, शायरी, ग़ज़ल जैसा कुछ रचने लगे। साहित्य ठीक से पढ़ा, जब 1942 में शिमला की म्युनिसिपल कार्पोरेशन में क्लर्क हो गए। थोड़ी झिझक मिटी, …

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प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय की वीर रस हिंदी कविता

प्रताप की प्रतिज्ञा - श्याम नारायण पांडेय

प्रताप की प्रतिज्ञा: श्याम नारायण पांडेय – Man Singh, a Rajput, ( “Maan” in first line of third stanza) had aligned with Emperor Akbar of Delhi and had attacked Rana Pratap’s kingdom of Mewar. Rana Pratap kept fighting and resisting this assault. His velour and that of his legendary horse “Chetak” has been immortalized by famous poet Shyam Narayan Pandey in …

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कुँआरी मुट्ठी: कन्हैया लाल सेठिया वीर रस कविता

कुँआरी मुट्ठी: कन्हैया लाल सेठिया वीर रस कविता

War has an important role in Nation building. A nation that has not experienced war becomes weaker. War ensures peace. This is the perspective on war provided by the well-known poet Kanhaiyalal Sethia. कुँआरी मुट्ठी: कन्हैया लाल सेठिया युद्ध नहीं है नाश मात्र ही युद्ध स्वयं निर्माता है, लड़ा न जिस ने युद्ध राष्ट्र वह कच्चा ही रह जाता है, …

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पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया की महाराणा प्रताप पर राजस्थानी वीर रस कविता

Kanhaiyalal Sethia Rajasthani Classic Poem about Rana Pratap पीथल और पाथल

पीथल और पाथल: कन्हैयालाल सेठिया – You may have read Shyam Narayan Pandey’s classic epic “Haldighati”. Three excerpts from that great work are available on this site. Many readers had asked me to include a Rajasthani classic poem on the same theme by the great poet Kanhaiyalal Sethia, but I could not find that poem any where. Fortunately one reader …

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