मोटापे का मकड़जाल: Web of Obesity

मोटापे का मकड़जाल: Web of Obesity

शरीर की वह अवस्था, जिसमें शरीर स्वयं को असामान्य अनुभव करता है और अपने नित्य के सामान्य कार्यों को ठीक से नहीं कर पाता, रोगी अवस्था कहलाती है। हमारे गलत खान-पान, गलत आचार-व्यवहार व गलत सोच-विचार से शरीर का पाचन तंत्र, ग्रन्थि-स्राव प्रणाली व स्नायु-तंत्र बिगड़ जाते हैं और शरीर में अनेक रोग आ जाते हैं, जिनमें से एक रोग है मोटापा (Obesity or fatness)। जब हमारे शरीर का भार लम्बाई के अनुपात से अधिक बढ़ जाता है, तब शरीर मोटा कहलाता है।

मोटापे के अनेक कारण हैं, जिनमें प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं – (1) अत्यधिक भोजन, (2) आरामतलब जीवन, (3) पैतृक विरासत

अत्यधिक भोजन:

  • एक बार किया हुआ भोजन पचने से पहले पुनः बार-बार भोजन करना।
  • भोजन में कार्बोहाइड्रेट व चिकनाई का बहुत अधिक मात्रा में प्रयोग करना।
  • बिना चबाये हुए भोजन करना।
  • फल व सब्जियों का सेवन न करना।
  • हानिकारक रसायनों से युक्त डिब्बा बन्द पदार्थों का उपयोग।
  • भूख मिटाने के लिए खाने के बजाय स्वाद के लिये खाना, मन की अशांत अवस्था (भय, क्रोध, आदि) में खाना—इन सबसे हमारा पाचन-तंत्र बिगड़ जाता है। भोजन ठीक से नहीं पचता। बिना पचा हुआ भोजन मल (विजातीय द्रव्य) के रूप में शरीर में पड़ा सड़ता रहता है और शरीर के अंगों पर, विशेष रूप से पेट पर चर्बी बढ़ती जाती है।

आरामतलब जीवन:

  • शारीरिक परिश्रम से जी चुराना।
  • हर समय वाहन का प्रयोग करना, बिल्कुल पैदल न चलना।
  • शरीर को अधिक से अधिक आराम के साधनों की आदत डालना।
  • किसी भी प्रकार का शारीरिक व्यायाम न करना।
  • पसीना लाने वाले कार्य न करना।
  • अधिक से अधिक बैठने वाले कार्य ही करना।

खा-पीकर बस पड़े रहने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे रक्त में ग्लूकोज को जज्ब करने की क्षमता घट जाती है। शरीर में ताजगी, चुस्ती, स्फूर्ति व कार्य करने की क्षमता घट जाती है।

पैतृक विरासत:

  • सभी मोटे माता या पिता के बालक भी मोटे ही हों, यह जरूरी नहीं। लेकिन 50% में इसका प्रभाव दिखाई देता है।
  • पिट्यूटरी, थायरॉयड व एड्रीनल ग्रन्थियों के अनियमित स्राव के कारण भी मोटापा बढ़ता है, विशेषकर थायरॉयड ग्रन्थि के कारण।
  • प्यार के अभाव की पूर्ति के लिए कई बार स्त्रियां अधिक भोजन करने लगती हैं। यह मोटापे का एक मनोवैज्ञानिक कारण है। गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग भी माताओं में मोटापे का एक कारण है।
  • मानसिक तनाव दूर करने वाली दवाइयों व नशे की दवाइयों भी शरीर में शिथिलता व स्थूलता लाकर मोटापे का कारण बनती हैं। मोटापा स्वयं में तो कोई भयंकर रोग नहीं है, किंतु इसके कारण शरीर में अनेक भयंकर रोग आ जाते हैं। मोटापा एक होटल के कमरे की तरह है, जो सभी रोगों को अपने यहां आकर ठहरने का निमंत्रण देता है। मोटापे से शरीर में होने वाले रोगों में उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कब्ज, बवासीर, जोड़ों में दर्द, गैस, अपच, मधुमेह, गठिया, पक्षाघात, श्वास व दमे के रोग, रीढ़ में दर्द, गुर्दे का दर्द, जिगर के रोग, मस्तिष्क की दुर्बलता, बहुमूत्र, हड्डियों की कमजोरी, आत्म-विश्वास में कमी, घाव देर से भरना आदि हैं।

मोटापे के कारणों का निवारण करके इससे मुक्ति पाई जा सकती है। भोजन पर नियंत्रण, नियमित योगाभ्यास व दृढ़ इच्छा-शक्ति से मोटापा दूर हो जाता है।

भोजन:

  • कड़ाक भूख लगने पर ही खायें। रोटी से पहले सलाद खूब चबा-चबा कर खायें और उससे ही पेट भर लें। बाद में 1-2 खुराक चपाती उबली हुई कम मिर्च-मसाले वाली सब्जी के साथ खायें।
  • भोजन में विटामिन, खनिज लवण व प्रोटीन की उचित मात्रा बनाए रखें।
  • कार्बोहाइड्रेट्स (अनाज, मीठा आदि) व चिकनाई को धीरे-धीरे घटाते हुए कम करें। भूखे नहीं रहना है, अपितु भोजन की मात्रा कम करनी है।
  • बार-बार न खायें। दो ठोस भोजन में 4-5 घंटे व तरल भोजन में 1½ घंटे का फर्क रखें।
  • भोजन के साथ ठंडे पानी का प्रयोग न करें। 15-20 मिनट पहले थोड़ा-सा पानी पीयें व भोजन के 40-45 मिनट बाद में पानी पीयें।
  • अधिक तले, भुने, डिब्बा बंद पदार्थ व नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
  • सायंकाल का भोजन सूर्यास्त होने के एक घंटे के अन्दर अवश्य कर लें।

योगाभ्यास:

  • सप्ताह में एक या दो बार कुंजल व एनीमा करें।
  • योग साधना केन्द्र में नियमित आसनों का अभ्यास करें। निम्नलिखित आसन बहुत लाभदायक हैं – त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार, गतात्मक पश्चिमोत्तानासन, पश्चिमोत्तानासन, योगमुद्रा, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, सुप्तवज्रासन, गतात्मक नौकासन, सर्पासन, उत्तानपादहस्तासन, मकरासन, कमरचक्रासन, शवासन। इनमें से 4-5 आसनों का चयन करके खूब अभ्यास करें।
  • अग्निसार प्राणायाम, उड्डियान बंध, कपालभाति प्राणायाम व भस्त्रिका प्राणायाम (सर्दियों में) का अभ्यास करें।
    अपने शरीर से मोटापे को दूर करने का दृढ़ निश्चय करें। मन में निराशा को स्थान न दें। सदा आशावादी बनें। दूसरों की सेवा का भाव अपने भीतर जगायें। सबके साथ सद्व्यवहार करें। मन को शांत बनाए रखें। जीवन में निरंतर सत्कर्म करते हुए धीरे-धीरे निष्काम कर्म की ओर बढ़ें। अति परिश्रमी बनने की आदत बनाएं।

दिनचर्या:

प्रातः उठते ही गिलास गर्म पानी में एक नींबू निचोड़ कर पीयें। यदि आवश्यक हो तो 1-2 छोटे चम्मच शहद मिलाकर पीयें।

नित्य कर्म, स्नानादि से निवृत कर योग साधना केन्द्र पर जाकर योगाभ्यास करें।

योगाभ्यास से लौटने के पश्चात् सफेद पेठे का 200 ग्राम ताजा रस लें या धनिया, खीरा, गाजर में से किसी एक का रस लें। 50 ग्राम ताजे आलू का रस 50 ग्राम पानी मिलाकर पीने से मोटापा कम करने में बहुत मदद मिलती है। ध्यान रहे कि आलू कच्चा न हो। हरे रंग का आलू कच्चा होता है।

9 – 10 बजे अल्पाहार में अंकुरित अन्न थोड़ी मात्रा में खूब चबा-चबा कर खायें। साथ में सफेद दूध लें या संतरा दूध की दही की लस्सी काली मिर्च डालकर लें। दोपहर के भोजन में भरपेट सलाद चबा-चबा कर खायें। बाद में खुराक फुल्का हरी उबली सब्जी के साथ लें।
सायंकाल के भोजन में भी गरिष्ठ व तली हुई चीजें न खायें। मौसम के ताजे रसभरे फलों का नित्य भोजन से एक घंटा पहले सेवन करें। महीने में 2-3 बार उपवास करें। केवल फल व सब्जियों का रस सेवन करें। दोपहर के भोजन के पश्चात् थोड़ा विश्राम अवश्य करें। सायंकाल के भोजन के पश्चात् आधा घंटा सैर करें। भोजन में अम्लीय पदार्थों का कम और क्षारीय पदार्थों का अधिक सेवन करें।

दोनों समय के भोजन के तुरंत बाद एक कप खूब गरम-गरम पानी घूंट-घूंट कर पीने से मोटापा घट जाता है। यह प्रयोग केवल 60 दिन लगातार करें।

Check Also

The Weight: 2026 Russell Crowe Hollywood Historical Action Thriller Film Trailer & Review

The Weight: 2026 Russell Crowe Hollywood Historical Action Thriller Film Trailer & Review

Movie Name: The Weight Directed by: Padraic McKinley Starring: Ethan Hawke, Julia Jones, Austin Amelio, …

Leave a Reply