तेजी से न वाहन चलाएं: बहुत तेजी से वाहन चलाने से किसी अन्य कार या पैदल यात्री से टकराने की संभावना बढ़ जाती है, वाहन चलाते समय आपका नियंत्रण कम हो जाता है, तथा इससे होने वाली टक्कर की गंभीरता बढ़ जाती है।
गति सीमा बनाए रखने के लाभ:
सबसे पहले, यह दुर्घटनाओं की संभावना को कम करके और चोटों की गंभीरता को कम करके ड्राइवरों, यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। दूसरे, गति सीमा का पालन करने से यातायात का सुचारू प्रवाह होता है, भीड़भाड़ कम होती है और सभी के लिए यात्रा का समय बेहतर होता है।
तेज़ गति से गाड़ी चलाने से सड़क पर चलने वाले सभी लोगों को खतरा है: 2023 में, तेज़ गति से गाड़ी चलाने से 11,775 लोगों की मौत हुई। हम सभी आधुनिक जीवन की परेशानियों और व्यस्त दिनचर्या से वाकिफ़ हैं, लेकिन सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए गति सीमाएँ निर्धारित की जाती हैं। तेज़ गति से गाड़ी चलाने के खतरों के बारे में जानें और जानें कि तेज़ गति का मतलब सुरक्षित क्यों नहीं है।
तेजी से न वाहन चलाएं: राम प्रसाद शर्मा
तेजी से न वाहन चलाएं,
दुर्घटना को न पास बुलाएं।
सड़क नियमों का रखना ध्यान,
खुले रखो तुम आंख व कान।
बाएं हाथ चलना सुखकर,
हो न सकेगी कोई टक्कर।
शराब पीकर गाड़ी चलाना,
मानो मौत को है बुलाना।
समय पर तुम हार्न बजाओ,
सचेत सबको तुम कर जाओ।
स्मार्ट फोन पर बातें करते,
वाहन चालक कई मरते।
बिगड़ी गाड़ी ठीक कराओ,
भूल कर भी न उसे चलाओ।
वाहन के पहिए जब घिस जाएं,
बिना देरी उन्हें बदलाएं।
कहे प्रसाद सतर्क रहो,
नियम ये सारे तुम गहो।
सीमित सुरक्षित गति प्यारी,
होती मानो बड़ी न्यारी।
~ ‘तेजी से न वाहन चलाएं‘ hindi poem by ‘राम प्रसाद शर्मा‘
नतीजे:
तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाना सिर्फ़ कानून तोड़ना नहीं है। इसके परिणाम बहुत दूरगामी हैं:
- वाहन पर नियंत्रण खोने की अधिक संभावना;
- यात्री सुरक्षा उपकरणों की प्रभावशीलता में कमी;
- चालक को खतरा महसूस होने के बाद रुकने की दूरी बढ़ जाती है;
- दुर्घटना की गंभीरता में वृद्धि के कारण अधिक गंभीर चोटें हो सकती हैं;
- गति-संबंधित दुर्घटना के आर्थिक निहितार्थ; और
- ईंधन की खपत / लागत में वृद्धि
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