Yearly Archives: 2017

NRI अनिवासी भारतीयों पर हास्य कविता

NRI अनिवासी भारतीयों पर हास्य कविता

न इधर के रहे न उधर के रहे बीच में ही हमेशा लटकते रहे न इंडिया को भुला सके न विदेश को अपना सके एन आर आई बन के काम चलाते रहे न हिंदी को छोड़ सके न अंग्रेजी को पकड़ सके देसी एक्सेंट में गोरों को कन्फयूज़ करते रहे न शौटर््स पहन सके न सलवार कमीज छोड़ सके जींस …

Read More »

Collection of Nida Fazli Couplets निदा फाजली के दोहे 2

Collection of Nida Fazli Couplets निदा फाजली के दोहे 2

मैं भी तू भी यात्री, आती जाती रेल अपने अपने गाँव तक, सब का सब से मेल। बूढ़ा पीपल घाट का, बतियाये दिन रात जो भी गुजरे पास से, सर पर रख दे हाथ। जादू टोना रोज का, बच्चों का व्यवहार छोटी सी एक गेंद में, भर दें सब संसार। छोटा कर के देखिये, जीवन का विस्तार आँखों भर आकाश …

Read More »

होली के दिन दिल खिल जाते हैं – आनंद बक्षी

होली के दिन दिल खिल जाते हैं - आनंद बक्षी

चलो सहेली चलो रे साथी ओ पकड़ो-पकड़ो रे इसे न छोड़ो अरे बैंया न मोड़ो ज़रा ठहर जा भाभी जा रे सराबी क्या हो राजा गली में आजा होली रे होली भंग की गोली ओ नखरे वाली दूँगी मैं गाली ओ राअमू की साली होली रे होली होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते हैं …

Read More »

होली त्यौहार के आगमन पर बाल-कविता – होली

होली त्यौहार के आगमन पर बाल-कविता - होली

चहुंदिश फैली चहल-पहल है, आनेवाली है होली। मन की मस्ती तन में गश्ती, लगा रहा है रंगोली। इन्द्रधनुष सी रंगी जा रही, गोरी की अंगिया चोली। मौसम युवा जवानी ॠतु की, बांट रहा है भर झोली। बिना वजह अंगडाई तन में, नहीं लगाती है बोली। फूलों के मुख रक्तिम-रक्तिम, गात में फैली है होली। सबके अधरों पर गुम्फित है, फाग …

Read More »

Gooseberry – Plants & Trees Encyclopedia for Kids

Gooseberry - Plants & Trees Encyclopedia for Kids

Gooseberry – Plants & Trees Encyclopedia for Kids: The gooseberry Ribes uva-crispa (syn. R. grossularia) is a species of Ribes, native to Europe, northwestern Africa and southwestern Asia. It is one of several similar species in the subgenus Grossularia; for the other related species (e.g. North American Gooseberry Ribes hirtellum). Although usually placed as a subgenus within Ribes, a few taxonomists …

Read More »

फागुनी संगीत में – डॉ. सरस्वती माथुर

फागुनी संगीत में - डॉ. सरस्वती माथुर

चलो मिल बटोर लाएँ मौसम से बसन्त फिर मिल कर समय गुज़ारें पीले फूलों सूर्योदय की परछाई हवा की पदचापों में चिडियों की चहचहाटों के साथ फागुनी संगीत में फिर तितलियों से रंग और शब्द लेकर हम गति बुनें चलो मिल कर बटोर लाएँ। मौसम से बसन् और देखें दुबकी धूप कैसे खिलते गुलाबों के ऊपर पसर कर रोशनियों की …

Read More »

भागी रे भागी ब्रिज बाला – आनन्द बक्शी

भागी रे भागी ब्रिज बाला - आनन्द बक्शी

भागी रे भागी रे भागी, ब्रिज बाला, ब्रिज बाला कान्हा ने पकड़ा रंग डाला हे, भागा रे भागा रे भागा नन्द लाला, नन्द लाला राधा ने पकड़ा रंग डाला भाडा हे रंग, अदा प्यार मेरा… दिल जाये गा, गोरी रूप तेरा भीड़ बदरिया रास्त मह तेरा… भय की बहिना देवाला भागा रे भागा रे भागा, नन्द लाला, नन्द लाला राधा …

Read More »

बहक गए टेसू – क्षेत्रपाल शर्मा

बहक गए टेसू - क्षेत्रपाल शर्मा

बहक गए टेसू निरे, फैले चहुँ, छतनार मौसम पाती लिख रहा, ठगिनी बहे बयार अष्‍ट सिद्धि नौ निधि भरा, देत थके को छाँव नंद गाँव भी धन्‍य है, धन्‍य आप का गाँव पीले फूलों से सजी, सरसों की सौगात कहती ज्‍यों सौगंध से, छुओ न हमरे गात भीग गए ये कंठ पर, पलक न भीजें आज नैन झुके, झुकते गए, …

Read More »

Hindi Shayari

Hindi Shayari

व्हात्सप्प से ली गयी – बेनाम शायरी दुश्मनों की महफ़िल में चल रही थी मेरे कत्ल की तैयारी… मैं पहुंचा तो बोले, “यार बहुत लम्बी उम्र हे तुम्हारी…” ———————————————– मै ये नही कहता की मेरा हाल पूछो तुम खुद किस हाल मै हो बस इतना बता दिया करो तुम…| ———————————————– काग़ज़ पे तो अदालत चलती है… हमने तो तेरी आँखो …

Read More »