जब जीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आयी, तारो की भाषा भारत ने, दुनिया को पहले सिखलाई, देता ना दशमलव भारत तो, यू चांद पे जाना मुश्किल था, धरती और चांद की दूरी का अंदाजा लगाना मुश्किल था, सभ्यता जहाँ पहले आयी, पहले जन्मी है जहाँ पे कला, अपना भारत वो भारत है, जिस के पीछे संसार …
Read More »Yearly Archives: 2017
दुल्हन चली, ओ पहन चली, तीन रंग की चोली – इन्दीवर
पूरब में सूरज ने छेड़ी जब किरणों की शहनाई चमक उठा सिन्दूर गगन पे पश्चिम तक लाली छाई दुल्हन चली, ओ पहन चली, तीन रंग की चोली बाहों मे लहराये गंगा जमुना, देख के दुनिया डोली दुल्हन चली, ओ पहन चली ताजमहल जैसी ताज़ा है सूरत चलती फिरती अजंता की मूरत मेल मिलाप की मेहंदी रचाए, बलिदानों की रंगोली दुल्हन …
Read More »भारत हमको जान से प्यारा है – पी.के. मिश्रा
भारत हमको जान से प्यारा है सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है भारत माँ की रक्षा में जीवन कुर्बान है भारत हमको जान से प्यारा है… उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन गुमराह ना कर दे कोई, बरबाद ना कर दे कोई मंदिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ, मुस्लिम यहाँ मिलते …
Read More »रैडफ़ोर्ट पर फ़्लैग होस्टिंग: एक हास्य व्यंग
15 अगस्त मार्निंग 8 बजे हमारी कन्ट्री के पी.एम. साहब रैडफ़ोर्ट पर आएंगे। फ्लैग होस्टिंग भी होगा और कन्ट्री की कंडीशन पर पी.एम. साहब अपनी स्पीच भी देंगे। वैसे पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी हैजा फैलने के कारण दिल्ली में सफाई अभियान चल रहा है और किस निकम्मे अधिकारी ने दिल्ली में हैजा फ़ैलाने में विदेशी हाथ को …
Read More »वीरमती – वीर मराठा नारी की लोक कथा
देवगिरि नामक एक छोटा – सा राज्य था। चौदहवीं शताब्दी में वहाँ के राजा रामदेव पर अलाउद्दीन ने चढ़ाई की। उसने राजा रामदेव के पास अधीनता स्वीकार करने के लिये संदेस भेजा, किन्तु सच्चे राजपूत पराधीन होने के बदले युद्ध में हँसते – हँसते मर जाना अधिक उत्तम मानते हैं। राजा रामदेव ने अलाउद्दीन को बहुत कड़ा उत्तर दिया। क्रोध …
Read More »How Lord Vithoba came to Pandharpur
It is said that the devotee Pundalik founded Pandharpur. His father Janudeva and mother Satyavati lived in a thick forest called Dandirvan. Pundalik was a devoted son but soon after his marriage he began to ill-treat his parents. To escape from their misery, the parents decided to go on a pilgrimage to Kashi. When Pundalik’s wife learnt about this, she …
Read More »ईमानदारी – स्वतंत्रता दिवस समारोह की कहानी
विक्की अपने स्कूल में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को ले कर बहुत उत्साहित था। वह भी परेड़ में हिस्सा ले रहा था। दूसरे दिन वह एकदम सुबह जग गया लेकिन घर में अजीब सी शांति थी। वह दादी के कमरे में गया, लेकिन वह दिखाई नहीं पड़ी। “माँ, दादीजी कहाँ हैं?” उसने पूछा। “रात को वह बहुत बीमार हो …
Read More »Independence Day – Tara Sahgal
Fifty days of independence from you. You that I am when finally I sleep. Where colors blur into a muddy brown and almond eyes are star tingly blue. You are my context, my only clue. How do you deny me when I am you? My tongue curls sounds that you have made. My box is of stones that you have …
Read More »भारत देश हमारा है यह
भारत देश हमारा है यह, हमको जान से प्यारा है, दुनिया में सबसे न्यारा यह, सबकी आंखों का तारा है। मोती हैं इसके कण- कण में, बूँद- बूँद में सागर है, प्रहरी बना हिमालय बैठा, धरा सोने की गागर है, भूमि ये अमर जवानों की है, वीरों के बलिदानों की, रत्नों के भंडार भरे हैं, गाथा स्वर्णिम खानों की, सत्य, …
Read More »भारत देश हमारा प्यारा
भारत देश हमारा प्यारा, यह है सब देशों से न्यारा। मुकुट हिमालय इसका सुन्दर, धोता इसके चरण समुन्दर। गंगा यमुना की जल धारा, जिससे है पावन जग सारा। अन्न फूल फल सब हैं प्यारे, इसके रत्न जवाहर न्यारे। राम कृष्ण हैं अंतर्यामी, इसके सभी पुत्र हैं नामी। हम सदैव इसके गुण गायें, सब मिल इसका सुयश सुनायें। भारत देश हमारा …
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