Yearly Archives: 2017

मुक्ति का उपाय – पौराणिक ज्ञानवर्धक कथा

मुक्ति का उपाय - पौराणिक ज्ञानवर्धक कथा

पुराण भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि है। पुराणों में मानव जीवन को ऊँचा उठाने वाली अनेक सरल, सरस, सुन्दर और विचित्र-विचित्र कथाएँ भरी पड़ी हैं। उन कथाओं का तात्पर्य राग-द्वेष रहित होकर अपने कर्तव्य का पालन करने और भगवान को प्राप्त करने में ही है। पद्मपुराण के भूमिखण्ड में ऐसी ही एक कथा आती है। अमरकण्टक तीर्थ में सोम शर्मा …

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इसी देश में – प्रभुदयाल श्रीवास्तव

Inspirational Desh Prem Poetry इसी देश में

इसी देश में कृष्ण हुये हैं, इसी देश में राम। सबसे पहिले जाना जग ने, इसी देश का नाम। इसी देश में भीष्म सरीखे, दृढ़ प्रतिज्ञ भी आये। इसी देश में भागीरथजी, भू पर‌ गंगा लाये। इसी देश में हुये कर्ण से, धीर वीर धन‌ दानी। इसी देश में हुये विदुर से, वेद ब्यास से ज्ञानी। सत्य अहिंसा प्रेम सिखाना, …

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हे गोबिंद हे गोपाल – जगजीत सिंह

Hey Govinda Hey Gopala

ਮਲਾਰ ਮਹਲਾ ੫ ॥ मलार महला ५ ॥ ਹੇ ਗੋਬਿੰਦ ਹੇ ਗੋਪਾਲ ਹੇ ਦਇਆਲ ਲਾਲ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ हे गोबिंद हे गोपाल हे दइआल लाल ॥१॥ रहाउ ॥ O Lord of the Universe, O Lord of the World, O Dear Merciful Beloved. ||1||Pause|| ਪ੍ਰਾਨ ਨਾਥ ਅਨਾਥ ਸਖੇ ਦੀਨ ਦਰਦ ਨਿਵਾਰ ॥੧॥ प्रान नाथ अनाथ सखे दीन दरद निवार ॥१॥ You …

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कदम कदम बढ़ाये जा – राम सिंह ठाकुर

कदम कदम बढ़ाये जा - राम सिंह ठाकुर

कदम कदम बढ़ाये जा खुशी के गीत गाये जा, ये जिंदगी है क़ौम की तू क़ौम पे लुटाये जा… तू शेर-ए-हिन्द आगे बढ़ मरने से तू कभी न डर, उड़ा के दुश्मनों का सर जोश-ए-वतन बढ़ाये जा… कदम कदम बढ़ाये जा खुशी के गीत गाये जा, ये जिंदगी है क़ौम की तू क़ौम पे लुटाये जा… हिम्मत तेरी बढ़ती रहे …

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जब जीरो दिया मेरे भारत ने – इन्दीवर

जब जीरो दिया मेरे भारत ने - इन्दीवर

जब जीरो दिया मेरे भारत ने, दुनिया को तब गिनती आयी, तारो की भाषा भारत ने, दुनिया को पहले सिखलाई, देता ना दशमलव भारत तो, यू चांद पे जाना मुश्किल था, धरती और चांद की दूरी का अंदाजा लगाना मुश्किल था, सभ्यता जहाँ पहले आयी, पहले जन्मी है जहाँ पे कला, अपना भारत वो भारत है, जिस के पीछे संसार …

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दुल्हन चली, ओ पहन चली, तीन रंग की चोली – इन्दीवर

दुल्हन चली, ओ पहन चली, तीन रंग की चोली - इन्दीवर

पूरब में सूरज ने छेड़ी जब किरणों की शहनाई चमक उठा सिन्दूर गगन पे पश्चिम तक लाली छाई दुल्हन चली, ओ पहन चली, तीन रंग की चोली बाहों मे लहराये गंगा जमुना, देख के दुनिया डोली दुल्हन चली, ओ पहन चली ताजमहल जैसी ताज़ा है सूरत चलती फिरती अजंता की मूरत मेल मिलाप की मेहंदी रचाए, बलिदानों की रंगोली दुल्हन …

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भारत हमको जान से प्यारा है – पी.के. मिश्रा

भारत हमको जान से प्यारा है - पी.के. मिश्रा

भारत हमको जान से प्यारा है सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है सदियों से भारत भूमि दुनिया की शान है भारत माँ की रक्षा में जीवन कुर्बान है भारत हमको जान से प्यारा है… उजड़े नहीं अपना चमन, टूटे नहीं अपना वतन गुमराह ना कर दे कोई, बरबाद ना कर दे कोई मंदिर यहाँ, मस्जिद वहाँ, हिन्दू यहाँ, मुस्लिम यहाँ मिलते …

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रैडफ़ोर्ट पर फ़्लैग होस्टिंग: एक हास्य व्यंग

रैडफ़ोर्ट पर फ़्लैग होस्टिंग: एक हास्य व्यंग

15 अगस्त मार्निंग 8 बजे हमारी कन्ट्री के पी.एम. साहब रैडफ़ोर्ट पर आएंगे। फ्लैग होस्टिंग भी होगा और कन्ट्री की कंडीशन पर पी.एम. साहब अपनी स्पीच भी देंगे। वैसे पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी हैजा फैलने के कारण दिल्ली में सफाई अभियान चल रहा है और किस निकम्मे अधिकारी ने दिल्ली में हैजा फ़ैलाने में विदेशी हाथ को …

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वीरमती – वीर मराठा नारी की लोक कथा

वीरमती - वीर मराठा नारी की लोक कथा

देवगिरि नामक एक छोटा – सा राज्य था। चौदहवीं शताब्दी में वहाँ के राजा रामदेव पर अलाउद्दीन ने चढ़ाई की। उसने राजा रामदेव के पास अधीनता स्वीकार करने के लिये संदेस भेजा, किन्तु सच्चे राजपूत पराधीन होने के बदले युद्ध में हँसते – हँसते मर जाना अधिक उत्तम मानते हैं। राजा रामदेव ने अलाउद्दीन को बहुत कड़ा उत्तर दिया। क्रोध …

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