Tag Archives: Frustration poems for Recitation

दोस्ती पर समर्पित कविता: दोस्ती की मिसाल रखियेगा

दोस्ती पर समर्पित हिंदी कविता: दोस्ती की मिसाल रखियेगा

दोस्ती पर कविता में पढ़िए एक दोस्त की जिंदगी में क्या अहमियत होती है। दोस्त ही तो वो शख्स होता है जिसके साथ हम अपने दिल की वो बातें कर सकते हैं जो हम किसी और से नहीं कर सकते। दोस्त एक मान की तरह प्यार देता है। पिता की तरह डांटता है और भाई की तरह ख्याल रखता है। …

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दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

दोस्ती के नाम एक कविता: सब दोस्त थकने लगे है

यूं तो रोजमर्रा की जिंदगी में हमारे कई दोस्त होते हैं, जिनमें कुछ खास, तो कुछ आम होते हैं। दोस्ती भी सबसे अलग-अलग होती है। कभी सिर्फ हाय-हैलो, कभी काम चलाउ, कभी खट्टी-मीठी नमकीन, तो कभी सतरंगी रंगों से सजी दुनिया सी…। सब दोस्त थकने लगे है: खूबसूरत कविता दोस्ती के नाम साथ-साथ जो खेले थे बचपन में, वो सब …

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Short English poem about Increasing Population

Short English poem about - Increasing Population

Global human population growth amounts to around 83 million annually, or 1.1% per year. The global population has grown from 1 billion in 1800 to 7.616 billion in 2018. It is expected to keep growing, and estimates have put the total population at 8.6 billion by mid-2030, 9.8 billion by mid-2050 and 11.2 billion by 2100. Many nations with rapid …

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मजदूर दिवस पर हिंदी कविता: मैं एक मजदूर हूं

मजदूर दिवस पर हिंदी कविता - मैं एक मजदूर हूं

विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस “1 मई” के दिन मनाया जाता है। किसी भी देश की तरक्की उस देश के किसानों तथा कामगारों (मजदूर / कारीगर) पर निर्भर होती है। एक मकान को खड़ा करने और सहारा देने के लिये जिस तरह मजबूत “नीव” की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ठीक वैसे ही किसी समाज, देश, उद्योग, संस्था, व्यवसाय को …

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तेरा राम नहीं: निदा फ़ाज़ली की ज़िन्दगी पर कविता

तेरा राम नहीं: निदा फ़ाज़ली

We all live our lives and the fact is that no body’s experiences can really help us in real sense. Here is a reflection on these realities. A lovely poem by Nida Fazli. तेरे पैरों चला नहीं जो धूप छाँव में ढला नहीं जो वह तेरा सच कैसे, जिस पर तेरा नाम नहीं है? तुझ से पहले बीत गया जो …

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Naqsh Faryadi: Mirza Ghalib Urdu Ghazal Lyrics

Naqsh Faryadi - Mirza Ghalib

Naqsh Faryadi: Mirza Ghalib – Urdu Script نقش فریادی ہے کس کی شوخیِ تحریر کا کاغذی ہے پیرہن ہر پیکرِ تصویر کا کاو کاوِ سخت جانیہاۓ تنہائی نہ پوچھ صبح کرنا شام کا لانا ہے جوۓ شیر کا جذبۂ بے اختیارِ شوق دیکھا چاہیے سینۂ شمشیر سے باہر ہے دم شمشیر کا آگہی دامِ شنیدن جس قدر چاہے بچھائے مدّعا …

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दीपक जलाना कब मना है: हरिवंश राय बच्चन

दीप मेरे जल अकम्पित (दीप शिखा): महादेवी वर्मा

Calamities come in every one’s life. There could be death of a near and dear one or losing love of one’s life. Desperation may follow and everything may look dark and hopeless. Here Bachchan Ji tells in his inimitable style, it is fine to light a tiny lamp to dispel that darkness. It is OK to get up and re-connect …

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स्नेह निर्झर बह गया है: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

स्नेह निर्झर बह गया है: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

Love is the essence. As retreating water leaves the sand dry, so does lost love leave a person drained and lifeless. Here is a beautiful expression by Suryakant Tripathi Nirala. स्नेह निर्झर बह गया है: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ स्नेह निर्झर बह गया है, रेत सा तन रह गया है। आम की यह डाल जो सूखी दिखी‚ कह रही है – अब …

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