Home » Tag Archives: Children Stories for Students

Tag Archives: Children Stories for Students

All in a row: Diyas light up more than just our homes

All in a row: Diyas light up more than just our homes

Pradeep decided that they would use electrical lights in multicolored to decorate the house for the festival. “How many days to Deepavali?” Pradeep asked his dad. “Four,” said Dad without looking up from the newspaper. “Oh… ho… we don’t have much time. We have to decorate the house with colorful electrical bulbs and multicolored string lights.” “I think it would …

Read More »

Ghosts On The Verandah: Story By Ruskin Bond

Ghosts On The Verandah

Bibiji, my neighbour, a warm, attractive woman in her early thirties, is fond of odd, macabre stories, most of which have their setting in her village near Mathura (Uttar Pradesh, India). The other night Bibiji launched into an account of various types of ghosts she had known – the ghosts of immoral women – churels -who appeared naked with their …

Read More »

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

चंद पंक्तियों को माता पिता के आँसुओं पर भारी रखकर चले जाना और बड़ी आसानी से लिख देना “मैं आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया… या फिर मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ, इसलिए मैं जा रहा हूँ हो सके तो मुझे माफ़ कर देना…”। बारहवीं की परीक्षा के मात्र दो पेपर होने के बाद ही समाचार पत्र मासूम बच्चों …

Read More »

होली स्पेशल बाल कहानी: राजा की होली केक के संग

होली स्पेशल: राजा की होली केक के संग

मिट्टी की सोंधी महक के साथ ही ताजे केक की सुगंध हवेली के चारों ओर फ़ैल चुकी थी। पुरानी सी हलके पीले रंग की हवेली, जो अब तक गुमनाम पड़ी हुई थी आजकल “केक वाली हवेली” के नाम से जानी जाती थी। “केक वाली हवेली” का नाम गाँव वालों का ही दिया हुआ था क्योंकि उस हवेली को दूर से …

Read More »

हँस दी गुड़िया: आजादी पाने की चाह

हँस दी गुड़िया

शो केस पर सजी हुई रंगबिरंगी गुड़िया बहुत देर से सड़क की और देख रही थी। कितने दिन हो गए थे, उसे फ़ैक्टरी से बन कर आये हुए, पर कोई भी अब तक खरीदने नहीं आया था।काँच की दीवार में रहना उसे बिलकुल पसंद नहीं था।उसने साथ खड़े झबरीले पूँछ वाले से मोती कुत्ते से पूछा – “दुकान के सभी …

Read More »

उपकार: क्रिसमस पर बाल कहानी

उपकार Short Humorous Christmas story in Hindi

“पापा… आपको पता है ना कि परसों क्रिसमस है।”पापा ने मुस्कुराते हुए आठ साल के हैरी की तरफ़ देखा जो अपनी भूरी आँखें उनके चेहरें की ओर गड़ाए बैठा था। उसके गोरे चेहरे पर घुँघराले भूरे बाल धूप में चमकने के कारण सुनहरे लग रहे थे।उन्होंने उसे प्यार से उठाकर गोदी में बैठा लिया।हैरी लड़ियाते हुए बोला – “इस साल …

Read More »

क्रिसमस की कहानी

क्रिसमस की कहानी - Story of Christmas in Hindi

क्रिसमस एक ऐसा त्यौहार है जिसे शायद दुनिया के सर्वाधिक लोग पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। आज यह त्यौहार विदेशों में नहीं बल्कि भारत में भी समान जोश के साथ मनाया जाता है। भारत की विविधतापूर्ण संस्कृति के साथ क्रिसमस का त्यौहार भी पूरी तरह घुल-मिल गया है। सदियों से यह त्यौहार लोगों को खुशियां बांटता और प्रेम और सौहार्द …

Read More »