इन दिनों हर काम आसान करने के लिए मोबाइल apps हैं। ध्यान लगाना यानी ‘मैडिटेशन’ भी अब इन applications की पहुच से दूर नहीं है। हाल के दिनों में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है जिनमें सबसे लोकप्रिय है “Headspace“। हालांकि, सवाल है की क्या मोबाइल पर ही लोग आंतरिक शांति प्राप्त कर सकते हैं।
हैडस्पेस: मोबाइल एप्स में सबसे लोकप्रिय
उनकी कम्पनी का मुख्यालय अमेरिकी शहर लॉस एंजल्स (Los Angeles) में है जहां 260 लोग कार्यरत हैं। यह और बड़ा हो रहा है – मार्च से कम्पनी का एप अब दूसरी भाषा जर्मन में भी उपलब्ध हो गया है। यह एप नींद और व्यक्तिगत विकास में सुधार से लेकर तनाव तथा चिंता को कम करने आदि ध्यान के विभिन्न लक्ष्यों पर जोर देता है। साल के अंत तक कम्पनी का एप 5 भाषाओँ में उपलब्ध होगा।
एंडी ने पहली बार अपनी मां के साथ 11 वर्ष की उम्र में ध्यान लगाने की कोशिश की थी। जब वह जवान हुए तो उनके कई जानने वाले एक दुर्घटना में मारे गए। इस घटना को भुलाने के लिए उहोंने कितनी ही किताबें पढ़ीं या कुछ और करने की कोशिश की परंतु उनकी बेचैनी दूर नहीं हो सकी।
तब उन्होंने मैडिटेशन सीखने के लिए स्पोर्ट्स साइंस की पढाई छोड़ कर हिमालय जाने का फैसला किया। अंततः उत्तर भारत (North India) के एक तिब्बती मठ में उन्हें भिक्षु घोषित किया गया।
10 वर्ष बाद वह लंदन लौटे और एक मैडिटेशन स्टूडियो स्थापित किया। तभी वह एक एडवर्टाइजिंग लोकप्रिय मैडिटेशन एप ‘हैडस्पेस’ के संस्थापक एंडी पुडिकोम्ब (Andy Puddicombe) प्रोफैशनल रिच पियर्सन से मिले और दोनों ने अपने-अपने ज्ञान से ‘हैडस्पेस’ की शुरुआत की। उनका आइडिया तुरंत हिट हो गया। रयान रेनॉल्ड्स, ग्वैनेथ पाल्त्रो तथा एम्मा वॉट्सन जैसे हॉलीवुड सितारों ने इस एप की प्रशंसा की। अब तो स्वयं एंडी एक सैलिब्रिटी बन चुके हैं और कई टी.वी. शोज में उन्हें आमंत्रित किया जा चुका है।
उनका एप तो एक उदाहरण है वास्तव में इस तरह के एप्स बड़ा बिजनैस बन चुके हैं। एप्पल के अनुसार वर्ष 2018 के दौरान ‘सैल्फ केयर’ से जुड़े एप्स सबसे अधिक ट्रैंड में रहे। ’10 पसैंट हैप्पीयर (10% Happier)’, ‘काम (Calm)’ तथा ‘शाइन (Shine)’ जैसे कितने ही एप लोकप्रिय हैं। 2019 की शुरुआत में ‘हैडस्पेस’ के बाद अमेरिका का दूसरा सबसे लोकप्रिय मैडिटेशन एप ‘काम (Calm)’ दुनिया भर में रोज लगभग 75,000 नए लोगों को आकर्षित कर रहा था। यह एप सैंकड़ों घंटे का कंटैंट उपलब्ध करवाता है जिनमें एकाग्रता तेज करने तथा मन की शांति विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
कई एप्स में मुफ्त ट्रायल है और अतिरिक्त सुविधाओं के लिए इनकी सदस्यता लेनी पड़ती है। ‘हैडस्पेस’ के मामले में महीने भर के लिए सदस्या शुल्क 1 हजार रुपए है तथा साल भर के लिए साढ़े 7 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
आखिर कितने कारगर हैं ये मैडिटेशन एप्स:
कुछ लोग इसे एक विडम्बना बताते हैं कि लोग आंतरिक शांति के लिए उन स्मार्टफोन्स की ही शरण में जा रहे हैं जो हमारे जीवन को और व्यस्त करके महत्वपूर्ण चीजों से हमें दूर कर रहे हैं। एंडी कहते हैं, “बेशक स्मार्टफोन तनाव की एक वजह हैं परंतु वास्तव में इसकी असली वजह तो स्मार्टफोन के साथ हमारा व्यवहार है”।
उनके लिए स्मार्टफोन वह मंच है जिसके माध्यम से लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और मैडिटेटिंग एप्स की मदद से लोगों के लिए संभव है कि वे जहां कहीं भी हों, ध्यान लगा सकें। कुछ जानकारों के अनुसार यदि आप नियमित रूप से इन apps का उपयोग करते हैं तो ये कुछ हद तक अवश्य लाभ हो सकता है परन्तु app के साथ अकेले में ऐसा करने की तुलना में समूह में ध्यान लगाना अधिक लाभदायक होता है। हालांकि, ध्यान का पूरा लाभ लेने के इच्छुक लोगों या किसी मनोरोग संबंधी समस्या से ग्रस्त लोगों को वे किसी अनुभवी प्रशिक्षक या therapy की मदद लेने की सलाह देते हैं। अंत में निष्कर्ष तो ये ही निकाला जा सकता है की ‘Apps किसी भी समस्या का जादुई समाधान नहीं बन सकते हैं‘।
Kids Portal For Parents India Kids Network