“क्या बात है, तुम आज कुछ भी बोल क्यों नहीं रही हो” निफ़्टी ने बुलबुल से धीरे से पूछा? बुलबुल ने निफ़्टी की ओर देखा और वापस ब्लैकबोर्ड की तरफ़ देखने लगी। निफ़्टी ने मुस्कुराते हुए बुलबुल के हाथ से पेंसिल छीन ली। बुलबुल ने तुरंत अपने पेंसिल बॉक्स से दूसरी पेंसिल निकाल ली और सवाल हल करने लगी। निफ़्टी …
Read More »पुनर्मिलन: कहानियों के विशेषज्ञ जोहान पीटर हेबेल
जोहान पीटर हेबेल (1760-1826) जर्मन लेखकों में अपनी छोटी-छोटी कहानियों के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। प्रस्तुत कहानी प्रेम की एक अखिण्डत प्यास और एक ऐसे विश्वास की कहानी है, जिसके सहारे आदमी अपनी तमाम भावी सम्भावनाओं के प्रति समर्पित हो जाता है। कोई पचास बरसों से भी पहले की बात है कि फालुन में – जो कि …
Read More »नई सीख: दिल को भावुक कर देने वाली कहानी
“जब तुम्हारे सारे दोस्त फ़ीस जमा कर रहे थे तब तुम कहाँ थे?” मिश्रा सर ने अंकुर से गुस्से से पूछा। “मैं भूल गया था सर” अंकुर ने ज़मीन की ओर ताकते हुए कहा। “और जब आज फ़ीस भरने की आख़िरी तारीख़ है तो तुम मेरा हिंदी का पीरियड छोड़कर फ़ीस भरने ऑफ़िस जाना चाहते हो” सर की आवाज़ अब …
Read More »अप्पू का हेलमेट: हेलमेट के फायदों पर बाल-कहानी
अप्पू का हेलमेट: “कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहा” कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी। अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकने लगा। कमरे का सारा सामान उल्टा पुल्टा पड़ा हुआ था और एक आदमी बड़बड़ाता हुआ अपना हेलमेट …
Read More »गोलू और मोबाइल: परिवार में मोबाइल की खलल
गोलू और मोबाइल: मंजरी शुक्ला – आज इतवार है और ख़ुशी के मारे गोलू सारे घर में इधर से उधर कूद रहा है। आज पापा ने उसके साथ चिड़ियाघर जाने का वादा जो किया है। तभी उसे अपने भैया की आवाज़ सुनाई दी। “गोलू, जल्दी से बाहर आओ तुम्हारा दोस्त पिंटू आया है”। पिंटू का नाम सुनते ही गोलू कमरे के …
Read More »पेड़ का भूत: रोचक हास्य कहानी
पेड़ का भूत: मंजरी शुक्ला – “पापा, अमरूद का पेड़ कितना बड़ा हो गया है ना” सात साल के अमित ने पेड़ को देखते हुए कहा! “हाँ, ऐसा लगता है जैसे कल ही लगाया था” पापा तने पर हाथ फेरते हुए बोले। “आपने मेरे हाथों से लगवाया था ना” अमित ने खुश होते हुए कहा! “हाँ…” पापा ने कहा और …
Read More »शिक्षक के लिए पत्र: एक छात्र के मन की बात
क्लास के बच्चों पर सरसरी नज़र डालते हुए वर्मा सर ने सोचा – “अगर शम्भू भी पढ़ता तो कितना अच्छा होता”। उधर शम्भू वर्मा सर को देखकर सोच रहा था – “अगर सर को पढ़ाना आता होता तो कितना अच्छा होता”। और यह सोचते ही उसकी नज़र खिड़की से बाहर चली गई जहाँ पर एक नन्ही चिड़िया बैठी हुई थी। …
Read More »चिंटू की डिजिटल घड़ी: रोचक हिंदी हास्य बाल कहानी
मम्मी ने आवाज़ लगाई – “मामा तुमसे बात करना चाहते है”। चिंटू ने सुन लिया और चुपचाप बना पड़ा रहा। मम्मी बोली – “जल्दी उठो”। “सोने दो ना” चिंटू बुदबुदाया। चिंटू की डिजिटल घड़ी: डॉ. मंजरी शुक्ला “अरे, तुम इतने दिनों से घड़ी के पीछे पड़े थे ना तो मामा उसी के बारे में बात करना चाहते है”। “ओह! कहीं …
Read More »दादी का चश्मा: दादी पोते की मार्मिक हिंदी कहानी
“दादी का चश्मा टूट गया” रोमी अपना होमवर्क छोड़कर मम्मी को बताने के लिए भागा। मम्मी उस वक्त टीवी देख रही थी। रोमी ने टीवी की तरफ़ देखा। टीवी में चिड़ियाघर का दृश्य चल रहा था। दो छोटे बच्चे लोहे के सीखचों के अंदर हाथ डालकर पिंजरें में बंद बंदरों को पत्थर मार रहे थे। चोट से बचने के लिए बन्दर …
Read More »चिंकी का जंगल: खुराफाती गिलहरी की प्रेरणादायक कहानी
चिंकी गिलहरी बहुत शैतान थी। कभी वह पलटू खरगोश की गाजर कुतर कर फेंक देती तो कभी नन्हू कछुहे के ऊपर बैठकर जंगल की सैर कर आती। एक बार तो उसने निफ़्टी गौरैया से शर्त लगाते हुए, जंगल के राजा शेरसिंह की पूँछ ही कुतर दी थी, जब वह झपकी ले रहा था। निफ़्टी को शर्त हारने के कारण कई …
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