Tag Archives: Wisdom Poems in Hindi

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया: आनंद बक्षी का मदर्स डे स्पेशल गाना

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया - आनंद बक्षी Mothers Day Filmi Song

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया: Amar Prem is a 1972 Indian drama film directed by Shakti Samanta, based on a Bengali short story Hinger Kochuri by Bibhutibhushan Bandopadhyay about a school boy, who is ill-treated by his step mother, and becomes friends with a prostitute neighbour. The film stars Sharmila Tagore playing a prostitute with a heart of gold, …

Read More »

मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: आनंद बक्षी राधा कृष्ण भजन

मोहे छेड़ो न नन्द के लाला

मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: Lamhe is a 1991 Indian romantic drama film, directed by Yash Chopra and written by Honey Irani, with Rahi Masoom Raza. The film stars Sridevi and Anil Kapoor in the lead roles, along with Waheeda Rehman, Anupam Kher and Manohar Singh, featured in supporting roles. मोहे छेड़ो ना नंद के लाला: फिल्म लम्हे का …

Read More »

आरती कुंजबिहारी की: अनुराधा पौडवाल की कृष्ण आरती

आरती कुंजबिहारी की - श्री कृष्ण आरती

आरती कुंजबिहारी की: अनुराधा पौडवाल हिन्दी सिनेमा की एक प्रमुख पार्श्वगायिका हैं। इन्होंने फिल्म कैरियर की शुरुआत की फ़िल्म अभिमान से, जिसमें इन्होंने जया भादुड़ी के लिए एक श्लोक गाया। यह श्लोक उन्होंने संगीतकार सचिन देव वर्मन के निर्देशन में गाया था। उसके बाद उन्होंने 1974 में अपने पति संगीतकार अरुण पौडवाल के संगीत निर्देशन में भगवान समाये संसार में …

Read More »

यशोमती मैया से बोले नंदलाला: श्री कृष्ण फ़िल्मी भजन

यशोमती मैया से बोले नंदलाला

यशोमती मैया से बोले नंदलाला: सत्यम शिवम सुन्दरम 1978 में बनी हिन्दी फिल्म है, जिसमें शशि कपूर और जीनत अमान की प्रमुख भूमिका थी। गीत “यशोमती मैया से” बिनाका गीत माला की 1978 वार्षिक सूची में 7वीं पायदान पर रहा। यशोमती मैया से बोले नंदलाला: मन्ना डे और लता मंगेशकर यशोमती मैया से बोले नंदलाला, राधा क्यूँ गोरी में क्यूँ काला राधा …

Read More »

कृष्ण मुक्ति: राजीव कृष्ण सक्सेना

कृष्ण मुक्ति: राजीव कृष्ण सक्सेना

कृष्ण मुक्ति: राजीव कृष्ण सक्सेना – Lord Krishna was cursed by Gandhari that he would be killed by the arrow of a petty hunter in the forest. As if to fulfill this destiny, Lord Krishna went to Prabhasa forest and rested under a tree awaiting his death. A hunter mistaking his feet for a deer shot an arrow that brought …

Read More »

गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे हिंदी अनुवाद के साथ

तुलसीदास जी के दोहे

गोस्वामी तुलसीदास जी के दोहे अर्थ सहित (Tulisdas Ke Dohe With Meaning in Hindi) गोस्वामी तुलसीदास (जन्म- 1532 ई. – मृत्यु- 1623 ई.) हिन्दी साहित्य के आकाश के परम नक्षत्र, भक्तिकाल की सगुण धारा की रामभक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि है। तुलसीदास एक साथ कवि, भक्त तथा समाज सुधारक तीनों रूपों में मान्य है। श्रीराम को समर्पित ग्रन्थ श्रीरामचरितमानस वाल्मीकि …

Read More »

कबीर के दोहे: Couplets of Kabir Das

Famous Kabir Das Ke Dohe कबीर के दोहे

कबीरदास भारत के महानतम कवी थे, इन्होने जीवन और उसके भीतर भावनाओ को अहम् बताया और मनुष्य को मार्गदर्शन दिया। इनके काव्य में कहीं भी धर्म का विषय नहीं था, ये सिकन्दर लोदी के समय के समाज सुधारक थे। कबीर के दोहे जीवन को राह देते हैं। Name Kabir Das / कबीर दास Born लगभग (1398 या 1440) लहरतारा, निकट …

Read More »

पिता दिवस पर हिंदी कविता: Fathers Day Special प्रेरणादायक 8 कविताएं

पिता दिवस पर प्रेरणादायक 8 हिंदी बाल-कविताएं

पिता दिवस पर हिंदी कविता: फादर्स डे एक अवसर है जब हम अपने पिताजी के प्रति अपनी गहरी श्रद्धांजलि व्यक्त करते हैं और उनके साथ हमारी समर्थना और प्यार का अभिव्यक्ति करते हैं। यह एक समय होता है जब हम उनकी अनमोल मेहनत और समर्पण को स्वीकार करते हैं, जो हमें हमेशा प्रेरित और सहायक बनाते हैं। इस दिन का …

Read More »

वर दे वीणावादिनी: Suryakant Tripathi ‘Nirala’ Saraswati Vandana

Suryakant Tripathi 'Nirala' Saraswati Vandana in Hindi वर दे वीणावादिनि

वर दे वीणावादिनी – an old classic by the famous poet Suryakant Tripathi Nirala. This lovely composition in chaste Hindi is a pleasure to sing loudly for its sheer rhythm and zing. On this Independence Day, this national poem should be shared by all. निराला ने 1920 ई० के आसपास से लेखन कार्य आरंभ किया। उनकी पहली रचना ‘जन्मभूमि’ पर …

Read More »

नया वर्ष द्वार पर: नए साल पर राकेश खण्डेलवाल की हिंदी बाल-कविता

Hindi Poem about Upcoming New Year नया वर्ष द्वार पर

नया वर्ष द्वार पर: राकेश खण्डेलवाल – ‘नव वर्ष‘ प्रत्येक वर्ष 1 जनवरी को मनाया जाता है। यह सम्पूर्ण विश्व में एक बड़े उत्सव की तरह मनाया जाता है। अलग-अलग स्थानों पर नव वर्ष अलग-अलग विधियों से मनाया जाता है। स्थानीय कैलेण्डर के अनुसार विभिन्न देश एवं सम्प्रदाय के लोग अपना-अपना नव वर्ष अलग-अलग तिथियों पर मनाते हैं किन्तु अधिकांश …

Read More »