ऐसे मना दशहरा: “दशहरे पर मैं रावण देखने जाऊंगी” दस साल की चित्राणी ने एलान कर दिया। “और मैं हमेशा की तरह नहीं ले जाऊँगा” पापा ने अखबार पढ़ते हुए ही जवाब दिया। “क्या हो जाएगा, अगर हम लोग रावण देखने चले जाएँगे… पूरी दुनिया तो जाती है” मम्मी ने हर साल की तरह रटा रटाया वाक्य दोहराया। मम्मी की …
Read More »हैप्पी टीचर्स डे: डॉ. मंजरी शुक्ला – दिल को छू लेने वाली हिंदी बाल-कहानी
आज जब रोहित स्कूल के लिए निकला तो उसे घर के सामने वाली सड़क पर उसी की उम्र का बच्चा फूल बेचते हुए दिखा। रोहित को लगा कि उसने उस लड़के को पहले भी कहीं देखा है। वह बहुत गौर से उसे देखने लगा पर बहुत याद करने पर भी उसे कुछ याद नहीं आया। कई बार रोहित सड़क पर …
Read More »अनोखे जवाब: अध्यापक शिष्य के बीच हास्य वार्ता
अनोखे जवाब: शर्मा मैडम सत्रह का पहाड़ा पूछ रही थी और बच्चों का दिल बैठा जा रहा था। जिन बच्चों को पहाड़ा आता था वे उचक-उचक कर हाथ उठा रहे थे। कुछ बेहद उत्साही बच्चे तो, मिस मैं… मिस मैं… कहते हुए मेज पर लटक कर औंधे हो गए थे। अमित जानता था कि जो बच्चे पहाड़ा बोलने के लिए …
Read More »चुग्गी मुर्गी और लोमड़ी: दिन में सपने देखने वाली मुर्गी की कहानी
चुग्गी मुर्गी और लोमड़ी की कहानी: चुग्गी मुर्गी खाने की तलाश में जंगल में इधर उधर घूम रही थी। तभी उसे उस कुछ सुनहरे रंग के गोल बीज घास के पास पड़े दिखाई दिए। वे सभी बीज सुनहरे रंग के थे और उनके हलकी सी रोशनी निकल रही थी। सुनहरे रंग की उनकी रौशनी आस-पास की घास तक बिख़र रही …
Read More »अप्पू घर: चार घंटे चुप रहने की मजेदार कॉमेडी कहानी
“क्या बात है, तुम आज कुछ भी बोल क्यों नहीं रही हो” निफ़्टी ने बुलबुल से धीरे से पूछा? बुलबुल ने निफ़्टी की ओर देखा और वापस ब्लैकबोर्ड की तरफ़ देखने लगी। निफ़्टी ने मुस्कुराते हुए बुलबुल के हाथ से पेंसिल छीन ली। बुलबुल ने तुरंत अपने पेंसिल बॉक्स से दूसरी पेंसिल निकाल ली और सवाल हल करने लगी। निफ़्टी …
Read More »अप्पू का हेलमेट: हेलमेट के फायदों पर बाल-कहानी
अप्पू का हेलमेट: “कितनी देर से हेलमेट ढूँढ रहा हूँ, कहीं मिल नहीं रहा” कमरे के अंदर से एक आदमी की आवाज़ सुनाई पड़ी। अमरुद के पेड़ पर बैठा हीरु तोता फुर्र से उड़कर खिड़की पर बैठ गया और कमरे के अंदर झाँकने लगा। कमरे का सारा सामान उल्टा पुल्टा पड़ा हुआ था और एक आदमी बड़बड़ाता हुआ अपना हेलमेट …
Read More »गोलू और मोबाइल: परिवार में मोबाइल की खलल
गोलू और मोबाइल: मंजरी शुक्ला – आज इतवार है और ख़ुशी के मारे गोलू सारे घर में इधर से उधर कूद रहा है। आज पापा ने उसके साथ चिड़ियाघर जाने का वादा जो किया है। तभी उसे अपने भैया की आवाज़ सुनाई दी। “गोलू, जल्दी से बाहर आओ तुम्हारा दोस्त पिंटू आया है”। पिंटू का नाम सुनते ही गोलू कमरे के …
Read More »पेड़ का भूत: रोचक हास्य कहानी
पेड़ का भूत: मंजरी शुक्ला – “पापा, अमरूद का पेड़ कितना बड़ा हो गया है ना” सात साल के अमित ने पेड़ को देखते हुए कहा! “हाँ, ऐसा लगता है जैसे कल ही लगाया था” पापा तने पर हाथ फेरते हुए बोले। “आपने मेरे हाथों से लगवाया था ना” अमित ने खुश होते हुए कहा! “हाँ…” पापा ने कहा और …
Read More »शिक्षक के लिए पत्र: एक छात्र के मन की बात
क्लास के बच्चों पर सरसरी नज़र डालते हुए वर्मा सर ने सोचा – “अगर शम्भू भी पढ़ता तो कितना अच्छा होता”। उधर शम्भू वर्मा सर को देखकर सोच रहा था – “अगर सर को पढ़ाना आता होता तो कितना अच्छा होता”। और यह सोचते ही उसकी नज़र खिड़की से बाहर चली गई जहाँ पर एक नन्ही चिड़िया बैठी हुई थी। …
Read More »चिंकी का जंगल: खुराफाती गिलहरी की प्रेरणादायक कहानी
चिंकी गिलहरी बहुत शैतान थी। कभी वह पलटू खरगोश की गाजर कुतर कर फेंक देती तो कभी नन्हू कछुहे के ऊपर बैठकर जंगल की सैर कर आती। एक बार तो उसने निफ़्टी गौरैया से शर्त लगाते हुए, जंगल के राजा शेरसिंह की पूँछ ही कुतर दी थी, जब वह झपकी ले रहा था। निफ़्टी को शर्त हारने के कारण कई …
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