Tag Archives: Inspirational poems for Recitation

जनतंत्र का जन्म: रामधारी सिंह दिनकर

जनतंत्र का जन्म: रामधारी सिंह दिनकर

In view of the current crusade of Anna Hazare against corruption, this poem about the power of masses becomes a must read. Dinkar Ji wrote this beautiful poem when India became a Republic on January 26, 1950. India‘s population was 33 Crores that time. From now on, it would be the meek people of the land who would collectively rule this …

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Suryakant Tripathi ‘Nirala’ Saraswati Vandana in Hindi वर दे वीणावादिनी

Suryakant Tripathi 'Nirala' Saraswati Vandana in Hindi वर दे वीणावादिनि

Here is an old classic by the famous poet Suryakant Tripathi Nirala. This lovely composition in chaste Hindi is a pleasure to sing loudly for its sheer rhythm and zing. On this Independence Day, this national poem should be shared by all. वर दे वीणावादिनी! वर दे। प्रिय स्वतंत्र–रव अमृत–मंत्र नव, भारत में भर दे। काट अंध–उर के बंधन–स्तर, बहा …

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पंद्रह अगस्त: 1947 – गिरिजा कुमार माथुर की देश प्रेम हिंदी कविता

पंद्रह अगस्त: 1947 - गिरिजा कुमार माथुर

Here is a famous poem that was written by the well known poet Girija Kumar Mathur at the time when India got independence. The poem is still relevant today. पंद्रह अगस्त: 1947 – गिरिजा कुमार माथुर आज जीत की रात पहरुए सावधान रहना! खुले देश के द्वार अचल दीपक समान रहना! प्रथम चरण है नए स्‍वर्ग का है मंज़िल का …

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होगा तभी दशहरा: विजय दशमी पर हिंदी कविता

होगा तभी दशहरा (विजय दशमी) - प्रकाश मनु

दशहरा के त्यौहार पर हिंदी कविता – होगा तभी दशहरा किस्सा एक पुराना बच्चों, लंका में था रावण, राजा एक महा-अभिमानी, काँपता जिससे कण-कण। उस अभिमानी रावण ने था, सबको खूब सताया, रामचन्द्र जब आये वन में, सीता को हर लाया। झिलमिल झिलमिल सोने की, लंका पैरो पे झुकती, और काल की गति भी भाई, उसके आगे रूकती। सुन्दर थी लंका, लंका …

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आ गया पावन दशहरा: दशहरा पर हिंदी कविता

Inspirational Hindi Poem about Dussehra आ गया पावन दशहरा (विजय दशमी)

आ गया पावन दशहरा फिर हमे सन्देश देने आ गया पावन दशहरा। तुम संकटों का हो घनेरा हो न आकुल मन ये तेरा संकटो के तम छटेंगे होगा फिर सुन्दर सवेरा धैर्य का तू ले सहारा। द्वेष कितना भी हो गहरा हो न कलुषित मन ये तेरा फिर ये टूटे दिल मिलेंगे होगा जब प्रेमी चितेरा बन शमी का पात …

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जय सरस्वती माता: सरस्वती माँ की आरती

Saraswati: Hindu Goddess

Goddess Saraswati: The name Saraswati came from “saras” (meaning “flow”) and “wati” (meaning “she who has …”), i.e. “she who has flow” or can mean sara meaning “essence” and swa meaning “self”. So, Saraswati is symbol of knowledge; its flow (or growth) is like a river and knowledge is supremely alluring, like a beautiful woman. She is depicted as beautiful …

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प्रेरक हिंदी कविता: कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

प्रेरक हिंदी कविता: कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

कई लोग इस रचना को हरिवंशराय बच्चन जी द्वारा रचित मानते हैं। लेकिन श्री अमिताभ बच्चन ने अपनी एक फ़ेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया है कि यह रचना सोहनलाल द्विवेदी जी की है। कोशिश करने वालों की हार नहीं होती: सोहनलाल द्विवेदी जी की प्रेरक हिंदी कविता लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार …

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जय आद्य शक्ति: अनुराधा पौडवाल

Anuradha Paudwal Navratri Special Bhajan: Jaya Aadya Shakti

‘Navratri‘ literally translates to ‘nine nights’ and during these nine nights and ten days, Goddess Durga is worshiped with devout fervor and spirituality. The Sharad Navratri is observed with utmost enthusiasm and it usually falls during the month of September and October. It is the peak of festivity in India and the joy of this season is visible in every individual. …

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यह है भारत देश हमारा: सुब्रह्मण्य भारती की देश प्रेम कविता

Subramania Bharati

सुब्रह्मण्य भारती (जन्म: 11 दिसम्बर, 1882 – मृत्यु: 11 सितम्बर, 1921) भारत के महान् कवियों में से एक थे, जिन्होंने तमिल भाषा में काव्य रचनाएँ कीं। इन्हें महाकवि भरतियार के नाम से भी जाना जाता है। भारती एक जुझारू शिक्षक, देशप्रेमी और महान् कवि थे। आपकी देश प्रेम की कविताएँ इतनी श्रेष्ठ हैं कि आपको भारती उपनाम से ही पुकारा …

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