Tag Archives: Hindi Poems on Children

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हिंदी दिवस Short Poem on Hindi Divas

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस दिन भारत की संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी गई हिंदू भाषा को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया था। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 को भारत गणराज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में हिंदी को अपनाया। हालांकि इसे 26 …

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गौरी पुत्र गजानन देवात महान: मराठी भजन

Lord Ganesha Marathi Bhajan गौरी पुत्र गजानन देवात महान

गौरी पुत्र गजानन देवात महान हा शिवपुत्र गजानन देवातं महान, मंगल मंगल बोला मंगल मंगल ॥धृ॥ मुगुटाला हिरे शोभे रत्‍नजडितांचे, कानात कुंडल तेज पडे सुर्याचे, हो पडे सुर्याचे, गणपतीच्या गळ्यामध्ये शोभे पुष्पमला ॥१॥ गणपतीच्या भाळी शोभे केशराचा टिळा पिवळा पितांबर कटी शोभुनी दिसला पायात पैंजण आवाज रुणझुण झाला ॥२॥ शमी पत्री दुर्वा हरळी आवड मनाची सर्वांगी उटी शोभे लाल शेंदुराची, …

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श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

Shri Ganesh Mantra and Aarti श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना

श्री गणेश मन्त्र एवं आराधना सुखकर्ता दुखकर्ता वार्ता विघ्नाची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची। सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची। कंठी झळके माळ मुक्ताफळाची ॥१॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती। दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ।धृ०। रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा। चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा। हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा। रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती। दर्शनमात्रे मनकामना पुरती ॥धृ०॥२॥ लंबोदर …

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श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन

Ganesh Chaturthi Marathi Bhajan श्री गणेशाचे भजन

श्री गणेशाचे भजन: लोकप्रिय मराठी भजन मंगलमूर्ती माझे आई, मजला ठाव द्याव पायीं॥१॥ सिद्धीबुद्धि मयुरामाई, मलजा ठाव द्यावा पायी॥२॥ श्रीगजानन जय गजानन, जय गजानन मोरया॥३॥ श्रीगणनाथ जय गणनाथ। मीं अपराधी घ्या पदरांत॥४॥ श्रीगजाननपद सेवावे, काया वाचा मनोभावें॥५॥ हेरंबमाय दाखवि पाय, दुजवीण मगेना करूं मीं काय॥६॥ गजानन, गजानना, पार्वतीच्या नंदना मोरया गजानना॥७॥ धांवत ये वा गणराया, दीनाते मज ताराया॥८॥ पायीं हळूहळू …

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आरती श्री गणेश जी की: Lord Ganesha Aarti

Lord Ganesha Aarti in Hindi आरती श्री गणेश जी की

आरती श्री गणेश जी की जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दंत दयावन्त, चार भुजा धारी। मस्तक सिन्दूर सोहे, मुसे की सवारी॥ जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा। …

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श्री गणेश चालीसा: Ganesh Chalisa Lyrics in Hindi

Lord Ganesha Chalisa in Hindi श्री गणेश चालीसा

Shri Ganesh Chalisa (श्री गणेश चालीसा): Lord Ganesha is the son of Lord Shiva and the Divine Mother Parvati. Ganesh Chalisa (गणेश चालीसा) means “Forty verses (chaupais) on Ganesha. Lord Ganesh removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is an archetype of Wisdom and Beneficence. Ganesha removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is …

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यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान

यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे। मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे॥ ले देतीं यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली। किसी तरह नीची हो जाती यह कदंब की डाली॥ यह कदम्ब का पेड़: सुभद्रा कुमारी चौहान तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता। उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता॥ वहीं …

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सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान की हिंदी बाल-कविता

सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान

सभा सभा का खेल आज हम, खेलेंगे जीजी आओ। मैं गांधी जी छोटे नेहरू, तुम सरोजिनी बन जाओ॥ सभा का खेल: सुभद्रा कुमारी चौहान मेरा तो सब काम लंगोटी, गमछे से चल जायेगा। छोटे भी खद्दर का कुर्ता, पेटी से ले आयेगा॥ लेकिन जीजी तुम्हें चाहिये, एक बहुत बढ़िया सारी। वह तुम मां से ही ले लेना, आज सभा होगी …

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जनसंख्या: Hindi Poem about Over Population

Hindi Poem about Over Population जनसंख्या

भारत की अनेक समस्याओं का कारण यहाँ की तेजी से बढती हुई Population है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि इसे सख्या विस्फोट की संज्ञा दी जाती है। अर्थशारित्रयों का मत है कि भारत के लिए इस बढती हुई जनसंख्या की जरूरतो को पूरा करने के लिये पर्याप्त साधन नहीं हैं। आज हमारी जनसख्या लगभग एक अरब पाच करोड …

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जसोदा हरि पालनैं झुलावै: सूरदास

जसोदा हरि पालनैं झुलावै - सूरदास

जसोदा हरि पालनैं झुलावै: सूरदास – गोस्वामी हरिराय के ‘भाव प्रकाश’ के अनुसार सूरदास का जन्म दिल्ली के पास सीही नाम के गाँव में एक अत्यन्त निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके तीन बड़े भाई थे। सूरदास जन्म से ही अन्धे थे, किन्तु सगुन बताने की उनमें अद्भुत शक्ति थी। 6 वर्ष की अवस्था में ही उन्होंने अपनी …

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