एषा मम धन्या माता
एषा मम धन्या माता।। ध्रुवपदम्।
या मां प्रातः शय्यातः
जागरयति सम्बोधनतः।
हरस्मिरणं या कारयति।
आलस्यं मम नाश्यति।। एषा मम…।
कुरु दत्तं ग्रहकार्यम् त्वम्,
कुरु सुत! पाठभ्यासं त्वम्।
आदेश ददती एवम्
योजयते कार्ये नित्यम्।। एषा मम…।
मधुरं दुग्धं ददाति या
स्वादु फलं च ददाति या।
यच्छति महां मिष्टान्नम्
यच्दति महां लवणत्राम्।। एषा मम…।
कार्य सम्यक् न करोमि यदा,
अपरांध विदधामि यदा।
कलहंकुर्वन् रोदिमि यदा
तदा भ्रंश मां तर्जयति या।। एषा मम…।
~ सम्रद्धि पेंधारकर St. Gregorios School, Gregorios Nagar, Sector 11, Dwarka, New Delhi
यदि आपके पास Hindi / English में कोई poem, article, story या जानकारी है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें। हमारी Id है: submission@sh035.global.temp.domains. पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ publish करेंगे। धन्यवाद!
Kids Portal For Parents India Kids Network