साइकिल से जुडी कुछ सर्वश्रेष्ठ हिंदी कविताएँ – फिट रहने के लिए हमारा फिजिकली एक्टिव रहना बहुत जरूरी होता है। इसलिए जरूरी है कि हम अपने रोज के रूटीन में कोई ऐसी एक्टिविटी जरूर शामिल करें जिससे हम एक्टिव रह सकें। साइकिलिंग एक ऐसी ही एक्टिविटी है जो हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।
साइकिल से जुडी कुछ सर्वश्रेष्ठ हिंदी कविताएँ
हमारी लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी की कमी की वजह से हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे वायु प्रदूषण, सर्दी और अधिक काम की वजह से हमारी लाइफस्टाइल सेडेंटरी हो गई है। इसलिए अपने रूटीन में किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी को शामिल करना जरूरी है। नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी करना हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे कई बीमारियों से बचाव करने में भी मदद मिलती है। इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप रोज जिम जाकर ही एक्सरसाइज करेंगे, तो वह फिजिकल एक्टिविटी कहलाएगी, बल्कि कई ऐसे काम हैं, जो आपको फिट रखने में मददगार हो सकते हैं। इसमें साइकिलिंग काफी लाभदायक हो सकती है। रोज साइकिलिंग करने से आपको सेहत से जुड़े कई फायदे हो सकते हैं।
साइकिल – हिंदी कविता [1]
तनाव से निजात हो पाना,
साइक्लिग भी तुम कर जाना।
हमारी व्यस्त जीवन शैली,
हो गई अब तो खूब मैली।
शरीर-मन के रोग भगाना,
प्रातः साइकिल तुम चलाना।
तनाव चिंता दूर भगेगी,
एक सरल विकल्प यह रहेगी।
पर्यावरण के लिए वरदान,
बंधु प्यारे इसको जान।
सकारात्मक ऊर्जा संचार,
होता इससे बारंबार।
नींद पाना गहरी बेहतर,
समझ लो तुम मेरे प्रियवर।
साइक्लिंग का योगदान,
शांत कर जाए मन को आन।
कार्यक्षमता को बढ़ावा,
दे जाती सच मेरे बाबा।
अहम रोल साइकिल निभाती,
मन ‘प्रसाद’ के यह है भाती।
~ राम प्रसाद शर्मा
मेंटल हेल्थ बेहतर रहती है
रोज थोड़ी देर साइकिलिंग करने से आपकी मेंटल हेल्थ दुरुस्त बन सकती है। साइकिल चलाने से माइंड रिलैक्स होता है और स्ट्रेस, एंग्जायटी जैसी परेशानियां कम होती हैं। दरअसल, साइकिलिंग एक तरह की एक्सरसाइज होती है, जिस वजह से दिमाग हैप्पी हार्मोन्स रिलीज करता है। इससे आपका तनाव कम होता है और आपका मूड भी बेहतर होता है।
वजन कम करने में मददगार
सेडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण वजन बढ़ने की समस्या काफी आम है, लेकिन इस वजह से कई बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे मोटापा, डायबिटीज आदि। इसमें साइकिलिंग करना काफी लाभदायक हो सकता है। साइकिल चलाते वक्त हमारी बॉडी की कैलोरी बर्न होती है, जिस वजह से शरीर में एक्स्ट्रा फैट स्टोर नहीं होता और वजन बढ़ने की समस्या कम होती है। इसलिए हेल्दी वजन मेंटेन करने में साइकिलिंग काफी मददगार साबित हो सकती है।
मांसपेशियां मजबूत बनती हैं
साइकिल चलाने से हमारी मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है, जिससे उनकी टोनिंग होती है और वे मजबूत बनती हैं। यह खासकर, पैरे की मांसपेशियों के लिए अधिक लाभदायक होता है। साथ ही, यह हिप्स और बैक की मसल्स के लिए भी लाभदायक होता है। इसलिए साइकिलिंग करना आपकी मांसपेशियों के लिए भी फायदेमंद होता है।
कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए लाभदायक
साइकिलिंग एक तरह की एरोबिक एक्सरसाइज होती है, जो दिल और फेफड़ों के लिए काफी लाभदायक होता है। रोज साइकिल चलाने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर भी मेंटेन होता है। ये दोनों ही दिल को बेहतर तरीके से काम करने के लिए आवश्यक होते हैं।
जोड़ो के लिए फायदेमंद
हैवी वर्क आउट करने की वजह से हमारे जोड़ों पर काफी जोर पड़ता है और इस कारण से नी इंजरी का खतरा रहता है, लेकिन साइकिलिंग करने से आपकी घुटनों पर अधिर प्रेशर नहीं पड़ता और एक्सरसाइज भी हो जाती है।
साइकिल का पुराना दौर – हिंदी कविता [2]
वो भी क्या जमाना था
जब हर कोई साइकिल का दीवाना था l
साइकिल की सवारी में था जो दम
नहीं होती थी वो किसी हवाई यात्रा से कम l
जनाब! एक खूबसूरत दौर वो भी था ज़िन्दगी का
जब पीछे बैठा दोस्त कभी बोझ नहीं लगता था l
दोस्तों के साथ मीलो का सफर साइकिल पर बीत जाता था ऐसे
मन करता था खत्म ना वो लम्हा जैसे l
आज भी जब साइकिल की घंटी देती है सुनाई
दिल में बचपन की यादे है सजती l
शायद साइकिल चलाना ही हमारी अच्छी सेहत का था राज़
काश ! वो बचपन फिर से लौटकर आ जाए आज l
साइकिल – हिंदी कविता [3]
ठीक अपने मालिक की तरह
उसकी उम्र की गिनती भी
पैदा होने के दिन से नहीं
काम पर आने के दिन से होती है।
बूढ़े के साथ बूढ़ी
और
जवान के साथ जवान
साइकिल की नींद में हैं
तीन चीज़
सड़क
पैर
हवा।
सड़क की नींद में जूते
पैर की नींद में घास
हवा की नींद में पत्तियाँ
साइकिल किसी की नींद में नहीं।
जैसे कि
हमारे घर में अकेली साइकिल
और साइकिल के घर में
हम-सब।
अम्मा, बुआ और भाई-बहन
कुल मिलाकर नौ
एक साथ सबको ख़ुश नहीं कर पाती।
सिर्फ़ घंटी बजने जितनी मोहलत माँगने
मेहराबदार रास्तों में
बार-बार भटकी
इतनी-इतनी चढ़ाइयाँ
कि सड़क ढली
हवा रुकी
पैर थके
साइकिल नहीं थकी।
जब तक वह घर में है
बापू की यादगार है।
~ शरद बिलाैरे
साइकिल – हिंदी कविता [4]
आदमियों से भरे इस जहाज़ पर
कर रही है सफ़र,
बच्चों की एक नन्हीं-सी साइकिल भी
लाल चमकीली
बच्चों की लालसा में ही रँगी हुई-सी
इलाज करवाकर गाँव लौट रहे बूढ़े दादा ने
ली है वह साइकिल अपने ज़िद्दी पोते के लिए
आते समय जिससे किया था उन्होंने वायदा
अपने लिए दवा लेने से पहले ही
ख़रीद चुके थे वह यह साइकिल
उस क्षण भी नहीं भूले थे वह अपना वायदा
जब शाम बत्ती गुल हो गई थी
और डॉक्टर ने
उनके फेफड़ों के चित्र को
सूर्यास्त पर रखकर देखा था
उनका पोता
कर रहा होगा उनकी प्रतीक्षा
उसे रात में मुश्किल से आती होगी नींद
और अक्सर उसके सपने
नींद से बाहर उधर आते होंगे
चादर से बाहर हो आए
उसके उन पाँवों की तरह ही
जिनसे चलाता होगा वह
अदृश्य पैडिलें
गंगा को छाती से लगाए उड़ते इन जलपक्षियों के साथ
यह जहाज़ जो चला जा रहा है
इसे अकेले भाप ही नहीं ढकेल रही
एक बच्चे की इच्छा भी
खींच रही है इसे
उस पार।
~ चंदन सिंह
साइकिल (बाल कविता) – हिंदी कविता [5]
चलो साइकिल मित्र चलाऍं
मगर किसी से न टकराऍं
दौड़ सड़क पर नहीं लगाना
चोट लगेगी वरना खाना
बचपन से ही इसको सीखें
सदा स्वस्थ जीवन-भर दीखें
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