टोक्यो ओलंपिक 2020: मैस्कट, पदक और क्या है ख़ास

टोक्यो ओलंपिक 2020: मैस्कट, पदक और क्या है ख़ास

खेलों का महाकुंभ यानी ओलंपिक हर चार साल पर होता है लेकिन Chinese Virus Covid-19 Pandemic के कारण 2020 में इसका आयोजन नहीं हो सका। अब साल भर की देरी से जापान के टोक्यो में इसका आयोजन होने जा रहा है। इसकी शुरुआत 23 जुलाई से होगी और 8 अगस्त को इसका समापन हो जाएगा।

हालाँकि ‘सॉफ़्टबॉल’ खेल प्रतियोगिता उद्घाटन समारोह से दो दिन पहले यानी 21 जुलाई को ही Fukushima में शुरू हो जाएगी।

ओलंपिक में इस बार 33 खेलों में 339 medal के लिए मुक़ाबले होंगे। पहला पदक समारोह 24 जुलाई को होगा।

Japan को 2020 में Chinese Virus Covid-19 Pandemic के चलते इस आयोजन को लेकर अपनी तैयारियों को स्थगित करनी पड़ी थीं और 2021 में इसके आयोजन पर आशंकाओं के बादल छा गए थे। लेकिन जापान सरकार और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने तमाम मुद्दों पर विचार करने के बाद इसके आयोजन को हरी झंडी दी।

हालाँकि यह फ़ैसला लिया गया कि जापान के अलावा किसी दूसरे मुल्क के दर्शक टोक्यो जाकर इस खेल को नहीं देख सकेंगे।

जापान पहले भी तीन बार ओलंपिक का आयोजन कर चुका है – 1964, 1972 और 1988 में।

टोक्यो ओलंपिक का Mascot (शुभंकर) क्या है?

टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के शुभंकर को ‘Miraitowa‘ और ‘Someity‘ नाम दिया गया है। इसे ख़ास जापानी इंडिगो ब्लू रंग का पैटर्न दिया गया है।

यह जापान की सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिकता दोनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ‘मिराइतोवा’ जापानी कहावत से प्रेरित है।

जापानी शब्द मिराइतोवा में ‘मिराइ’ का अर्थ ‘भविष्य’ और तोवा का ‘अनंत काल’ होता है।

कैसे बनाए गए हैं पदक?

टोक्यो ओलंपिक में खिलाड़ियों को दिए जाने वाले पदक पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों और फ़ोन से बनाए हैं। इसके लिए आयोजकों ने फ़रवरी 2017 में जापान के लोगों से इलेक्ट्रॉनिक सामानों और फ़ोन दान करने कि अपील की थी।

साल 2010 में Vancouver (BC, Canada) में आयोजित ओलंपिक में भी इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक सामानों के इस्तेमाल से पदक बनाए गए थे।

पदक के पीछे के हिस्से में टोक्यो ओलंपिक का logo लगा है, आगे स्टेडियम की तस्वीर के सामने विजय का प्रतीक माने जाने वाली ग्रीक देवी ‘नाइक’ को दर्शाया गया है।

इस बार के ओलंपिक में क्या है ख़ास?

इस बार 5 नए खेल ओलंपिक में जोड़े गए हैं – सर्फ़िंग, स्केटबोर्डिंग, स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग, कराटे और बेसबॉल।

यही नहीं, बेसबॉल (पुरुष) और सॉफ्टबॉल (महिला) की ओलंपिक में वापसी हो रही है।

  • टेबल टेनिस: 2020 टोक्यो ओलंपिक में मिक्स्ड डबल्स को जोड़ा गया है।
  • जूडो: जूडो खेल 1964 में ओलंपिक में आ गया था, लेकिन इस बार मिक्स्ड टीम इवेंट है।
  • स्वीमिंग: इस साल स्वीमिंग में एक नया बदलाव लाया गया है। 800 मीटर की रेस को पुरुषों के इवेंट में शामिल किया गया है। जबकि 1,500 फ्रीस्टाइल इवेंट महिला प्रतियोगिता में शामिल हुई है।
  • वॉटर पोलो: रियो ओलंपिक में वॉटर पोलो में 8 महिला टीमों ने भाग लिया था। इस बार महिलाओं की दो नई टीमों के साथ यह संख्या 10 होगी।
  • कयाक: 2020 टोक्यो ओलंपिक में कयाक खेल में भी महिलाओं के 3 इवेंट बढ़ाकर पुरुष खेलों से 3 इवेंट कम कर दिए गए है। महिलाओं के इवेंट में कयाक सिंगल 200 मीटर, कयाक डबल्स 500 मीटर इवेंट को जोड़ा गया है।
  • रोइंग: रोइंग खेल में पुरुषों के हल्के चार इवेंट को 2020 ओलंपिक से हटा दिया गया है जबकि महिलाओं के चार इवेंट्स जोड़े गए हैं। 1966 के बाद ओलंपिक रोइंग कार्यक्रम में यह पहला बदलाव है।
  • आर्चरी: 1972 से शामिल इस खेल में इस बार मिक्स्ड टीम इवेंट भी शामिल किया गया है।
  • बॉक्सिंग: महिला खिलाड़ियों की संख्या को तीन से बढ़ाकर पाँच कर दिया है जबकि पुरुष खिलाड़ियों की संख्या 10 से आठ कर दी गई है। यह फ़ैसला लैंगिक समानता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

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