औरत सबसे पहले उठे, सहरी बनाए, सबसे आख़िर में खाए, फिर रोज़ा रखे, दोपहर में बच्चों के लिए पकाए, फिर चार बजे से अपने शोहर और ससूराल वालों या घर वालों के लिए अफ़तारी और खाना बनाने के लिए जुत जाती है, पकोड़े, दही भल्ले, छोले वग़ेरह बनाए फिर भी यही धड़का के पता नहीं शोहर, बाप, या सास ससुर …
Read More »हिन्दू मूर्ती पूजा क्यों करते हैं
कोई कहे की की हिन्दू मूर्ती पूजा क्यों करते हैं तो उन्हें बता दें मूर्ती पूजा का रहस्य: स्वामी विवेकानंद को एक राजा ने अपने भवन में बुलाया और बोला, “तुम हिन्दू लोग मूर्ती की पूजा करते हो! मिट्टी, पीतल, पत्थर की मूर्ती का! पर मैं ये सब नही मानता। ये तो केवल एक पदार्थ है।” उस राजा के सिंहासन …
Read More »भिन्नता सफर की!
ट्रेन में सफ़र करते समय मन में विचार आया। सफर के दौरान कितने खूबसूरत द्रश्य हमारी आँखों के सामने से गुजर जाते हैं पर हमे उससे कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता! क्यों? थोडी देर के बाद आँखों के सामने कुछ देर के लिए आते है ऐसे द्रश्य जो हम देखना पसंद नहीं करते मसलन गन्दी नालिया या कचरों के ढेर …
Read More »श्री अमरनाथ का हिमनिर्मित शिवलिंग
सृष्टि के आदि में जब केवल अंधकार ही था, न दिन था न रात्रि, न सत् (कारण) था और न असत् (कार्य) था, तब केवल एक निर्विकार शिव ही विद्यमान थे। भगवान शिव कुबेर के अधिपति और पल में प्रसन्न होने वाले देवता हैं, केवल देवता ही नहीं अपितु देवताओं के भी देवता महादेव हैं।सर्व प्रकार के दुख शोकादि हरने …
Read More »भीष्म पितामह की मृत्यु
हिन्दुओं का एक प्रमुख काव्य ग्रंथ महाभारत जो स्मृति वर्ग में आता है। प्राचीन महाभारत काल की बात है जब महाभारत के युद्ध में जो कुरुक्षेत्र के मैंदान में हुआ, जिसमें अठारह अक्षौहणी सेना मारी गई, इस युद्ध के समापन और सभी मृतकों को तिलांज्जलि देने के बाद पांडवों सहित भगवान श्री कृष्ण पितामह भीष्म से आशीर्वाद लेकर हस्तिनापुर को …
Read More »पद्मिनी एकादशी व्रत
भगवान श्रीकृष्ण बताते हैं की एकादशी व्रत का पालन करने से मनुष्य काल के हाथों से मुक्त होकर, जन्म-मरण से छूटकर, भगवद-धाम वैकुण्ठ की प्राप्ति कर सकता है एवं अनन्त सुख प्राप्त कर सकता है। पद्मिनी एकादशी का व्रत 28 जून 2015 को है। पुरुषोत्तम महीने में जिसे लोग अधिक मास अथवा मल मास के नाम से भी पुकारते हैं …
Read More »रोजेदार करें हर बुराई से परहेज
रोजेदार की अपनी भूख-प्यास जहां उसमें ईशपरायणता, आत्मनियंत्रण, अल्लाह के आज्ञा-पालन और धैर्य के गुण पैदा करने का जरिया बनती है वहीं रोजोदार को इंसानों पर भूख-प्यास और दुख-दर्द में जो कुछ बीतती है उसका आस्वादन भी कराती है। इस निजी अनुभव से उसके भीतर सहानुभूति की जीवंत भावना पैदा हो जाती है। यद्यपि रमजान के महीने में रोजे रखना …
Read More »गौमूत्र और उसके फायदे
सनातन धर्म के अनुसार गाय में 33 कोटि के देवी-देवता निवास करते हैं अर्थात गाय में 33 प्रकार के देवता निवास करते हैं। ये देवता हैं- 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्विन कुमार। ये मिलकर कुल 33 होते हैं। इसी कारण दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर गायों की विशेष पूजा की जाती है। मूलतः हर …
Read More »गंगा दशहरा और गंगा मंत्र
शास्त्रानुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ला पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा कहते हैं। स्कन्द पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ला दशमी संवत्सरमुखी मानी गई है इसमें स्नान व दान का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष, दशमी को देवी गंगा का पृथ्वी पर अवतरण का दिन माना जाता है। सनातन धर्म में गंगा को सर्वाधिक पवित्र नदी माना जाता है। …
Read More »शालीग्राम और कसाई
बहुत समय पहले की बात है, एक कसाई था सदना। वह बहुत ईमानदार था, व भगवान के नाम कीर्तन में ही मस्त रहता था। यहां तक की मांस को काटते-बेचते हुए भी वह भगवद्-नाम गुनगुनाता रहता था। एक दिन वह अपनी ही धुन में कहीं जा रहा था कि उसके पैर से कोई पत्थर टकराया। वह रूक गया व उसने …
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