Religions in India

शिव द्रोण मंदिर शिवबाड़ी अम्बोटा, गगरेट, ऊना जिला, हिमाचल प्रदेश

शिव द्रोण मंदिर शिवबाड़ी अम्बोटा, गगरेट, ऊना जिला, हिमाचल प्रदेश

कैलाश पर्वत को जहां भगवान शिव का वास कहा जाता है वहीं हिमाचल राजा की बेटी से उनके विवाह के चलते हिमाचल का नाम भी भगवान शिव के साथ आदर से लिया जाता है। यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश में भगवान शिव के ऐसे कई स्थान हैं जिनके साथ भगवान शिव से संबंधित कोई न कोई घटना जुड़ी है। …

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प्राचीन शिव मंदिर, बैजनाथ, कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश

प्राचीन शिव मंदिर, बैजनाथ, कांगड़ा जिला, हिमाचल प्रदेश

जिला कांगड़ा के बैजनाथ में स्थित प्राचीन शिव मंदिर उत्तरी भारत का आदिकाल से एक तीर्थ स्थल माना जाता है। इस मंदिर में स्थित अर्धनारीश्वर शिवलिंग देश के विख्यात एवं प्राचीन ज्योती लिंग में से एक है। जिसका इतिहास लंकाधिपति रावण से जुड़ा है यूं तो वर्ष भर प्रदेश के देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक इस प्राचीन मंदिर …

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माता सिमसा मंदिर, सिमस, लड़-भड़ोल तहसील, मंडी, हिमाचल प्रदेश

माता सिमसा मंदिर, सिमस, लड़-भड़ोल तहसील, मंडी, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल के मंडी जिले में एक ऐसा मंदिर है जहां पर नि:संतान महिलाओं को संतान की प्राप्ति होती है। दरअसल नवरात्रों में हिमाचल के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से ऐसी सैकड़ों महिलाएं इस मंदिर में आती हैं जिनकी संतान नहीं होती है। जानकारी के अनुसार लड़-भड़ोल तहसील के सिमस नामक खूबसूरत स्थान पर स्थित माता सिमसा मंदिर दूर-दूर …

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मां हिमानी चामुंडा मंदिर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

मां हिमानी चामुंडा मंदिर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में हिमानी चामुंडा नंदिकेश्चर धाम पौराणिक काल से शिव शक्ति का अद्भुत सिद्धवरदाई स्थल है। दरअसल यह स्थान जालंधर पीठ के इतिहास में उत्तरी द्वारपाल के रूप में जाना जाता है। इस स्थान पर असुर जालंधर और महादेव के बीच युद्ध के अवसर पर भगवती चामुंडा को अधिष्ठात्री देवी और रुद्रत्व प्राप्त हुआ था जिस …

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त्रिलोकीनाथ मंदिर, तुंदा गांव, लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश

त्रिलोकीनाथ मंदिर, तुंदा गांव, लाहौल स्पीति, हिमाचल प्रदेश

भगवान शिव का एकमात्र मंदिर जहां त्रिलोकीनाथ के मस्तक पर महात्मा बुद्ध विराजित हैं। हिंदू संप्रदाय के अनुयायी त्रिलोकीनाथ को शिव और बौद्ध संप्रदाय के अनुयायी अवलोकितेश्वर के नाम से पूजन करते हैं। हिंदुओं के इस भक्ति केंद्र को शैव पीठ भी कहा जाता है। मंदिर शिखर शैली का है, जो पत्थरों से बना है। समीप ही सीढ़ियां उतरकर बौद्ध …

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श्राई कोटि माता मंदिर, रामपुर, हिमाचल प्रदेश

श्राई कोटि माता मंदिर, रामपुर, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में एक ऐसा मंदिर है यहां दंपत्ति एक साथ दर्शन नहीं कर सकते। अगर वह एक साथ दर्शन करते है तो उन्हें सजा भुगतनी पड़ती है। जानकारी मुताबिक शिमला के रामपुर में समुद्र तल से 11000 फुट की ऊंचाई पर मां दुर्गा का एक स्वरुप विराजमान है जो कि श्राई कोटि माता के नाम से बहुत प्रसिद्ध है। दरअसल इस …

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नारद कुंड, डडीसरी, मांट तहसील, मथुरा, उत्तर प्रदेश

नारद कुंड, डडीसरी, मांट तहसील, मथुरा, उत्तर प्रदेश

जिस नारद कुंड पर नारदजी ने निवास किया वहां डुबकी लगाने से इच्छा पूरी हो जाती है। ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग का प्रमुख धार्मिक स्थल नारद कुंड। मांट तहसील से करीब 25 किलो मीटर डडीसरी स्थित कुंड देव ऋषि नारद जी की तपस्या का साक्षी रहा है। यहां प्रगट हुए भगवान भोले बाबा भी आस्था के केंद्र बने हुए …

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गोरक्षनाथ मंदिर, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

गोरक्षनाथ मंदिर, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

भगवान गुरु गोरक्षनाथ धुनि रमाने वाले महायोगी हैं। अनेकों कहानियां उनसे सम्पूर्ण भारत में जुडी हुई हैं। एक समय की बात है भगवान गुरु गोरक्षनाथ नर-नारायण पर्वत की ओर अपने शिष्यों के साथ जा रहे थे। रास्ते में माता का प्रख्यात शक्ति पीठ पड़ गया। माता ने भगवान गुरु गोरक्षनाथ जी को आता देख उनका रास्ता रोक लिया और उनसे …

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महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश

Mahakaleshwar Mandir, Ujjain, Madhya Pradesh

वास्तुशास्त्र और फेंगशुई में पहाड़ या ऊंची-नीची जगह पर भवन बनाने के स्थान को लेकर थोड़ा विरोधाभास है। फेंगशुई का एक सिद्धान्त है कि, यदि पहाड़ के मध्य में कोई भवन बना हो, जिसके पीछे पहाड़ की ऊंचाई हो, आगे की तरफ पहाड़ की ढलान हो और ढलान के बाद पानी का झरना, तालाब, नदी, समुद्र इत्यादि हो, ऐसा भवन …

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बाबा बाल जी महाराज, ऊना, हिमाचल प्रदेश

बाबा बाल जी महाराज, ऊना, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश के पंजाब सीमावर्ती क्षेत्र से सटा हुआ ऊना एक ऐतिहासिक जिला है जहां अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। जिला मुख्यालय से मात्र दो कि.मी. की दूरी पर स्थित गांव कोटला कलां में स्थापित श्री राधा कृष्ण मंदिर आश्रम में राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी के सान्निध्य में हर वर्ष फरवरी में एक विशाल धार्मिक सम्मेलन का आयोजन किया …

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