Religions in India

मैदानेश्वर महादेव मंदिर, बापा गांव, रादौर, हरियाणा

मैदानेश्वर महादेव मंदिर, बापा गांव, रादौर, हरियाणा

रादौर के गांव बापा स्थित प्राचीन मैदानेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर भक्त जल चढ़ा कर मन्नतें मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर पांच किलों गुड़ व चलाई के लड्डूओं का प्रसाद चढ़ाते हैं। मंदिर में लगभग 500 साल पुराना शिवलिंग स्थापित है। जो प्राचीनकाल में खुदाई करते समय प्राप्त हुआ था। बहुत बार …

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चूड़ामणि शक्तिपीठ, रूड़की, उत्तराखंड

Chudamani Shaktipeeth, Roorkee, Uttrakhand

सच्चे और ईमानदार लोग भगवान को बहुत प्रिय होते हैं। उनके साथ वो कभी कुछ बुरा नहीं होने देते सदा उनके अंग-संग रहते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं पाप करने पर भी पुण्य प्राप्त किया जा सकता है। आज हम आपको यात्रा करा रहे हैं एक ऐसे मंदिर की जहां पाप करने के उपरांत ही मिलती हैं मनचाही मुरादें। …

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मां वाराही देवी मंदिर, मुकुन्दपुर, गोण्डा जिला, उत्तर प्रदेश

मां वाराही देवी मंदिर, मुकुन्दपुर, गोण्डा जिला, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मण्डल में गोण्डा जिले की कर्नलगंज क्षेत्र के मुकुन्दपुर गांव में बने ऐतिहासिक मन्दिर में मां वाराही देवी के मंदिर में चल रहे नवरात्र मेले में प्रतीकात्मक नेत्र चढ़ाने के लिए दूर दराज से आए श्रद्धालुओं की दर्शनार्थ भीड़ जुटी है। यहां दर्शन कर भक्तजन मां वाराही की कृपा पाते हैं। वाराह पुराण के मतानुसार जब …

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रामनाथस्वामी थिरुकोइल, रामेश्वरम्, तमिलनाडु

Ramanathaswamy Thirukoil, Rameshwaram, Tamilnadu

भारत के प्रसिद्ध चारधामों में से एक धाम रामेश्वरम् है, जिसकी गिनती प्रसिद्धि 12 ज्योतिर्लिंगों में भी होती है। जिस प्रकार उत्तर भारत में हिन्दुओं का पवित्र तीर्थ काशी है, उसी प्रकार दक्षिण भारत में रामेश्वरम् है। यहां भगवान् श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले शिवलिंग की स्थापना कर उसकी पूजा की थी। इस स्थान की महिमा का …

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श्री सिद्ध बाबा सोढल जी मन्दिर, जालन्धर, पंजाब

श्री सिद्ध बाबा सोढल जी मन्दिर, जालन्धर, पंजाब

जालन्धर में श्री सिद्ध बाबा सोढल जी का मन्दिर और तालाब लगभग 200 वर्ष पुराना है। उससे पहले यहां चारों ओर घना जंगल होता था जिसमें एक संत जी की कुटिया और तालाब था। यह तालाब अब सूख चूका है, परन्तु उस समय पानी से भरा रहता था। संत जी भोले भंडारी के परम भक्त थे। जनमानस उनके पास अपनी …

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कैलाश-मानसरोवर यात्रा, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन

कैलाश-मानसरोवर यात्रा, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, चीन

हिमालय पर्वत श्रृंखला में स्थित कैलाश-मानसरोवर की यात्रा को विश्व की सबसे दुर्गम धार्मिक यात्रा माना जाता है, जहां हर वर्ष मई से सितम्बर माह के बीच सैकड़ों लोग इस दुर्गम यात्रा पर आते हैं। निश्चित ही इस यात्रा के लिए तन-मन-धन तीनों का होना जरूरी है क्योंकि यह स्थान समुद्रतल से 15000 फीट की ऊंचाई पर है। इतनी ऊंचाई …

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देवी माता मावली मंदिर, पुरूर ग्राम, धमतरी, छत्तीसगढ़

देवी माता मावली मंदिर, पुरूर ग्राम, धमतरी, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के धमतरी से पांच किलोमीटर दूर पुरूर ग्राम में देवी माता मावली का प्राचीन मंदिर है। देवी मां के इस मंदिर में देवीयों का प्रवेश वर्जित है। मान्यता है की मंदिर के पुजारी जी को सपने में भूगर्भ से प्रगट हुई मां मावली ने दर्शन दिए और कहा कि वह अभी तक अविवाहित हैं इसलिए देवीयों का यहां प्रवेश …

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लुटरू महादेव गुफा, अर्की, सोलन जिला, हिमाचल प्रदेश

लुटरू महादेव गुफा, अर्की, सोलन जिला, हिमाचल प्रदेश

देव भूमि के नाम से विख्यात हिमालय की गोद में बसा सुन्दर भू भाग भारत का एक मनोहारी प्रदेश है हिमाचल। यहां की सांस्कृतिक धरोहर भारतीय संस्कृति की श्रेष्ठतम धरोहर है जो परम्परागत विश्वासों, आस्थाओं एवं स्मृतियों के साथ आज भी जीवन्त एवं गतिशील है। सोलन जिला को प्रदेश का प्रवेश द्वार माना जाता है तथा अर्की जिला सोलन की …

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कालीनाथ महाकालेश्‍वर महादेव मंदिर, परागपुर, कांगड़ा देहरा, हिमाचल प्रदेश

कालीनाथ महाकालेश्‍वर महादेव मंदिर, परागपुर, कांगड़ा देहरा, हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में पड़ने वाले कांगड़ा देहरा के परागपुर गांव में अवस्थित श्री कालीनाथ महाकालेश्‍वर महादेव मंदिर ब्यास नदी के तट पर है। यहां पर स्‍थापित शिवलिंग भी अपने आप में अद्वितीय है। मान्यता है कि इस शिवलिंग में महाकाली और भगवान शिव दोनों का वास है। इसके समीप ही श्मशानघाट है जहां पर हिंदू धर्म के लोग अपने प्रियजनों का …

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