एक जंगल में कुछ शिकारी आये। उन्होंने जाल बिछाया और एक शेर को पकड लिया। पिंजरे में शेर को बंध कर वो शहर ले आये, एक वैज्ञानिक ने उस शेर को ऊंचे दाम देकर खरीद लिया। उस वैज्ञानिक का मासूम प्राणियो पर तरह तरह के प्रयोग करना मनपसंद विषय था। इंसानों द्वारा प्रयोग की जाने वाली चीजो का प्राणियो पर …
Read More »A Beautiful Animal Tale of True Friendship
Chinky Sparrow used to live with its children in a beautiful nest, on a huge tree in Champakvan. She goes out every morning to peck grains in order to feed her young ones. Ila Ant lived at the root of the banyan tree. One day, Ila was sick. She could not even walk properly. Chinky Sparrow asked Ant “Sister, it …
Read More »घर की मुर्गी दाल बराबर: कहानियां कहावतों की
फकीरा बहुत गरीब था। मेहनत मज़दूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। घर में अधिकतर दाल रोटियां ही बनती थी। एकादि बार प्याज की चटनी भी चल जाती थी। फिर शाम को दाल। कभी कभी हरी सब्ज़ी बनती थी। मीट तो बकरीद के समय ही बन पाता था। कभी खरीदकर लाते थे। कभी किसी के यहाँ से आ …
Read More »घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने: कहानियां कहावतों की
एक गरीब परिवार था। उसका खर्चा जैसे तैसे चल रहा था। घर में कभी दाल रोटी कभी सब्ज़ी रोटी। लेकिन महीने में भी कई दिन ऐसे आते थे जब बिना दाल सब्ज़ी के गुजरा होता था। कभी प्याज नमक से रोटियाँ खाते कभी चटनी के साथ। सभी एकादी आलू बचा लेते तो उसे उबालकर भरता बना लेते। कभी …
Read More »सती सावित्री: सत्यवान और सावित्री की लोक-कथा
नारद ने जब यह कहा की सत्यवान की आयु बस एक वर्ष की है तो सावित्री ने निष्ठा तथा आत्मविस्वास पूर्वक कहा – ‘जो कुछ होने को था सो हो चूका। ह्रदय तो बस एक ही बार चढ़ाया जाता है। जो ह्रदय निर्माल्य हो चूका उसे उसे लौटाया कैसे जाये? सती बस एक ही बार अपना ह्रदय अपने प्राण धन …
Read More »मुक्ति का उपाय – पौराणिक ज्ञानवर्धक कथा
पुराण भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि है। पुराणों में मानव जीवन को ऊँचा उठाने वाली अनेक सरल, सरस, सुन्दर और विचित्र-विचित्र कथाएँ भरी पड़ी हैं। उन कथाओं का तात्पर्य राग-द्वेष रहित होकर अपने कर्तव्य का पालन करने और भगवान को प्राप्त करने में ही है। पद्मपुराण के भूमिखण्ड में ऐसी ही एक कथा आती है। अमरकण्टक तीर्थ में सोम शर्मा …
Read More »वीरमती – वीर मराठा नारी की लोक कथा
देवगिरि नामक एक छोटा – सा राज्य था। चौदहवीं शताब्दी में वहाँ के राजा रामदेव पर अलाउद्दीन ने चढ़ाई की। उसने राजा रामदेव के पास अधीनता स्वीकार करने के लिये संदेस भेजा, किन्तु सच्चे राजपूत पराधीन होने के बदले युद्ध में हँसते – हँसते मर जाना अधिक उत्तम मानते हैं। राजा रामदेव ने अलाउद्दीन को बहुत कड़ा उत्तर दिया। क्रोध …
Read More »How Lord Vithoba came to Pandharpur
It is said that the devotee Pundalik founded Pandharpur. His father Janudeva and mother Satyavati lived in a thick forest called Dandirvan. Pundalik was a devoted son but soon after his marriage he began to ill-treat his parents. To escape from their misery, the parents decided to go on a pilgrimage to Kashi. When Pundalik’s wife learnt about this, she …
Read More »आत्मनियंत्रण – जेन गुरु की शिक्षाप्रद कहानी
जापान का एक युवा तीरंदाज खुद को दुनिया का सबसे बड़ा धनुर्धर मानने लगा। जहां भी वह जाता लोगों को मुकाबले की चुनौती देता और हराकर उनका खूब मजाक उड़ाता। एक बार उसने एक जेन गुरु बोकोशु को चुनौती दी। गुरु ने पहले तो उसे समझाना चाहा लेकिन जब वह अपने गुमान में अड़ा ही रहा तो बोकोशु ने चुनौती …
Read More »हाथ पाँव की कायली, मुह में मूंछें जायँ Folktale on Hindi Proverb
एक आलसी आदमी था। उसका परिवार खाता – पीता सम्पन था। इसलिए वह काम पर भी कभी कभी जाता था। जब भी जाता था, दो – चार घंटो से अधिक दुकान पर नहीँ बैठता था। खाने – पीने मेँ चुस्त था लेकिन अपनी देखभाल करने मेँ बहुत आलसी था। कपड़े तो उसकी पत्नी और लड़के धो देते थे। लेकिन सिर के …
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