Manjari Shukla

I am writer, broadcaster, teacher and presenter of TV Programmes. I have penned more than 350 stories for children in English and Hindi. These stories have been published in various reputed children’s magazines like Nandan, Bal hans, Sneh, Sanskaar, Kadambini, Suman-saurabh, Magic-Pot, Sarita, Jaagran sakhi, Children’s World, Tinkle, Dimdima, Little Words and The Children’s magazines. My stories and articles have also been published in various journals and papers in India like Dainik Jaagran, Jansatta, Navbharat, Naidunia, Amar Ujala, Rashtriya Hindi Mail, The Pioneer, DNA, The chronicle and The Hindu. My Published Books are " Sweety's Rainy Day and Jadui Gubbare." I have received many awards also in writing. My work is also available on Net. I am Ph.D. in English Literature and hail from Lucknow. Presently I am working as an announcer in All India Radio in Allahabad. E-mail: manjarishukla28@gmail.com Present Address: ए ब्लॉक, फ्लैट नंबर-102, तुलसीयानि स्क्वायर, भगवती अपार्टमेंट के सामने, गर्ल्स हाईस्कूल के पास, क्लाइव रोडसिविल लाइन्स, प्रयागराज, Uttar Pradesh 211001 India

All in a row: Diyas light up more than just our homes

All in a row: Diyas light up more than just our homes

Pradeep decided that they would use electrical lights in multicolored to decorate the house for the festival. “How many days to Deepavali?” Pradeep asked his dad. “Four,” said Dad without looking up from the newspaper. “Oh… ho… we don’t have much time. We have to decorate the house with colorful electrical bulbs and multicolored string lights.” “I think it would …

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अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

“मुझे तो समझ ही नहीं आता कि तुम इतनी दब्बू क्यों हो?” मनीषा ने गुस्से से कहा। “हाँ, जो भी आता है, तुम्हें चार बातें सुना कर चला जाता है” अंकुर ने तुरंत कहा। अंशू सिर झुकाये अपने दोस्तों की बातें चुपचाप सुन रही थी। “अब कुछ बोलोगी भी या नहीं?” मनीषा ने तेज आवाज़ में कहा। “मुझे लगता है …

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न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

“पाँच हज़ार रुपये दे दो बाबूजी…” धन्नो बाबूजी के पैरों पर अपना सिर रखे दहाड़े मार कर रो रही थी और बाबूजी निर्विकार भाव से बैठकर पेपर पढ़ रहे थे। रोते-रोते धन्नों की हिचकियाँ बंध गई थी और आँखें सूजकर लाल हो चुकी थी पर बाबूजी किसी बुत की तरह बिना हिले डुले चुपचाप अपनी आरामकुर्सी पर बैठे हुए थे। …

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रिश्ता: बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी

बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी: रिश्ता

शानू, असलम चाचू आये है जरा दो कप चाय तो बनाकर लाना। “अदरक वाली… कड़क…” असलम चाचा बोले, जिन्हें मैं प्यार से चाचू बोलती थी। “घर में तो अदरक की फैक्टरी लगी है ना… अभी अभी कई देशों में भेजी है हमने…” कहते हुए दादी के पूजा घर में घंटे और घड़ियाल जोरों से घर में बजने लगे थे। मैंने …

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जब उपहार में मिला एक पालतू जानवर: टिक्कू का गिफ़्ट

जब उपहार में मिला एक पालतू जानवर: टिक्कू का गिफ़्ट

“मम्मी मुझे एक छोटा सा बिल्ली का बच्चा चाहिए” आठ साल का टिक्कू मम्मी से लड़ियाता हुआ बोला। मम्मी तुरंत बोली – “बिल्ली सारा दूध पी जाया करेगी”। “पर मम्मी मेरे सभी दोस्तों के पास पालतू जानवर है, मुझे भी एक चाहिए”। मम्मी ने बात बदलते हुए कहा – “जाओ, जल्दी से जाकर पार्क में अपने दोस्तों के साथ खेल …

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बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

“दिन भर उछल कूद करते रहते हो। थोड़ी देर शांति से नहीं बैठ सकते” पीहू चिड़िया ने पानी से भीगे हुए पँख फड़फड़ाते हुए कहा। जंपी मेंढक कुछ कहता, इससे पहले ही घोंदू मगरमच्छ बोला – “इसके उछलने कूदने से मैं परेशान हो चुका हूँ। कल तो मेरी आँख ही फूटते हुए बची थी”। जंपी मेंढक सकपकाता हुआ बोला – …

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राजा बन गया बंदर: घमंड में चूर राजा की प्रेरक कहानी

राजा बन गया बंदर

चंद्रपुर देश का राजा चाँदी सिंह दूर-दूर तक अपने सनकीपन के कारण मशहूर था। वह जब भी किसी बात को करने का ठान लेता तो पीछे ना हटता। कई बार तो उसकी मूर्खतापूर्ण बातों पर उसके मंत्री अपने सर पर हाथ रखकर बैठ जाते पर वे उससे कुछ ना कह पाते, क्योंकि चाँदी सिंह से कुछ भी कहने का अर्थ …

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मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

अपने बगल में दूसरे तोते का पिंजरा लटका हुआ देख मिट्ठू को बड़ा आश्चर्य हुआ। “मुझे तो किसी ने बताया भी नहीं कि घर में दूसरा तोता आ रहा है” मिट्ठू ने सोचा। तभी सामने से चीनू उछलता कूदता आया और मम्मी से बोला – “मम्मी, मेरा तोता कब आएगा?” “पापा ने बोला है ना आ जाएगा, अब जाओ और …

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जानवरों की हास्यप्रद बाल-कहानी: अप्पू की पेंटिंग

अप्पू की पेंटिंग: जंगल के जानवरों की हास्यप्रद बाल-कहानी

अप्पू हाथी पूरे जंगल में अपना स्टूल लिए घूम रहा था पर मोंटू बन्दर उसे कहीं भी नज़र नहीं आ रहा था। थक हार कर अप्पू एक आम के पेड़ के तने से टिककर बैठ गया। अप्पू के बैठते ही पेड़ इतनी जोर से हिला कि हीरु तोते के हाथ से पका हुआ आम छूटकर सीधे अप्पू के सिर पर …

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जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

जिंदगी से बड़ा इम्तिहान? असफलता में छिपी है सफलता

चंद पंक्तियों को माता पिता के आँसुओं पर भारी रखकर चले जाना और बड़ी आसानी से लिख देना “मैं आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया… या फिर मेरा पेपर अच्छा नहीं हुआ, इसलिए मैं जा रहा हूँ हो सके तो मुझे माफ़ कर देना…”। बारहवीं की परीक्षा के मात्र दो पेपर होने के बाद ही समाचार पत्र मासूम बच्चों …

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