क्लास के बच्चों पर सरसरी नज़र डालते हुए वर्मा सर ने सोचा – “अगर शम्भू भी पढ़ता तो कितना अच्छा होता”। उधर शम्भू वर्मा सर को देखकर सोच रहा था – “अगर सर को पढ़ाना आता होता तो कितना अच्छा होता”। और यह सोचते ही उसकी नज़र खिड़की से बाहर चली गई जहाँ पर एक नन्ही चिड़िया बैठी हुई थी। …
Read More »चिंटू की डिजिटल घड़ी: रोचक हिंदी हास्य बाल कहानी
मम्मी ने आवाज़ लगाई – “मामा तुमसे बात करना चाहते है”। चिंटू ने सुन लिया और चुपचाप बना पड़ा रहा। मम्मी बोली – “जल्दी उठो”। “सोने दो ना” चिंटू बुदबुदाया। चिंटू की डिजिटल घड़ी: डॉ. मंजरी शुक्ला “अरे, तुम इतने दिनों से घड़ी के पीछे पड़े थे ना तो मामा उसी के बारे में बात करना चाहते है”। “ओह! कहीं …
Read More »दादी का चश्मा: दादी पोते की मार्मिक हिंदी कहानी
“दादी का चश्मा टूट गया” रोमी अपना होमवर्क छोड़कर मम्मी को बताने के लिए भागा। मम्मी उस वक्त टीवी देख रही थी। रोमी ने टीवी की तरफ़ देखा। टीवी में चिड़ियाघर का दृश्य चल रहा था। दो छोटे बच्चे लोहे के सीखचों के अंदर हाथ डालकर पिंजरें में बंद बंदरों को पत्थर मार रहे थे। चोट से बचने के लिए बन्दर …
Read More »माँ: गरीब विधवा माँ और उसके दृढ़ निश्चय की कहानी
अरे, मम्मी… आप क्यों पैरेंट टीचर मीटिंग में चल रही है और फिर से वही पुरानी हरी साड़ी पहनकर। दस साल का चिंटू चिढ़चिढ़ाता हुआ बोला। पर उसकी मम्मी तो ख़ुशी के मारे फूली ही नहीं समा रही थी। शहर के सबसे बड़े स्कूल में एक-एक पाई इकठ्ठा करके उसने अपने इकलौते बेटे का एडमिशन बड़ी मुश्किलों से करवाया था। …
Read More »पढ़ाकू शेर: एक तोतले शेर की कहानी जो पढना चाहता है
पढ़ाकू शेर: लेखिका ‘मंजरी शुक्ला’ चिड़ियाघर घूमते-घामते अचानक बबलू का सामना शेर से हो जाता है। डर के मारे बबलू के हाथ पैर काँपने लगते है। शेर हँसते हुए बोला – “डलो मत, मै सिर्फ़ तमातल और दाजल थाता हूँ”। “तुम… तुम तो तोतले हो!” बबलू ने आश्चर्य से कहा। “हाँ… थई पहचाना” शेर ने जवाब दिया। “मै परना चाहता …
Read More »सूरज की सर्दी: मंजरी शुक्ला की बच्चों के लिए कहानी
चारों ओर धुंध छाई हुई थी लोग आश्चर्य कर रहे थे कि सूरज क्यों नहीं निकला। पर बेचारा सूरज निकलता भी तो कैसे… वह तो आसमान में उकड़ूँ बैठा ठंड से काँप रहा था। सुबह से ही सूरज को बहुत ठंड लग रही थी। पर सूरज को इस तरह सर्दी में काँपते देख चाँद बहुत खुश था क्योंकि चाँद को …
Read More »अप्रैल फूल: मूर्ख दिवस की रोचक बाल-कहानी
आज शैतान मोंटू बन्दर को सुबह से ही बहुत मजा आ रहा था। आखिर 1 अप्रैल जो आने वाला था। वह हर साल इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करता था। आखिर इस दिन लोगों को मूर्ख बनाने में कोई ज्यादा डांट भी नहीं पड़ती थी, वरना वो तो पूरे साल किसी ना किसी को तंग करने के चक्कर में हमेशा …
Read More »Rimjhim And Pigeon’s Eggs: Wisdom Story
“Mamma – mamma” – Rimjhim was screaming from the balcony. Mrs. Sharma could feel the joy and surprise in her daughter’s voice. “What happened”? she almost ran to the balcony and saw Rimjhim standing around the birds. Rimjhim was merrily clapping with loud giggle. Mamma smiled and asked – “What happened dear? You look quite happy”. “Look at that mamma” …
Read More »नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी
“काँच के अंदर झाँकने से किताब पढ़ने को नहीं मिल जाएगा” चाय की गुमटी से बापू गुस्से से चीखे जो लाइब्रेरी के पास ही बनी हुई थी। छोटू पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। वह चेहरे से बारिश की बूँदें पोंछता हुआ शीशे के अंदर देखता रहा। अंदर का दृश्य उसके लिए किसी स्वप्न लोक से कम नहीं …
Read More »सौदा: लालची बाप के बिकाऊ बेटे की हास्य कहानी
मेरे पिताजी से ज्यादा दरियादिल और महान इंसान मैंने आज तक नहीं देखा। दरियादिल इसलिए क्योंकि उनके दिल में कंजूसी और कृपणता दोनों का दरिया पूरे वेग के साथ बहता है और महान इसलिए क्योंकि वह कंजूसी के साम्राज्य के वो महान सम्राट है जिनकी टक्कर में कोई खड़ा ही नहीं हो सकता। घर हो या बाहर, वो जहाँ भी …
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