शाहरुख़ ख़ान के अनमोल विचार

शाहरुख़ ख़ान के अनमोल विचार

शाहरुख़ ख़ान (जन्म 2 नवम्बर 1965), जिन्हें अक्सर शाहरुख खान के रूप में श्रेय दिया जाता है और अनौपचारिक रूप में एसआरके नाम से सन्दर्भित किया जाता, एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता है। अक्सर मीडिया में इन्हें “बॉलीवुड का बादशाह”, “किंग खान”, “रोमांस किंग” और किंग ऑफ़ बॉलीवुड नामों से पुकारा जाता है। खान ने रोमैंटिक नाटकों से लेकर ऐक्शन थ्रिलर जैसी शैलियों में 80 हिन्दी फ़िल्मों में अभिनय किया है। फिल्म उद्योग में उनके योगदान के लिये उन्होंने तीस नामांकनों में से चौदह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीते हैं। वे और दिलीप कुमार ही ऐसे दो अभिनेता हैं जिन्होंने साथ फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार आठ बार जीता है। 2005 में भारत सरकार ने उन्हें भारतीय सिनेमा के प्रति उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया।

  • सफलता एक अच्छी टीचर नहीं है, असफलता आपको विनम्र बनाती है।
  • मेरे कुछ बहुत ही करीबी दोस्त हैं और मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि वे मेरे दोस्त हैं।
  • मैं अल्लाह से बात करता हूँ, मैं उनकी इबादत करता हूँ।
  • जब भी मैं बहुत अभिमानी महसूस करने लगता हूँ तो अमेरिका की यात्रा पर चला जाता हूँ। इमीग्रेशन वाले लात मार कर मेरे स्टारडम से स्टार निकाल देते हैं।
  • चाहे लोग इसे पसंद करें या नहीं, मेरी मार्केटिंग की सोच ये है कि अगर आप कोई चीज लम्बे समय तक लोगों के सामने रखते हैं तो उन्हें इसकी आदत पड़ जाती है।
  • भारत में सिनेमा सुबह उठ कर ब्रश करने की तरह है। आप इससे बच नहीं सकते।
  • मेरा मानना है कि प्यार किसी भी उम्र में हो सकता है… इसकी कोई उम्र नहीं होती।
  • ख़ुशी ज़ाहिर करने का सबका अपना-अपना तरीका होता है।
  • मैं जब भी एक पिता या पति के रूप में फेल होता हूँ… एक खिलौना और एक हीरा हमेशा काम कर जाते हैं।
  • कामयाबी और नाकामयाबी दोनों ज़िन्दगी के हिस्से है। दोनों ही स्थायी नहीं हैं।
  • मैं अपने बच्चों को नहीं सिखाता की हिन्दू क्या है मुस्लिम क्या है।
  • मैं वास्तव में यकीन करता हूँ कि मेरा काम ये सुनिश्चित करना है की लोग हंसें।
  • मैं झूठ बोल सकता हूँ कि मेरी बीवी मेरे लिए खाना बनाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। मेरी बीवी ने कभी खाना बनाना नहीं सीखा लेकिन उसके पास घर पे बहुत अच्छे कुक्स हैं।
  • जहाँ तक जनता का सवाल है, भारत आश्चर्यजनक रूप से धर्मनिरपेक्ष है।
  • हालांकि मैं बहुत अच्छा दिखता हूँ, फिर भी मैं काफी बुद्धिमान हूँ।
  • मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है की जब फिल्म को एक छोटे शेड्यूल में शूट किया जाता है तो वो अच्छी बनती है, ऊपर से एक्टर्स भी तनाव में नहीं आते।
  • जब लोग मुझे भगवान् कहते हैं तो मैं कहता हूँ नहीं मैं अभी भी अभिनय का फ़रिश्ता या संत हूँ। अभी भी मुझे बहुत आगे जाना है।
  • मैं परदे पर किस नहीं करता। पीरियड।
  • प्यार के लिए सही समय और सही जगह नहीं होती… य़े किसी भी वक़्त हो सकता है।
  • आप जानते हैं, मुझे लगता है कि हम भारतीय अपनी खुशियाँ दिखाने और मनाने से डरते हैं, नहीं तो चीजें अलग होतीं। लेकिन मैं महसूस करता हूँ कि दुखी होना ठीक है और अपनी ख़ुशी जाहिर करना भी ठीक है।
  • मैं एक बच्चे की तरह हूँ। मैं अपने परिवार और मित्रों से कहता हूँ कि मैं बच्चों की तरह हूँ।
  • मुझे स्टारडम का जंजाल पसंद नहीं है। मैं जूते और डोल्से & गबाना इसलिए पहनता हूँ क्योंकि मुझसे कहा जाता है। लेकिन मैं इन सबमे फंसता नहीं हूँ।
  • मेरे अन्दर मूवी स्टार होने का कोई अहम् या अहंकार नहीं है।

Check Also

Ohh My Dog: Pankaj Tripathi Family Drama Film Trailer & Review

Ohh My Dog: Pankaj Tripathi Family Drama Film Trailer & Review

Movie Name: Ohh My Dog Directed by: Amit Rai Starring: Maahi Rai, Pankaj Tripathi, Geeta …