
उसे कहते हैं ग्राम सभा।
जहां बात-बात पर लात चले,
उसे कहते हैं विधानसभा।
जहां एक कहे और सब सुनें,
उसे कहते हैं शोक सभा।
जहां सब कहें और कोई न सुने,
उसे कहते हैं लोकसभा।

जहां बात-बात पर लात चले,
उसे कहते हैं विधानसभा।
जहां एक कहे और सब सुनें,
उसे कहते हैं शोक सभा।
जहां सब कहें और कोई न सुने,
उसे कहते हैं लोकसभा।
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