Yearly Archives: 2021

नई सीख: दिल को भावुक कर देने वाली कहानी

नई सीख:

“जब तुम्हारे सारे दोस्त फ़ीस जमा कर रहे थे तब तुम कहाँ थे?” मिश्रा सर ने अंकुर से गुस्से से पूछा। “मैं भूल गया था सर” अंकुर ने ज़मीन की ओर ताकते हुए कहा। “और जब आज फ़ीस भरने की आख़िरी तारीख़ है तो तुम मेरा हिंदी का पीरियड छोड़कर फ़ीस भरने ऑफ़िस जाना चाहते हो” सर की आवाज़ अब …

Read More »

भारतीय खिलौने बनाम चाइनिज टॉयज

भारतीय खिलौने बनाम चाइनिज टॉयज

बार्बी नहीं डांसिंग डॉल… चाइनिज ड्रैगन को इंडियन टाइगर की पटखनी: भारतीय खिलौनों की दमदार दुनिया भूलिए पावर रेंजर, डोरेमोन, शिनचैन को… और बार्बी तो कुछ भी नहीं… तैयार हो जाइए बच्चों को तंजावुर डॉल और दशावतार जैसे भारतीय खिलौने दिलाने के लिए। भारतीय खिलौने बनाम चाइनिज टॉयज: खिलौने बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बच्चों …

Read More »

ढूंढते रह जाओगे Haryanavi poem on lost Indian culture

Haryanavi poem on lost Indian culture ढूंढते रह जाओगे

Haryanvi poem on lost Indian culture [1] ढूंढते रह जाओगे: Harynvi poem लुगाईयाँ का घाघरा खिचड़ी का बाजरा सिरसम का साग सर पै पाग आँगण मै ऊखल कूण मै मूसल ढूंढते रह जाओगे! घरां मै लस्सी लत्ते टाँगण की रस्सी आग चूल्हे की संटी दुल्हे की कोरडा होली का नाल मौली का पहलवानां का लंगोट हनुमानजी का रोट ढूंढते रह जाओगे! …

Read More »

क्यों मो पे रंग की मारी पिचकारी: बहादुर शाह जफर

क्यों मो पे रंग की मारी पिचकारी: बहादुर शाह जफर

वैसे तो होली पूरे भारत में मनाई जाती है पर अलग-अलग सांस्कृतिक अंचलों की होली की अपनी खासियत है। हां, एक बात जो सभी जगहों की होली में सामान्य है, वह है महिलाओं और पुरुषों के बीच रंग खेलने के बहाने अनूठे विनोदपूर्ण और शरारत से भरे प्रसंग। ये प्रसंग शुरू से होली की पहचान से जुड़े रहे हैं। और …

Read More »

रंग बरसे भीगे चुनर वाली: हरिवंश राय बच्चन

रंग बरसे भीगे चुनर वाली: हरिवंश राय बच्चन

सिलसिला 1981 में बनी भारतीय हिन्दी भाषा की रूमानी नाट्य फ़िल्म है। इसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया और इसमें अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रेखा, संजीव कुमार और शशि कपूर मुख्य कलाकार हैं। यह फिल्म उस समय के तीन सितारों अमिताभ-जया-रेखा के वास्तविक जीवन के कथित प्रेम त्रिकोण से बहुत प्रेरित है, जो उस समय के प्रेम प्रसंगों में सबसे …

Read More »

कभी नहीं देखा: हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा पर कविता

कभी नहीं देखा

कभी नहीं देखा: हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा पर कविता – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ किसी परिचय के मोहताज नहीं है , वह समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। समाज के प्रति उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। किस प्रकार उन्होंने समाज में हो रही धर्म की हानि तथा , नैतिक मूल्यों का ह्रास तथा धर्म विशेष की उपेक्षा को …

Read More »

What is Holi Significance?

What is Holi Significance?

Holi, marked only with colors and love, is a festival that can be enjoyed by people of all ages. There are different aspects of Holi that different individual take into consideration. In this colorful festival, India gets into the groove of the celebration and brings about a vibrant positive attitude in the lives of all. It is important to realize …

Read More »

होली का रंग: रंग, उत्साह और उमंग का त्यौहार

होली का रंग: रंग, उत्साह और उमंग का त्यौहार

होली का रंग: भारत विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों को एक साथ लेकर चलने वाला देश है। यहां हर मौसम में विविध त्यौहार आते हैं जो मिलने-मिलाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं। हर कुछ महीने बाद देश त्यौहारों के रंग में डूबा नजर आता है। वसंत ऋतु अपने साथ देश का सबसे रंगीन त्यौहार “होली” लेकर आता है। होली भारत …

Read More »

Saved by the bell: Grandmother and Holi Sweets

Saved by the bell: Grandmother and Holi Sweets

With Holi coming up, Dadi (Grandmother) wants to start preparing the sweets but how can she without the right ingredients? Dadi had started dictating her list of items to be bought for Holi since last evening. “Who can match the flavor of mouth-watering dahi vadas and crispy golden gujhiyas prepared by Dadi?” said Garima excitedly. mom smiled in agreement. Dadi …

Read More »

मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए: प्रसून जोशी

मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए: प्रसून जोशी

मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए: प्रसून जोशी (जन्म: 16 सितम्बर 1968) हिन्दी कवि, लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार हैं। वे विज्ञापन जगत की गतिविधियों से भी जुड़े हैं और अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञापन कंपनी ‘मैकऐन इरिक्सन’ में कार्यकारी अध्यक्ष हैं। फ़िल्म ‘तारे ज़मीन पर’ के गाने ‘मां…‘ के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय पुरस्कार’ भी मिल चुका …

Read More »