Yearly Archives: 2017

बाल-कविताओं का संग्रह: प्रभुदयाल श्रीवास्तव

Prabhudayal Shrivastav

यजमान कंजूस‌: प्रभुदयाल श्रीवास्तव बरफी ठूंस ठूंस कर खाई। सात बार रबड़ी मंगवाई। एक भगोना पिया रायता। बीस पुड़ी का लिया जयका। चार भटों का भरता खाया। दो पत्तल चाँवल मंगवाया। जल पीने पर आई डकार। छुआ पेट को बारंबार। बोले नहीं पिलाया जूस। यह यजमान बहुत कंजूस। ~ प्रभुदयाल श्रीवास्तव

Read More »

कानाफूसी: राम विलास शर्मा

कानाफूसी – राम विलास शर्मा

सुना आपने? चांद बहेलिया जाल रुपहला कंधे पर ले चावल की कनकी बिखेर कर बाट जोहता रहा रात भर, किंतु न आईं नीड़ छोड़ कर रंग बिरंगी किरण बयाएं! सुना आपने? सुना आपने? फाग खेलने क्ंवारी कन्याएं पलास की केशर घुले कटोरे कर मे लिये ताकती खड़ी रह गईं, ऋतुओं का सम्राट पहन कर पीले चीवर बौद्ध हो गया! सुना …

Read More »

दीदी के धूल भरे पाँव: धर्मवीर भारती

दीदी के धूल भरे पाँव: धर्मवीर भारती

दीदी के धूल भरे पाँव बरसों के बाद आज फिर यह मन लौटा है क्यों अपने गाँव; अगहन की कोहरीली भोर: हाय कहीं अब तक क्यों दूख दूख जाती है मन की कोर! एक लाख मोती, दो लाख जवाहर वाला, यह झिलमिल करता महानगर होते ही शाम कहाँ जाने बुझ जाता है – उग आता है मन में जाने कब …

Read More »

दिवा स्वप्न: राम विलास शर्मा

दिवा स्वप्न: राम विलास शर्मा

वर्षा से धुल कर निखर उठा नीला नीला फिर हरे हरे खेतों पर छाया आसमान‚ उजली कुँआर की धूप अकेली पड़ी हार में‚ लौटे इस बेला सब अपने घर किसान। पागुर करती छाहीं में कुछ गंभीर अधखुली आँखों से बैठी गायें करती विचार‚ सूनेपन का मधु–गीत आम की डाली में‚ गाती जातीं भिन्न कर ममाखियाँँ लगातार। भर रहे मकाई ज्वार …

Read More »

धुंधली नदी में: धर्मवीर भारती

धुंधली नदी में: धर्मवीर भारती

आज मैं भी नहीं अकेला हूं शाम है‚ दर्द है‚ उदासी है। एक खामोश सांझ–तारा है दूर छूटा हुआ किनारा है इन सबों से बड़ा सहारा है। एक धुंधली अथाह नदिया है और भटकी हुई दिशा सी है। नाव को मुक्त छोड़ देने में और पतवार तोड़ देने में एक अज्ञात मोड़ लेने में क्या अजब–सी‚ निराशा–सी‚ सुख–प्रद‚ एक आधारहीनता–सी …

Read More »

देखो, टूट रहा है तारा: हरिवंश राय बच्चन

देखो, टूट रहा है तारा: हरिवंश राय बच्चन

देखो, टूट रहा है तारा। नभ के सीमाहीन पटल पर एक चमकती रेखा चलकर लुप्त शून्य में होती-बुझता एक निशा का दीप दुलारा। देखो, टूट रहा है तारा। हुआ न उडुगन में क्रंदन भी, गिरे न आँसू के दो कण भी किसके उर में आह उठेगी होगा जब लघु अंत हमारा। देखो, टूट रहा है तारा। यह परवशता या निर्ममता …

Read More »

Heaviest Kidney Tumor Removed: World Record

India World Record: Heaviest kidney tumor removed

Mumbai (Maharashtra), India – November 29, 2017 – The team of doctors from the civic-run Sion Hospital led by Dr. Ajit Sawant, head of urology, successfully operated on Manju Devi, a 28-year-old woman from Bihar’s Darbhanga district; it took a team of surgeons eight hours to remove the 12 lbs 12 oz. (5.5 kg) tumour from her kidney, which sets the …

Read More »

Largest Computer Security Lesson: World Record

India World Record: Largest computer security lesson

Mumbai (Maharashtra), India – November 15, 2017 – KPMG in India conducted a mass outreach program to educate young school children about being cyber safe; reaching out to a whopping / impressive 3673 participants in schools across India, the company has set a new world record for the Largest computer security lesson at multiple locations. Photo: KPMG globally celebrated Cyber …

Read More »

Largest gathering of people dressed as Harry Potter

Largest gathering of people dressed as Harry Potter

Byford, Australia – December 11, 2017 – A total of 997 students, staff and parents dressed as boy wizard Harry Potter gathered at West Byford Primary School, to set the new world record for the Largest gathering of people dressed as Harry Potter. Photo: West Byford Primary School smashed the Guinness world record for the most people dressed as the …

Read More »