Home » Folktales For Kids » Folktales In Hindi » परोपकारी बालक रामराव Hindi story of Courageous Boy
परोपकारी बालक रामराव Hindi story of Courageous Boy

परोपकारी बालक रामराव Hindi story of Courageous Boy

बालक रामराव बंगलोर की पंद्रहवी बालचर सेना का सदस्य था। उसकी अवस्था दस वर्ष की थी। एक दिन वह एक घाट पर खड़ा था। देवांग जाति की पंद्रह वर्ष की एक कन्या वहाँ कपड़े धो रही थी। कपड़े धोते-धोते उस लड़की का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में पहुँच कर डुबकियाँ लेने लगी। बालक रामराव अपने सारे कपड़ो के साथ जल में कूद पड़ा। वह झटपट बालिका के पास पहुँच गया।

परोपकारी बालक रामराव Hindi story of Courageous Boy

रामराव ने डूबती लड़की को पकड़ लिया, परंतु उसका काम बहुत कठिन था। वहाँ पानी में सिवार भरी थी, जो बार-बार हाथ-पैर में फैस जाती थी। वह लड़की रामराव के लिये बहुत भारी थी। रामराव के कपड़े भीगकर तैरने में बाधा डाल रहे थे। इतने पर भी वह साहसी बालक अपने काम में जूटा रहा। वह उस लड़की को घाट पर ले आया, यदपि इस काम से वह स्वय बहुत अधिक थक गया और उसके भी डूब जाने का भय हो गया था। अपने प्राणों को कठिनाई में डालकर उसने उस कन्या के प्राण बचा लिये।

Check Also

A Little Girl Needs Daddy - Inspiring Father's Day Poem

A Little Girl Needs Daddy – Inspiring Father’s Day Poem

A Little Girl Needs Daddy For many, many things: Like holding her high off the …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *