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Tag Archives: Hindi Stories on Restlessness

और रंग मुस्कुरा दिए: मंजरी शुक्ला

और रंग मुस्कुरा दिए: मंजरी शुक्ला

होली का त्यौहार आने वाला था। सारे घर में खुशी की लहर दौड़ रही थी। पापा मिठाइयों की लिस्ट बनाने में व्यस्त थे तो मम्मी नए कपड़े और पूजा का सामान लिख रही थी। मैं अपने दोस्तों के साथ ढेर सारे रंग और पिचकारियों के बारे में बात करता रहता था। सभी चिंता में थे कि कौन सी वाली पिचकारी …

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वीडियो गेम: मंजरी शुक्ला की प्रेरणादायक हिंदी कहानी

वीडियो गेम: मंजरी शुक्ला की प्रेरणादायक हिंदी कहानी

चीनू की आँखों से लगातार पानी निकल रहा था पर चीनू की आँखें वीडियो गेम पर टिकी हुई थी। वह एक हाथ से बार-बार अपनी आँखें मसलता और फ़िर अपना चश्मा ठीक करते हुए तेजी से बटन दबाना शुरू कर देता। जैसे ही उसने दसवाँ लेवल पार कर लिया। वह ख़ुशी से उछल पड़ा और सोफ़े पर ही कूदने लगा। …

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सोनू और नंदनी गाय की दिल छू लेने वाली बाल-कहानी

सोनू और नंदनी

नटखट सोनू एक बहुत ही शरारती बच्चा था और रात दिन सिर्फ़ शैतानियाँ करने के बारे में ही सोचता रहता था।उसके घर में एक सफ़ेद रंग गाय थी नंदनी, जो बहुत ही सुन्दर और सीधी थी। वह सोनू को बहुत प्यार करती थी पर जब भी सोनू अपने पापा के साथ गौ शाला में जाता तो उसकी घास छुपा देता …

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हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

हास्यप्रद बाल-कहानी: ऐसे मना दशहरा

“दशहरे पर मैं रावण देखने जाऊंगी” दस साल की चित्राणी ने एलान कर दिया। “और मैं हमेशा की तरह नहीं ले जाऊँगा” पापा ने अखबार पढ़ते हुए ही जवाब दिया। “क्या हो जाएगा, अगर हम लोग रावण देखने चले जाएँगे… पूरी दुनिया तो जाती है” मम्मी ने हर साल की तरह रटा रटाया वाक्य दोहराया। मम्मी की बात पर चित्राणी …

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चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

चाँद और लम्बू जिराफ़ की दोस्ती पर हिंदी बाल-कहानी

रोज़ की तरह आज फ़िर खेल-खेल में चाँद सितारों की आपस में लड़ाई हो गई थी। चाँद बेचारा क्या करता, वह एक तरफ़ अकेला पड़ जाता और ढेर सारे सितारे एक तरफ़… आख़िर चाँद रूठ गया और बोला – “मैं जा रहा हूँ, धरती की ओर…” सितारे यह सुनकर घबरा गए। उन्होंने उसे बहुत मनाया। उसकी बड़ी खुशामद की, पर …

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योग दिवस पर दिलचस्प कहानी: स्वीटू का प्राणायाम

योग दिवस पर दिलचस्प कहानी: स्वीटू का प्राणायाम

आज सुबह से नीलू चिड़िया तालाब के किनारे बैठी अपनी सहेली स्वीटू मछली का बहुत देर से इंतज़ार कर रही थी पर स्वीटू का कहीं अता पता नहीं था। नीलू को अब भूख भी लगने लगी थी। उसने इधर उधर कुछ खाने के लिए ढूंढना शुरू किया। तभी कुछ दूरी पर चिप्स के टुकड़े देखकर उसके मुँह में पानी आ …

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