Tag Archives: Hindi Poems on Public Awareness

जनसंख्या: Hindi Poem about Over Population

Hindi Poem about Over Population जनसंख्या

भारत की अनेक समस्याओं का कारण यहाँ की तेजी से बढती हुई Population है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि इसे सख्या विस्फोट की संज्ञा दी जाती है। अर्थशारित्रयों का मत है कि भारत के लिए इस बढती हुई जनसंख्या की जरूरतो को पूरा करने के लिये पर्याप्त साधन नहीं हैं। आज हमारी जनसख्या लगभग एक अरब पाच करोड …

Read More »

रक्तदान है महादान: Hindi Poem on Blood Donation

Motivational Hindi Poem on Blood Donation रक्तदान है महादान

रक्तदान है महादान: रक्तदान जीवनदान है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचाता है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। उस वक्त हम नींद से जागते हैं और उसे बचाने के लिए खून के इंतजाम की जद्दोजहद करते हैं। अनायास दुर्घटना या …

Read More »

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ

प्रभुदयाल श्रीवास्तव की प्रसिद्ध बाल-कविताएँ तितली उड़ती, चिड़िया उड़ती कुछ न कुछ करते रहना दादाजी की बड़ी दवात गरमी की छुट्टी का मतलब होगी पेपर लेस पढ़ाई सूरज चाचा पानी बनकर आऊँ नदी बनूँ शीत लहर फिर आई जीत के परचम पर्यावरण बचा लेंगे हम हँसी-हँसी बस, मस्ती-मस्ती खुशियों के मजे कंधे पर नदी बूंदों की चौपाल अपना फर्ज निभाता …

Read More »

नारी तुझे सलाम: अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के सन्दर्भ में हिंदी कविता

नारी तुझे सलाम Women's Day Special Hindi Poem

नारी तुझे सलाम इश्क में तू जुनून में तू कोयल के कुहु में तू माँ भी तू ममता भी तू अदम्य साहस की क्षमता भी तू कला में तू विज्ञान में तू देश के निरंतर उत्थान में तू संसार में तू सर-हद पार में तू आधुनिक विमर्श-विचार में तू लक्ष्मी भी तू सरस्वती भी तू असंख्य रूप पार्वती की तू …

Read More »

महिला दिवस पर कविता: पहली नारी

महिला दिवस पर कविता - पहली नारी

मेरा प्रणाम है पहली नारी सीता को जिसने एक सीमा (लक्ष्मण रेखा) को तोडकर भले ही जीवन भर अथाह दुख सहे लेकिन आधुनिक नारी को आजादी का मार्ग दिखा दिया धन्य हो तुम माँ सीता तुमने नारी का मन जीता बढाया था तुमने पहला कदम जीवन भर मिला तुम्हें बस गम पर नई राह तो दिखला दी नारी को आज़ादी …

Read More »

योग पर आधारित हिंदी कविता संग्रह

Sanskrit Poem on Importance of Yoga योगस्य महत्त्वम्

योग क्या है? संस्कृत धातु ‘युज‘ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। …

Read More »

अपराधी कौन: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की देश प्रेम कविता

Hindi Poem on Desh Prem / Frustration अपराधी कौन - रामधारी सिंह दिनकर

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ भारत में हिन्दी के एक प्रमुख लेखक, कवि व निबन्धकार थे। वे आधुनिक युग के श्रेष्ठ वीर रस के कवि के रूप में स्थापित हैं। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ स्वतन्त्रता पूर्व एक विद्रोही कवि के रूप में स्थापित हुए और स्वतन्त्रता के बाद ‘राष्ट्रकवि’ के नाम से जाने गये। वे छायावादोत्तर कवियों की पहली पीढ़ी के कवि …

Read More »

छोटी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बाल-कविताएँ

छोटी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए बाल-कवितायेँ

बाल-कविताएँ की सूची इम्तिहान: नितिन शर्मा बेटी की मां से फरियाद: विजय कुमार अग्रवाल आसमान छू लेंगी: डॉ. कविता विकास आलू: ओम प्रकाश बजाज फूल: ओम प्रकाश बजाज पिता: संतोष शैलजा बेटी: संतोष शैलजा पतंगबाजी: जया मिश्रा मेहनत वाले: सुगन धीमान चिंटू मेरा अच्छा दोस्त: पूर्णिमा वर्मन एक गीत और कहो: पूर्णिमा वर्मन बाल-कविताएँ [1] – इम्तिहान: नितिन शर्मा इम्तिहान …

Read More »

Hindi Poem on Yoga अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून

Hindi Poem on Yoga अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - 21 जून

हे मानव! अपने जीवन में, यदि नित्यदिन करोगे योगा। तो बिना रुपइया खर्च किए, शत प्रतिशत लाभ तुम्हें होगा। हर कोई इसे कर सकता है, छोटा, बड़ा, अमीर, गरीब। न औषधि की आवश्यकता है, न ही बीमारी आये करीब। भांति-भांति के आसन हैं, और भिन्न-भिन्न हैं नाम। शरीर के हर एक हिस्से को, मिलता इससे बहुत आराम। आभार प्रकट करता …

Read More »

Yoga Diwas Hindi Poem योग दिवस

Yoga Diwas Hindi Poem योग दिवस

कहाँ खोई प्रतिभा लौट के आई, भारत को पहचान दिलाई, विश्व ने माना योग का लोहा, योग ने दुनिया का मन मोहा, अफसर हो या चपरासी, चाहे कितनी आपाधापी, उठी प्रेम से सबकी नज़र, योग ने किया बेहतरीन सफर, आसन हो या प्राणायाम, कूदते फांदते करते व्यायाम, सड़क पे उतरी सरकार, “स्वस्थ विश्व” सपना होता साकार, योग ने दिया भारत …

Read More »