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Tag Archives: Child Labour Stories for Students

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

नई सुबह: साक्षरता प्रेरक प्रेरणादायक बाल कहानी

“काँच के अंदर झाँकने से किताब पढ़ने को नहीं मिल जाएगा” चाय की गुमटी से बापू गुस्से से चीखे जो लाइब्रेरी के पास ही बनी हुई थी। छोटू पर इस बात का कोई असर नहीं हुआ। वह चेहरे से बारिश की बूँदें पोंछता हुआ शीशे के अंदर देखता रहा। अंदर का दृश्य उसके लिए किसी स्वप्न लोक से कम नहीं …

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बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

“माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर कपड़े डालते हुए …

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प्रतिशोध: नारी उत्पीड़न की कहानी – मंजरी शुक्ला

प्रतिशोध - नारी उत्पीड़न की कहानी

दूर से आती आवाज़ को कभी गौर से सुनना नहीं पड़ा और जो सामने था उसकी स्पष्ट आवाज़ कभी कानों में आई नहीं। क्या, क्यों और कैसे शब्दों का कोई अर्थ नहीं रह गया था। किसी शान्त नदी के किनारे या उफ़नते समुद्र के ज्वर भाटे उसे एक सा ही सुकून देते थे। उसे खुद भी नहीं पता होता कि …

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एक गरीब की दर्द भरी कहानी: सेकंड हैंड

एक गरीब की दर्द भरी कहानी: सेकंड हैंड

हर इतवार को गाड़ी धोने वाले राममेहर का चेहरा आज ख़ुशी से चमक रहा था। जैसे ही मैंने कार की चाभी पकड़ाई, वह हँसते हुए बोला – “साइकिल बहुत पुरानी हो गई थी, तो एक्टिवा ले ली मैंने…” मैंने कहा-“अरे वाह, आज तो नाश्ते के साथ मिठाई भी खाकर जाना”। “साहब एक बार ज़रा देख लेते” वह चहकते हुए बोला। …

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नन्हे छोटू की बड़ी कहानी: मानवाधिकार पर बाल-कहानी

नन्हे छोटू की बड़ी कहानी: मानवाधिकार पर बाल-कहानी

सर्दी की छुट्टियाँ आ गई थी और रिमझिम के तो खुशी के मारे पैर ज़मीन पर ही नहीं पड़ रहे थे। उसके पापा उसे उसकी बेस्ट फ्रैंड स्वाति के घर छोड़ने के लिए तीन दिन के लिए तैयार हो गए थे। रिमझिम और स्वाति एक दूसरे के साथ जी भर कर मस्ती करना चाहती थी, इसलिए दोनों ही बहुत खुश …

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