Folktales In Hindi

Folktales In Hindi

दयालु मूलराज

दयालु मूलराज

लगभग नौ सौ वर्ष पहले की है, राजा भीमदेव गुजरात में राज्य करते थे। उनके एक लड़का था। नाम था मूलराज। लड़का होनहार था और था बड़ा दयालु। एक साल गुजरात में बरसात नही हुई। खेत सुख गये। एक गाँव के लोग राजा को लगान नही दे सकते। राजा के सिपहियों ने गाँव में जाकर उन लोगोके घरो में जो …

Read More »

शतमन्यु – दयालु और परोपकारी बालक

सत्युग की बात है। एक बार देश में दुर्भिक्ष पड़ा। वर्षा के अभाव से अन्न नही हुआ। पशुओ के लिए चारा नही रहा। दूसरे वर्ष भी वर्षा नही हुई। विपत्ति बढ़ती गयी। नदी-तालाब सूख चले। मार्तण्ड की प्रचण्ड किरणों से धरती रसहीन हो गयी। तृण भस्म हो गए। वृक्ष निष्प्राण हो चले मनुष्यों और पशुओं में हाहाकार मच गया। दुर्भिक्ष …

Read More »

अनमोल

अनमोल

राजा महेन्द्रनाथ हर वर्ष अपने राज्य में एक प्रतियोगिता का आयोजन करते थे, जिसमें हजारों की संख्या में प्रतियोगी भाग लिया करते थे और विजेता को पुरुस्कार से सम्मानित किया जाता है। एक दिन राजा ने सोचा कि प्रजा की सेवा को बढ़ाने के लिए उन्हें एक राजपुरूष की आवश्यकता है जो बुद्धिमान हो और समाज के कार्य में अपना …

Read More »

गधे का रास्ता

Donkey's way

एक छोटे से गाँव में भोलू नाम का एक गधा रहता था। वह गाँव बाकी दुनिया से बिलकुल कटा हुआ था, न वहां कोई आता था और न वहां से कोई कहीं जाता था। एक बार गधे ने सोचा क्यों ना जंगल के उस पार जाकर देखा जाए कि आखिर उस तरफ है क्या? अगले दिन भोर में ही वह …

Read More »

सवाल मेरे – जवाब मेरी आत्मा के

सवाल मेरे - जवाब मेरी आत्मा के

आज फिर से वह अस्पष्ट आकृती मेरे सामने आई मंद मंद मुस्कुराते हुए उसने पुछा “इतना खुश क्यो हो पगले!” आखरी शब्द को सुना अनसुना कर मैंने कहा “आत्माजी कल मेरा जन्मदिन है!” मेरी आत्मा बोली “मतलब?” मैं: मतलब आज के दिन ही मेरा जन्म हुआ था! आत्मा: तेरा जन्म कब हुआ? मैंने कहा: २९/०९/@#$# आत्मा: तो इससे पहेले तू …

Read More »

अनाथ

अनाथ

माँ के निधन के पश्चात इकलौते बेटे ने पत्नी के कहने में आ कर अपने पिता को वृद्धाश्रम में भेजने का निर्णय ले लिया। पिता की समस्त भौतिक वस्तुएं समेट वो एक ईसाई पादरी द्वारा संचालित वृद्धाश्रम में पिता को ले आया। काउंटर पर बैठी क्लर्क ने बहुत से विकल्प दिए – टेलीविज़न, AC, शाकाहारी / मांसाहारी इत्यादि। पिता ने सादे एक …

Read More »

जियो ओर जीने दो – प्रशांत सुभाषचन्द्र साळुंके

मैँ मेरे कुछ दोस्तो के साथ बैठा था। इधर उधर की बातें हो रही थी। अचानक सड़क किनारे से एक गाड़ी गुजरी। मेरा एक दोस्त उसे देखकर बावला सा हो गया ओर बुरी तरह से भौंकते हुवे उस गाड़ी के पीछे भागा। हम सब को उसका व्यवहार बड़ा विचित्र लगा! हम कुत्ते है! पर इतना तो जरूर समझ सकते है …

Read More »

जान है तो जहान है

जान है तो जहान है

एक गाँव मे एक किसान रहता था। उन दिनों गाव पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था। गाँव में सुखा पड़ा था। लोगों को पीने के पानी के लिए भी लाले पड़ गए थे। धरती बंजर हो गई थी। और आसमान से बारिश गिरने के कोई भी आसार नजर नहीं आ रहे थे। ऐसी परिस्थिति मे गाँव वालो ने गाँव …

Read More »

पिज्जा

Pizza

पत्नी ने कहा – आज धोने के लिए ज्यादा कपड़े मत निकालना… पति – क्यों? उसने कहा – अपनी काम वाली बाई दो दिन नहीं आएगी… पति – क्यों? पत्नी – गणपति के लिए अपने नाती से मिलने बेटी के यहाँ जा रही है, बोली थी… पति – ठीक है, अधिक कपड़े नहीं निकालता… पत्नी – और हाँ! गणपति के …

Read More »

दो कप चाय

दो कप चाय

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं… उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी़ बरनी (जार) टेबल पर रखा और उसमें टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद समाने की जगह नहीं बची… उन्होंने …

Read More »