Tag Archives: Motivational Hindi Songs

मेरे देश की धरती सोना उगले: गुलशन बावरा का देश प्रेम फ़िल्मी गीत

मेरे देश की धरती सोना उगले - गुलशन बावरा

गुलशन छह वर्ष की उम्र में कविता लिखने लगे थे। बचपन में ही मौत का दंश झेलने वाले गुलशन के गीतों में दर्द छलकता रहा। लोग इसमें डूबते रहे। विभाजन के बाद दिल्ली आकर यहां स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद मुंबई में गए और वहां संघर्ष शुरू हुआ। रेलवे में लिपिक की नौकरी की लेकिन मन गीतों में ही …

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साथी हाथ बढ़ाना: साहिर लुधियानवी का श्रमिक दिवस विशेष फ़िल्मी गीत

साथी हाथ बढ़ाना - साहिर लुधियानवी - Labour Day Film Song

नया दौर का एक यादगार गीत। फिल्म नया दौर आजादी के बाद देश में किस तरह के बदलाव आए और लोग किस तरह आधुनिकता की ओर अपने कदम बढ़ाने लगे थे, इसे भी समझाया गया था। यह फिल्म भारतीयों के संघर्ष की कहानी है, जिसे बखूबी पर्दे पर उतारा निर्देशक बी.आर. चोपड़ा ने. 1957 में आई इस फिल्म से सिनेमा …

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सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं: आनंद बक्षी का श्रमिक दिवस पर फ़िल्मी गीत

सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं - आनंद बक्षी - Labour Day Filmi Song

आनन्द बक्षी यह वह नाम है जिसके बिना आज तक बनी बहुत बड़ी-बड़ी म्यूज़िकल फ़िल्मों को शायद वह सफलता न मिलती जिनको बनाने वाले आज गर्व करते हैं। आनन्द साहब चंद उन नामी चित्रपट (फ़िल्म) गीतकारों में से एक हैं जिन्होंने एक के बाद एक अनेक और लगातार साल दर साल बहुचर्चित और दिल लुभाने वाले यादगार गीत लिखे, जिनको …

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महंगाई मार गई: वर्मा मलिक का महंगाई पर फ़िल्मी गीत

मंहगाई मार गई - Inflation & Labour Day Filmi Song

प्रोड्यूडर-डायरेक्टर-एक्टर मनोज कुमार की ‘रोटी कपड़ा और मकान‘ (1974) में एक हिट गाना था – बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गयी। इसकी बड़ी मज़ेदार कहानी है। मनोज के कहने पर गीतकार वर्मा मलिक ने महंगाई पर एक गाना लिखा। गाना क्या कव्वाली बन गयी। उसे पहले तो पढ़ कर सब हंसे। कंटेंट पर भी और इस पर भी क्या …

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पानी रे पानी तेरा रंग कैसा: इन्द्रजीत सिंह तुलसी

पानी रे पानी तेरा रंग कैसा - शोर - Hindi Filmi Song on Poverty

शोर 1972 में बनी हिन्दी भाषा की फिल्म है। इसका लेखन, निर्देशन और निर्माण मनोज कुमार ने किया है। इसमें वह स्वयं जया भादुड़ी के साथ मुख्य भूमिका में हैं। शंकर (मनोज कुमार) एक दुर्घटना में अपनी पत्नी (नन्दा) को खो देता है। वह अपने बेटे को बचाते हुए मर जाती है। दुर्घटना के कारण, दीपक अपनी आवाज खो देता …

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