Tag Archives: Independence Day Hindi Poems

शेर अली आफ़रीदी: क्रन्तिकारी देशभक्त मुसलमान

शेर अली आफ़रीदी: क्रन्तिकारी देशभक्त मुसलमान

शेर अली आफ़रीदी (शेर अली आफ़्रीदी), जिन्हें शेरे अली भी कहा जाता है, 8 फरवरी 1872 को भारत के Viceroy Lord Mayo की हत्या के लिए जाने जाते हैं। वह उस समय अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पर कैदी थे, जिन्हें हत्या की सजा सुनाई गई थी। 1869 से भारत के Viceroy Lord Mayo के 6वें Sir Richard Southwell Bourke फरवरी …

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अशफाक उल्ला खां: भारत के अमर शहीद क्रांतिकारी

अशफाक उल्ला खां: भारत के अमर शहीद क्रांतिकारी

अशफाक उल्ला खां: भारत के अमर शहीद क्रांतिकारी – देश में चल रहे आंदोलनों और क्रांतिकारी घटनाओं से प्रभावित अशफाक के मन में भी क्रांतिकारी भाव जागे और उसी समय मैनपुरी षड्यंत्र के मामले में शामिल रामप्रसाद बिस्मिल से हुई और वे भी क्रांति की दुनिया में शामिल हो गए। इसके बाद वे ऐतिहासिक काकोरी कांड में सहभागी रहे और …

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झाँसी की रानी: सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस कविता

Subhadra Kumari Chauhan Veer Ras Hindi Poem झाँसी की रानी

झाँसी की रानी: सुभद्रा कुमारी चौहान की वीर रस कविता – Subhadra Kumari Chauhan has authored a number of popular works in Hindi poetry. Her most famous composition is Jhansi Ki Rani, an emotionally charged poem describing the life of Rani Lakshmi Bai. The poem is one of the most recited and sung poems in Hindi literature. This and her …

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विद्रोह: प्रसिद्ध नारायण सिंह जी की भोजपुरी कविता

विद्रोह - प्रसिद्ध नारायण सिंह

विद्रोह: प्रसिद्ध नारायण सिंह – I recently visited Jhansi and as I am a great admirer or Rani Laxmibai, I went to see her palace, Jhansi Fort and museum. In the museum, I found a very nice poetry book related to the first freedom fight of India in 1857. In this book I found a truly remarkable poem in Bhojpuri, …

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लाल बहादुर शास्त्री: कमला प्रसाद चौरसिया

लाल बहादुर शास्त्री - कमला प्रसाद चौरसिया

लाल बहादुर शास्त्री: बाल-कविता शास्त्री जी के बारे में पैदा हुआ उसी दिन,जिस दिन बापू ने था जन्म लिया।भारत-पाक युद्ध में जिसनेतोड़ दिया दुनिया का भ्रम॥ एक रहा है भारत सब दिन,सदा रहेगा एक।युगों-युगों से रहे हैं इसमेंभाषा-भाव अनेक॥आस्था और विश्वास अनेकों,होते हैं मानव के।लेकिन मानवता मानव कीरही सदा ही नेक॥कद से छोटा था लेकिन थाकर्म से बड़ा महान।हो सकता …

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ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान

देव! तुम्हारे कई उपासक कई ढंग से आते हैं सेवा में बहुमूल्य भेंट वे कई रंग की लाते हैं। धूमधाम से साज-बाज से वे मंदिर में आते हैं मुक्तामणि बहुमुल्य वस्तुऐं लाकर तुम्हें चढ़ाते हैं। ठुकरा दो या प्यार करो: सुभद्रा कुमारी चौहान मैं ही हूँ गरीबिनी ऐसी जो कुछ साथ नहीं लाई फिर भी साहस कर मंदिर में पूजा …

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सिपाही: वीर जवानों की शहादत पर भावुक कर देने वाली कविता

सिपाही: वीर जवानों की शहादत पर भावुक कर देने वाली कविता

अजय देवगन ने ‘मनोज मुंतशिर’ की नई कविता में बयां किया वीर जवानों की शहादत की भावुक कर देने वाली कहानी बॉलीवुड में अपने दमदार अभिनय का लोहा मनवाने वाले एक्टर अजय देवगन इंडस्ट्री के जाने माने एक्टर हैं। अजय ने अपने करियर में अबतक कई तरह के रोल को पर्दे पर जिया है। अजय न सिर्फ एक अच्छे एक्टर …

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जलियाँवाला बाग में बसंत: सुभद्रा कुमारी चौहान कविता

जलियाँवाला बाग में बसंत - सुभद्रा कुमारी चौहान

Jallianwala Bagh (जलियाँवाला बाग) is a public garden in Amritsar, and houses a memorial of national importance, established in 1951 by the Government of India, to commemorate the massacre of peaceful celebrators including unarmed women and children by British occupying forces, on the occasion of the Punjabi New Year (Baisakhi) on 13 April 1919 in the Jallianwala Bagh Massacre. Colonial …

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हमारा देश: Agyeya Desh Prem Hindi Poem about Indian Culture

हमारा देश By Agyeya

हमारा देश: सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ इन्ही तृण – फूस – छप्पर से ढके ढुलमुल गँवारू झोंपड़ों में ही हमारा देश बस्ता है। इन्ही के ढोल – मादल – बांसुरी के उमगते सुर में हुनरी साधना का रस बस्ता है। इन्ही के मर्म को अनजान शहरों की ढकी लोलुप विषैली वासना का सांप डंसता है। इन्ही में लहराती अल्हड़ अपनी …

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पुष्प की अभिलाषा Motivational Desh Prem Poem

Motivational Desh Prem Hindi Poem पुष्प की अभिलाषा - माखनलाल चतुर्वेदी

Here is an old classic, the desire of a flower by Makhanlal Chaturvedi Ji चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि, डाला जाऊँ चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ मुझे तोड़ लेना वनमाली उस पथ पर देना तुम …

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