Tag Archives: Hindi Writer Manjari Shukla

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

बाला की दिवाली: गरीबों की सूनी दिवाली की कहानी

“माँ… पटाखे लेने है मुझे” बाला ने दिवार के कोने में बैठे हुए कहा। “कहाँ से ले दूँ?” बाला की माँ, शांता का तुरंत जवाब आया। “पर दिवाली में तो सब बच्चे पटाखे फोड़ते है” बाला ने एक और कोशिश करते हुए कहा। “हाँ, पर उनके मम्मी पापा के पास पैसे होते है?” माँ ने रस्सी पर कपड़े डालते हुए …

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अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

अंशु की बा: कस्तूरबा गांधी के जीवन से प्रेरित कहानी

“मुझे तो समझ ही नहीं आता कि तुम इतनी दब्बू क्यों हो?” मनीषा ने गुस्से से कहा। “हाँ, जो भी आता है, तुम्हें चार बातें सुना कर चला जाता है” अंकुर ने तुरंत कहा। अंशू सिर झुकाये अपने दोस्तों की बातें चुपचाप सुन रही थी। “अब कुछ बोलोगी भी या नहीं?” मनीषा ने तेज आवाज़ में कहा। “मुझे लगता है …

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न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

न्याय: घर की नौकरानी की रोजमरा के दुखों से टिक-टोक

“पाँच हज़ार रुपये दे दो बाबूजी…” धन्नो बाबूजी के पैरों पर अपना सिर रखे दहाड़े मार कर रो रही थी और बाबूजी निर्विकार भाव से बैठकर पेपर पढ़ रहे थे। रोते-रोते धन्नों की हिचकियाँ बंध गई थी और आँखें सूजकर लाल हो चुकी थी पर बाबूजी किसी बुत की तरह बिना हिले डुले चुपचाप अपनी आरामकुर्सी पर बैठे हुए थे। …

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रिश्ता: बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी

बनते बिगड़ते रिश्तों की अनकही कहानी: रिश्ता

शानू, असलम चाचू आये है जरा दो कप चाय तो बनाकर लाना। “अदरक वाली… कड़क…” असलम चाचा बोले, जिन्हें मैं प्यार से चाचू बोलती थी। “घर में तो अदरक की फैक्टरी लगी है ना… अभी अभी कई देशों में भेजी है हमने…” कहते हुए दादी के पूजा घर में घंटे और घड़ियाल जोरों से घर में बजने लगे थे। मैंने …

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जब उपहार में मिला एक पालतू जानवर: टिक्कू का गिफ़्ट

जब उपहार में मिला एक पालतू जानवर: टिक्कू का गिफ़्ट

“मम्मी मुझे एक छोटा सा बिल्ली का बच्चा चाहिए” आठ साल का टिक्कू मम्मी से लड़ियाता हुआ बोला। मम्मी तुरंत बोली – “बिल्ली सारा दूध पी जाया करेगी”। “पर मम्मी मेरे सभी दोस्तों के पास पालतू जानवर है, मुझे भी एक चाहिए”। मम्मी ने बात बदलते हुए कहा – “जाओ, जल्दी से जाकर पार्क में अपने दोस्तों के साथ खेल …

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वीर राजा की कहानी जो गणित से हार गया: गणित का डर

वीर राजा की कहानी जो गणित से हार गया: गणित का डर

बहुत समय पहले की बात है बुद्धीनगर नाम के राज्य में एक राजा रहा करता था। राज्य के नाम के अनुसार ही वहाँ पर रहने वाले सब बड़े बुद्धिमान थे और किसी भी मुसीबत का हल चुटकियों में निकाल लेते थे। पर बुद्धीनगर का राजा, जिसका नाम तो था वीरसेन, बड़ा डरपोक था। वह अपने नाम के बिलकुल उल्टा था। …

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बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

बच्चों के लिए रोचक हास्यप्रद बाल कहानी: जंपी मेंढक

“दिन भर उछल कूद करते रहते हो। थोड़ी देर शांति से नहीं बैठ सकते” पीहू चिड़िया ने पानी से भीगे हुए पँख फड़फड़ाते हुए कहा। जंपी मेंढक कुछ कहता, इससे पहले ही घोंदू मगरमच्छ बोला – “इसके उछलने कूदने से मैं परेशान हो चुका हूँ। कल तो मेरी आँख ही फूटते हुए बची थी”। जंपी मेंढक सकपकाता हुआ बोला – …

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राजा बन गया बंदर: घमंड में चूर राजा की प्रेरक कहानी

राजा बन गया बंदर

चंद्रपुर देश का राजा चाँदी सिंह दूर-दूर तक अपने सनकीपन के कारण मशहूर था। वह जब भी किसी बात को करने का ठान लेता तो पीछे ना हटता। कई बार तो उसकी मूर्खतापूर्ण बातों पर उसके मंत्री अपने सर पर हाथ रखकर बैठ जाते पर वे उससे कुछ ना कह पाते, क्योंकि चाँदी सिंह से कुछ भी कहने का अर्थ …

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मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

मिट्ठू: बेवजह चिंता जीवन में कायरता और विष भर देती है

अपने बगल में दूसरे तोते का पिंजरा लटका हुआ देख मिट्ठू को बड़ा आश्चर्य हुआ। “मुझे तो किसी ने बताया भी नहीं कि घर में दूसरा तोता आ रहा है” मिट्ठू ने सोचा। तभी सामने से चीनू उछलता कूदता आया और मम्मी से बोला – “मम्मी, मेरा तोता कब आएगा?” “पापा ने बोला है ना आ जाएगा, अब जाओ और …

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जानवरों की हास्यप्रद बाल-कहानी: अप्पू की पेंटिंग

अप्पू की पेंटिंग: जंगल के जानवरों की हास्यप्रद बाल-कहानी

अप्पू हाथी पूरे जंगल में अपना स्टूल लिए घूम रहा था पर मोंटू बन्दर उसे कहीं भी नज़र नहीं आ रहा था। थक हार कर अप्पू एक आम के पेड़ के तने से टिककर बैठ गया। अप्पू के बैठते ही पेड़ इतनी जोर से हिला कि हीरु तोते के हाथ से पका हुआ आम छूटकर सीधे अप्पू के सिर पर …

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