Tag Archives: Hindi Poems on Culture and Traditions

आरती श्री गणेश जी की: Lord Ganesha Aarti in Hindi Language

Lord Ganesha Aarti in Hindi आरती श्री गणेश जी की

आरती श्री गणेश जी की: प्रथम पूज्य भगवान गणेश की आरती, जय गणेश जय गणेश देवा का गायन करने से बुद्धि का विकास होता है और भगवान गणेश का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। गणेशजी की आरती गायन से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में मंगल ही मंगल रहता है। गणेशजी की कृपा बनी रहती है और सुख …

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श्री गणेश चालीसा: Ganesh Chalisa Lyrics in Hindi Language

Lord Ganesha Chalisa in Hindi श्री गणेश चालीसा

Shri Ganesh Chalisa (श्री गणेश चालीसा): Lord Ganesha is the son of Lord Shiva and the Divine Mother Parvati. Ganesh Chalisa (गणेश चालीसा) means “Forty verses (chaupais) on Ganesha. Lord Ganesh removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is an archetype of Wisdom and Beneficence. Ganesha removes all obstacles and ensures success in human endeavors. He is …

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तिरंगा प्यारा: भारतीय ध्वज पर हिंदी कविता

तिरंगा प्यारा: भारतीय ध्वज पर हिंदी कविता

तिरंगा प्यारा! भारत के राष्ट्रीय ध्वज जिसे तिरंगा भी कहते हैं, तीन रंग की क्षैतिज पट्टियों के बीच नीले रंग के एक चक्र द्वारा सुशोभित ध्वज है। इसकी अभिकल्पना पिंगली वैंकैया ने की थी। इसे 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से भारत की स्वतंत्रता के कुछ ही दिन पूर्व 22 जुलाई, 1947 को आयोजित भारतीय संविधान-सभा की बैठक में अपनाया …

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Hindi Poem on Yoga अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून

Hindi Poem on Yoga अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस - 21 जून

Hindi Poem on Yoga: प्राचीन भारतीय परम्परा का एक अमूल्य उपहार, योग है जो शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के सबसे भरोसेमंद साधनों में से एक के रूप में उभरा है। “योग” शब्द संस्कृत मूल युज से लिया गया है जिसका अर्थ है “शामिल होना”, “जुड़ना” या “एकजुट होना”, जो मन और शरीर की एकता, विचार और क्रिया, …

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Yoga Diwas Hindi Poem योग दिवस

Yoga Diwas Hindi Poem योग दिवस

Yoga Diwas Hindi Poem योग दिवस: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को स्वास्थ्य, कल्याण और शांति के लिये योग के लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु मनाया जाता है। उद्देश्य शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, योग को भारत की प्राचीन परंपरा के उपहार के रूप में प्रचारित करना तथा इसके अभ्यास के माध्यम से वैश्विक समरसता एवं शांति को …

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उर्वशी (नर प्रेम – नारी प्रेम): रामधारी सिंह दिनकर

उर्वशी (नर प्रेम - नारी प्रेम): रामधारी सिंह दिनकर

रामधारी सिंह दिनकर साहित्य के वह सशक्त हस्ताक्षर हैं जिनकी कलम में दिनकर यानी सूर्य के समान चमक थी। उनकी कविताएं सिर्फ़ उनके समय का सूरज नहीं हैं बल्कि उसकी रौशनी से पीढ़ियां प्रकाशमान होती हैं। रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (जन्म: 23 सितंबर, 1908, बिहार; मृत्यु: 24 अप्रैल, 1974, तमिलनाडु) हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक, कवि एवं निबंधकार थे। ‘राष्ट्रकवि दिनकर’ आधुनिक …

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हैप्पी न्यू इयर: सरदार टूक टूक

Happy New Year Funny Hindi Poem हैप्पी न्यू इयर

हैप्पी न्यू इयर: सरदार टूक टूक – नव वर्ष का यह उत्सव पूरी दुनिया में बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाता है। सभी लोगों का मानना है कि नया साल हमेशा नई उम्मीदें और खुशियां लेकर आता है। इसलिए सभी लोग नए साल के अवसर पर खुशी से इसका स्वागत करते है। सभी लोग 31 दिसंबर की रात …

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ऐसा नया साल: मनोज भावुक की नव वर्ष के विषय पर बेहतरीन कविता

ऐसा नया साल: मनोज भावुक की नव वर्ष के विषय पर बेहतरीन कविता

ऐसा नया साल: मनोज भावुक (born 2 January 1976) भोजपुरी में लिखने वाले एक भारतीय कवि, अभिनेता, टेलीविजन प्रस्तुतकर्ता और पटकथा लेखक हैं, जो भोजपुरी सिनेमा में सक्रिय हैं। उन्हें फिल्मफेयर और फेमिना भोजपुरी आइकॉन द्वारा “साहित्य में उत्कृष्ट योगदान” की श्रेणी में सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कई पुरस्कृत पुस्तकें लिखी हैं। वह भोजपुरी भाषा और साहित्य को …

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काका की अमरीका यात्रा – काका हाथरसी

काका की अमरीका यात्रा - काका हाथरसी

काका की अमरीका यात्रा काका कवि पाताल को चले तरुण के संग अंग-अंग में भर रहे, हास्य व्यंग के रंग हास्य व्यंग के रंग, प्रथम अमरीका आए नगर-नगर में हंसी-ख़ुशी के फूल खिलाये कविता सुनकर मस्त हो गए सबके चोला कोका-कोला पर चढ़ बैठा काका-कोला। ठहरे जिन-जिन घरों में, दिखे अनोखे सीन बाथरूम में भी वहां, बिछे हुए कालीन बिछे …

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खुशियों के त्यौहार Bal Kavita on Indian Festivals

Bal Kavita on Indian Festivals खुशियों के त्यौहार

खुशियों के त्यौहार: भारत त्‍यौहार और मेलों का देश है। वस्‍तुत: वर्ष के प्रत्‍येक दिन उत्‍सव मनाया जाता है। पूरे विश्‍व की तुलना में भारत में अधिक त्‍यौहार मनाए जाते हैं। प्रत्‍येक त्‍यौहार अलग अवसर से संबंधित है, कुछ वर्ष की ऋतुओं का, फसल कटाई का, वर्षा ऋतु का अथवा पूर्णिमा का स्‍वागत करते हैं। दूसरों में धार्मिक अवसर, ईश्‍वरीय …

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