Tag Archives: Helplessness Poems for Students

अपने ही मन से कुछ बोलें: अटल की आत्म चिंतन कविता

अपने ही मन से कुछ बोलें - अटल बिहारी वाजपेयी

Atal Jis poems have special significance. He was leader of a country of one billion people; a seasoned politician who would have seen all that is to be seen on this earth. It is admirable that he retained the sensitivity of heart as a poet too, a member of the rare breed of philosopher kings. I was specially moved by …

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हिंदूवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता

हिंदुवादी पीएम नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता

हिंदूवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वीर रस कविता: गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर (Twitter) पर भी वे सबसे ज्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं। उन्हें ‘नमो’ नाम से भी जाना जाता है। TIME …

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आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी

आओ तुम्हें बताऊ के माँ क्या हैं - कैफ़ी आज़मी Hindi Film Song on Mother

आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है: कैफ़ी आज़मी आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ क्या है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है माँ एक ज्योति जीवन है बाकी सब अन्धियारा है साच्ची उसके दुनिया में भगवान ने प्यार उतारा है माँ का दूजा नाम है प्यार मेरे साथी मेरे यार आओ आओ तुम्हे बताऊ के माँ …

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अकाल और उसके बाद: भुखमरी की समस्या पर कविता

This poem is of the era when food scarcity and droughts were chronic problems in India. The joy of getting some grains and cooking food after days without food can be imagined. It would have been celebrated not only by humans but the tiny animal life that lurked around. Enjoy this classic short poem by Nagarjun. अकाल और उसके बाद: …

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नया तरीका: नागार्जुन की सरकारी घपलेबाजी पर कविता

नया तरीक़ा - नागार्जुन

नागार्जुन का वास्तविक नाम वैद्यनाथ मिश्र है। वे शुरूआती दिनों में यात्री उपनाम से भी रचनाएं लिखते रहे हैं। नागार्जुन एक कवि होने के साथ-साथ उपन्यासकार और मैथिली के श्रेष्ठ कवियों में जाने जाते हैं। ये वामपंथी विचारधारा के एक महान कवि हैं। इनकी कविताओं में भारतीय जन-जीवन की विभिन्न छवियां अपना रूप लेकर प्रकट हुई हैं। कविता की विषय-वस्तु …

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मजदूर दिवस पर हिंदी कविता: मैं एक मजदूर हूं

मजदूर दिवस पर हिंदी कविता - मैं एक मजदूर हूं

विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस “1 मई” के दिन मनाया जाता है। किसी भी देश की तरक्की उस देश के किसानों तथा कामगारों (मजदूर / कारीगर) पर निर्भर होती है। एक मकान को खड़ा करने और सहारा देने के लिये जिस तरह मजबूत “नीव” की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, ठीक वैसे ही किसी समाज, देश, उद्योग, संस्था, व्यवसाय को …

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Naqsh Faryadi: Mirza Ghalib Urdu Ghazal Lyrics

Naqsh Faryadi - Mirza Ghalib

Naqsh Faryadi: Mirza Ghalib – Urdu Script نقش فریادی ہے کس کی شوخیِ تحریر کا کاغذی ہے پیرہن ہر پیکرِ تصویر کا کاو کاوِ سخت جانیہاۓ تنہائی نہ پوچھ صبح کرنا شام کا لانا ہے جوۓ شیر کا جذبۂ بے اختیارِ شوق دیکھا چاہیے سینۂ شمشیر سے باہر ہے دم شمشیر کا آگہی دامِ شنیدن جس قدر چاہے بچھائے مدّعا …

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जानते हो क्या क्या छोड़ आये: राज कुमार

जानते हो क्या क्या छोड़ आये: राज कुमार

Dr. Raj Kumar is a retired Indian professor of psychiatry. He is also a poet of an era bygone. I enjoyed hearing some of his poems in person. Here is a sample poem that exhorts those who left home in pursuit of riches, to return home. एक चिट्ठी, कुछ तस्वीरें लाया हूँ देखोगे? दिखलाऊँ? बूझोगे? बतलाऊँ? जानते हो क्या क्या …

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हल्दीघाटी: पंचदश सर्ग – श्याम नारायण पाण्डेय

हल्दीघाटी: पंचदश सर्ग - श्याम नारायण पाण्डेय

Shyam Narayan Pandey (1907 – 1991) was an Indian poet. His epic Jauhar, depicting the self-sacrifice of Rani Padmini, a queen of Chittor, written in a folk style, became very popular in the decade of 1940-50. पंचदश सर्ग: सगपावस बीता पर्वत पर नीलम घासें लहराई। कासों की श्वेत ध्वजाएं किसने आकर फहराई? ॥१॥ नव पारिजात–कलिका का मारूत आलिंगन करता कम्पित–तन …

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