कर्दमेश्वर महादेव मंदिर, वाराणसी: Kardameshwar Mahadev Temple

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर, वाराणसी: Kardameshwar Mahadev Temple

उत्तर प्रदेश के काशी में स्थित कर्दमेश्वर मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर कंदवा गांव में स्थित है जो वाराणसी के दक्षिणी छोर पर है। मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में गढ़वाल राजाओं द्वारा किया गया था।

मंदिर का नाम कर्दम ऋषि के नाम पर रखा गया है जिन्होंने इसी स्थान पर तपस्या की और एक पुत्र पाने का वरदान भगवान शिव से प्राप्त किया था। मंदिर में एक सपाट शिवलिंग है, जो कर्दम ऋषि द्वारा स्थापित किया गया था। मंदिर को काशी के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। कंदवा गांव में स्थित होने के कारण इस मंदिर को कंदवा महादेव के नाम से जाना जाता है।

इस मंदिर में कर्दम ऋषि ने शिवलिंग की स्थापना की थी। इसलिए इस मंदिर का नाम कर्दमेश्वर पड़ा। मंदिर में एक बड़ा कुंड भी है। जिसका नाम कर्दम कुंड है। मान्यता है कि इस सरोवर का निर्माण कर्दम ऋषि के आंसूओं से हुआ था।
इस मंदिर में कर्दम ऋषि ने शिवलिंग की स्थापना की थी। इसलिए इस मंदिर का नाम कर्दमेश्वर पड़ा। मंदिर में एक बड़ा कुंड भी है। जिसका नाम कर्दम कुंड है। मान्यता है कि इस सरोवर का निर्माण कर्दम ऋषि के आंसूओं से हुआ था।

This present temple structure was built in the 12th century by the Garhwal Rulers in Nagar style of architecture which has idols of many deities such as Adhnareshwar, Brahma, Vishnu, Uma Maheswar, Balram-Revati  and Nagas too. Adjacent Kund (Pond) was built by Rani Bhawani Queen of Bengal in 18th Century CE.

नागर स्थापत्य कला:

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर नागर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मंदिर पंचरथ शैली में बना है।

मंदिर में एक ही चबूतरा है। जिस पर गर्भगृह, प्रदक्षिणा पथ, अंतराल, महामंडप तथा अर्द्धमंडप स्थापित हैं।

Name: मोतीश्वर महादेव मंदिर, मस्कट, ओमान (Shri Kardameshwar Mahadev Temple)
Location: Vaishno Nagar Colony, Varanasi, Kanchanpur, Uttar Pradesh 221106 India
Deity: Lord Shiva
Affiliation: Hinduism
Festivals: Mahashivratri
Created In: 12th century

पूर्व मुखी है मंदिर:

कर्दमेश्वर महादेव मंदिर पूर्व मुखी है। इस मंदिर में कर्दम ऋषि ने शिवलिंग की स्थापना की थी इसलिए इसका नाम कर्दमेश्वर पड़ा। मंदिर में एक बड़ा कुंड भी है जिसका नाम कर्दम कुंड है।

Located at the South end of the city, near Kandwa pokhra, there is this very ancient Shiva Temple known as Kardmeshwar Mahadev Mandir
Located at the South end of the city, near Kandwa pokhra, there is this very ancient Shiva Temple known as Kardmeshwar Mahadev Mandir

मान्यता है कि इस सरोवर का निर्माण कर्दम ऋषि के आंसुओं से हुआ था। ऐतिहासिक साक्ष्यों की बात करें तो कुंड का निर्माण बंगाल की रानी भवानी ने 18वीं शताब्दी में कराया था।

पंचकोसी यात्रा का पहला पड़ाव:

यह दिव्य स्थल कर्दम ऋषि की तपोस्थली है। बनारस की प्रसिद्ध पंचकोसी यात्रा के पथ का यह पहला पड़ाव है।

मंदिर की बाहरी दीवारों पर हिन्दू देवताओं की रेवती, बलराम, ब्रह्मा, विष्णु, नटेश शिव, महिषासुर मर्दिनी, उमा माहेश्वर, नाग-नागी, गजांतक शिव, दशावतार पट्ट आदि कई बेहद सुंदर मूर्तियां उत्कीर्ण हैं।

Check Also

Avatar: Fire and Ash-2025 American Epic Science Fiction Film Trailer & Review

Avatar: Fire and Ash-2025 American Epic Science Fiction Film Trailer & Review

Movie Name: Avatar: Fire and Ash Directed by: James Cameron Starring: Sam Worthington, Zoe Saldaña, …