‘गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब’: गुरु नानक देव जी के सत्य, प्रेम, भाईचारे के संदेश का केन्द्र और चमत्कारी जलस्रोत
कर्नाटक राज्य के बीदर जिले में स्थित गुरुद्वारा झीरा साहिब सिख धर्म के महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है। यह गुरुद्वारा विशेष रूप से गुरु नानक देव जी से जुड़ा है और यह उनकी यात्रा के दौरान की एक महत्वपूर्ण घटना की याद दिलाता है।
Gurudwara Sri Nanak Jhira Sahib, Bidar
| Name: | गुरु नानक झीरा साहिब (Gurudwara Sri Nanak Jhira Sahib, Bidar) |
| Location: | Gurudwara Nanak Jhira, Shiva Nagar, Bidar, Karnataka 585401 India |
| Guru: | Guru Nanak |
| Affiliation: | Sikhism |
| Architecture: | Sikh architecture |
| Festivals: | Guru Nanak Jayanti |
| Date established: | 1948 |
इतिहास:
अपनी दूसरी उदासी के दौरान, पहले सिख गुरु, गुरु नानक देव जी ने नर्मदा नदी के किनारे स्थित प्राचीन ओंकारेश्वर मंदिर का दर्शन किया। अपनी यात्रा जारी रखते हुए वह नागपुर और खंडवा से होते हुए नांदेड़ पहुंचे। वहां से वह हैदराबाद और गोलकोंडा की ओर बढ़े, जहां उन्होंने कई मुस्लिम संतों से भेंट की। इसके बाद, वह कर्नाटक में बीदर पहुंचे।

गुरु नानक देव जी अपने प्रिय साथी भाई मर्दाना जी के साथ बीदर के बाहरी क्षेत्र में रुके, जहां आज गुरुद्वारा नानक झीरा साहिब स्थित है। उनके ठहरने के स्थान के पास ही मुस्लिम फकीरों का एक समुदाय रहता था, जो उनकी दिव्य शिक्षाओं को सुनने के लिए उत्सुक था। जैसे ही गुरु जी के आगमन की खबर फैली, दूर-दूर से संत और श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बीदर आने लगे।
उस समय बीदर में पीने के पानी की भारी कमी थी। लोगों ने कई बार कुएं खोदने की कोशिश की, लेकिन उन्हें केवल खारा और अनुपयोगी पानी ही प्राप्त होता था। गुरु नानक देव जी ने इस कठिनाई को देखा, तो उन्होंने परमात्मा का नाम जपते हुए अपने दिव्य प्रेम से प्रेरित होकर पहाड़ी पर अपने चरण से एक पत्थर हटाया। देखते ही देखते, वहां से शीतल और मीठे जल का झरना बहने लगा।
इस चमत्कारी जलस्रोत को बाद में ‘नानक झीरा‘ के नाम से जाना जाने लगा। इस पवित्र स्थल पर झरने के पास बाद में भव्य गुरुद्वारा स्थापित किया गया। झरने का पानी अब एक सुंदर संगमरमर के बने अमृत कुंड में एकत्र किया जाता है।

गुरु नानक देव जी ने यहां लोगों को सत्य, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि सच्ची पूजा और ईश्वर की सेवा के लिए मनुष्य को अपने अंदर के झूठ, अहंकार और द्वेष को छोड़ना चाहिए।
गुरुद्वारा झीरा साहिब उन सिद्धांतों का प्रतीक है, जिनका पालन गुरु नानक देव जी ने किया सच्चा कर्म, ईश्वर की भक्ति, और मानवता की सेवा। यहां श्रद्धालु गुरु नानक जी के जीवन और उपदेशों को याद करते हैं।
गुरुद्वारा झीरा साहिब बीदर शहर के जिस इलाके में स्थित है उसकी प्राकृतिक सुंदरता के बीच यह एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता है।
यह स्थल भारतीय संस्कृति और इतिहास का भी अहम हिस्सा है। गुरुद्वारे के आसपास के क्षेत्र में घने बाग, हरियाली और सौम्य वातावरण है, जो इस स्थल को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक आदर्श जगह बनाते हैं।
कैसे पहुंचें:
गुरुद्वारे में रहने के लिए सुंदर कमरे हैं और लंगर चलता रहता है। नांदेड़ (महाराष्ट्र) से बीदर 4 घंटे का सफर है। बीदर का निकटतम हवाई अड्डा हैदराबाद (तेलंगाना) में है, जो लगभग 140 किलोमीटर दूर है। बीदर में रेलवे स्टेशन है। स्टेशन से गुरुद्वारे की दूरी लगभग 3-4 किलोमीटर है। बीदर सडक मार्ग से भी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।
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