मृत्यु: 6 जुलाई 2002
कार्य / व्यवसाय: उद्योगपति, रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक
धीरजलाल हिराचंद अम्बानी (धीरूभाई अम्बानी) एक प्रसिद्ध भारतीय व्यवसायी थे जिन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की। धीरुभाई की कहानी एक छोटे व्यापारी से बहुत बड़े व्यावसायिक टाइकून बनने की कहानी है। कई लोग अंबानी के अभूतपूर्व विकास के लिए सत्तारूढ़ राजनीतिज्ञों तक उनकी पहुँच को मानते हैं। उन्होंने मात्र हाईस्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की थी पर अपने दृढ-संकल्प के बूते उन्होंने स्वयं का विशाल व्यापारिक और औद्योगिक साम्राज्य स्थापित किया। सिर्फ तीन दशकों में ही उन्होंने अपने छोटे से कारोबार को एक विशाल औद्योगिक कंपनी में बदल डाला।
- एक दिन धीरुभाई चला जायेगा। लेकिन रिलायंस के कर्मचारी और शेयर धारक इसे चलाते रहेंगे। रिलायंस अब एक विचार है, जिसमे अम्बानियों का कोई अर्थ नहीं है।
- बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे सोचो। विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है।
- हमारे स्वप्न विशाल होने चाहिए। हमारी महत्त्वाकांक्षा ऊँची होनी चाहिए। हमारी प्रतिबद्धता गहरी होनी चाहिए और हमारे प्रयत्न बड़े होने चाहिए। रिलायंस और भारत के लिए यही मेरा सपना है।
- हम अपने शासकों को नहीं बदल सकते पर जिस तरह वो हम पर शासन करते हैं उसे बदल सकते हैं।
- फायदा कमाने के लिए न्योते की ज़रुरत नहीं होती।
- रिलायंस में विकास की कोई सीमा नहीं है। मैं हमेशा अपना वीज़न दोहराता रहता हूँ। सपने देखकर ही आप उन्हें पूरा कर सकते हैं।
- यदि आप दृढ संकल्प और पूर्णता के साथ काम करेंगे तो सफलता ज़रूर मिलेगी।
- कठिन समय में भी अपने लक्ष्य को मत छोड़िये और विपत्ति को अवसर में बदलिए।
- युवाओं को एक अच्छा वातावरण दीजिये। उन्हें प्रेरित कीजिये। उन्हें जो चाहिए वो सहयोग प्रदान कीजिये। उसमे से हर एक आपार उर्जा का श्रोत है। वो कर दिखायेगा।
- मेरे भूत , वर्तमान और भविष्य के बीच एक आम कारक है: रिश्ते और विश्वास। यही हमारे विकास की नीव हैं।
- समय सीमा पर काम ख़तम कर लेना काफी नहीं है, मैं समय सीमा से पहले काम ख़तम होने की अपेक्षा करता हूँ।
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