
रंग-बिरंगे गुब्बारे,
लगते प्यारे प्यारे।
कोई लम्बा कोई गोल,
कोई मोटा जैसे ढोल।
गैस भरा उड़ जाता जो,
वापिस कभी न आता वो।
मम्मी पूरे घर में सजा दो,
ढेर गुब्बारे मुझे दिला दो।

रंग-बिरंगे गुब्बारे,
लगते प्यारे प्यारे।
कोई लम्बा कोई गोल,
कोई मोटा जैसे ढोल।
गैस भरा उड़ जाता जो,
वापिस कभी न आता वो।
मम्मी पूरे घर में सजा दो,
ढेर गुब्बारे मुझे दिला दो।
भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है और उन गांवों की आत्मा वहां स्थित …