लाला जी ने केला खाया,केला खाकर मुँह बिचकाया।
मुँह बिचकाकर तोंद फुलाई,
तोंद फुलाकर छड़ी उठाई।
छड़ी उठाकर कदम बढ़ाया,
कदम के नीचे छिलका आया।
लाला जी तब गिरे धड़ाम,
मुँह से निकला हाय राम !
लाला जी ने केला खाया,मुँह बिचकाकर तोंद फुलाई,
तोंद फुलाकर छड़ी उठाई।
छड़ी उठाकर कदम बढ़ाया,
कदम के नीचे छिलका आया।
लाला जी तब गिरे धड़ाम,
मुँह से निकला हाय राम !
Women’s Day Special: Cinema, much like our society, has been traditionally biased in favor of …