लाने आम
घर से निकले
बुद्धूराम
नहीं लिया हाथों में छाता
गर्म हो गया उनका माथा
दौड़े दौड़े घर को आए
पानी डाला खूब नहाए
फिर वो बोले
हे भगवान
कैसे लाऊं
अब मैं आम?
नहीं लिया हाथों में छाता
गर्म हो गया उनका माथा
दौड़े दौड़े घर को आए
पानी डाला खूब नहाए
फिर वो बोले
हे भगवान
कैसे लाऊं
अब मैं आम?
भारत की आत्मा उसके गांवों में बसती है और उन गांवों की आत्मा वहां स्थित …