मेरी बिल्ली आंछी-आंछी,अरे हो गया उसे जुकाम।
जा चूहे ललचा मत जी को,
करने दो उसको आराम।
दूध नहीं अब चाय चलेगी,
थोड़ा हलुवा और दवाई।
लग ना जाए आंछी हमको,
ध्यान रखेंगे अपना भाई।
मेरी बिल्ली आंछी-आंछी,जा चूहे ललचा मत जी को,
करने दो उसको आराम।
दूध नहीं अब चाय चलेगी,
थोड़ा हलुवा और दवाई।
लग ना जाए आंछी हमको,
ध्यान रखेंगे अपना भाई।
Women’s Day Special: Cinema, much like our society, has been traditionally biased in favor of …