आग बुझाने में कौन-सी 'गैस' काम आती है?

आग बुझाने में कौन-सी ‘गैस’ काम आती है?

आग लगना कभी भी और कहीं भी हो सकता है। ऐसे में यदि हमें यह पता हो कि आग बुझाने में कौन-सी गैस काम आती है, तो हम समय रहते बड़ी दुर्घटनाओं से बच सकते हैं। कई बार लोग आग पर पानी डाल देते हैं, जबकि हर आग पानी से नहीं बुझती।

आग बुझाने में कौन-सी ‘गैस’ काम आती है?

आग जलने का विज्ञान

आग के जलने के लिए तीन चीज़ों की आवश्यकता होती है – ऑक्सीजन, ईंधन और गर्मी। यदि इन तीनों में से किसी एक को हटा दिया जाए, तो आग अपने आप बुझ जाती है। इसी सिद्धांत पर फायर फाइटिंग आधारित होती है। आग बुझाने के प्रयासों में मुख्य उद्देश्य यह होता है कि आग को ऑक्सीजन से काट दिया जाए, ताकि उसका जलना बंद हो जाए।

कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग

आग बुझाने में सबसे अधिक उपयोग की जाने वाली गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। यह गैस आग को घेरकर ऑक्सीजन की सप्लाई रोक देती है, जिससे आग की प्रक्रिया बंद हो जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड की खास बात यह है कि यह न तो ज्वलनशील होती है और न ही कोई नुकसान पहुँचाती है। इसी कारण इसका प्रयोग इलेक्ट्रिकल और केमिकल आग बुझाने में अधिक किया जाता है।

जब कार्बन डाइऑक्साइड को आग पर छोड़ा जाता है, तो यह आसपास की गर्मी को सोख लेती है और ऑक्सीजन को बाहर कर देती है। इससे आग का तापमान कम हो जाता है और वह बुझ जाती है। यही कारण है कि कार्बन डाइऑक्साइड वाले फायर एक्सटिंग्विशर लगभग हर ऑफिस, स्कूल और फैक्ट्री में लगाए जाते हैं।

किन आगों में प्रभावी नहीं

कार्बन डाइऑक्साइड गैस इलेक्ट्रिकल और केमिकल आग में बहुत प्रभावी होती है, लेकिन तेल या लकड़ी जैसी आग में यह उतनी असरदार नहीं होती। ऐसे मामलों में फोम, पानी या सूखे पाउडर वाले फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग किया जाता है। इसलिए फायर सेफ्टी में हर प्रकार की आग के लिए अलग-अलग उपकरण तैयार रखे जाते हैं।

नाइट्रोजन गैस

आग बुझाने में नाइट्रोजन गैस को भी प्रभावी माना जाता है। यह गैस ऑक्सीजन को हटाने के साथ-साथ आग का तापमान भी घटा देती है, जिससे आग जल्दी बुझ जाती है।

Check Also

Environment Quotes in Hindi पर्यावरण पर अनमोल विचार

पर्यावरण पर अनमोल विचार विद्यार्थियों के लिए

पर्यावरण पर अनमोल विचार विद्यार्थियों और बच्चों के लिए: एक स्वच्छ वातावरण एक शांतिपूर्ण और …